CTET Paper I गणित: द्विविमीय आकृतियाँ और सममिति — Class 1-5 शिक्षक परीक्षा
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अवधारणा
देखो — CTET Paper I में "द्विविमीय आकृतियाँ और सममिति" से हर साल 2-3 प्रश्न आते हैं। यह topic सुनने में आसान लगता है, लेकिन परीक्षा में जो trap रखी जाती है वह यह है कि अधिकांश उम्मीदवार सममिति रेखाओं की गिनती में गलती करते हैं — खासकर समचतुर्भुज और समांतर चतुर्भुज में।
द्विविमीय आकृति क्या है? कोई भी समतल (flat) आकृति जिसकी केवल लंबाई और चौड़ाई हो, ऊँचाई नहीं — वह द्विविमीय (2D) आकृति है। कागज पर बनी हर आकृति 2D है।
सममिति क्या है? कल्पना करो कि तुम एक आकृति को एक रेखा के साथ मोड़ते हो और दोनों आधे हिस्से बिल्कुल एक-दूसरे पर फिट बैठ जाते हैं — जैसे दर्पण में प्रतिबिंब। यही परावर्ती सममिति (reflective symmetry) है और वह रेखा सममिति रेखा (line of symmetry) कहलाती है।
एक सरल उदाहरण: मनुष्य का चेहरा लगभग सममित है — नाक के बीच से खींची गई ऊर्ध्वाधर रेखा बायाँ और दायाँ आधा एक जैसा बनाती है। यही सिद्धांत 2D आकृतियों पर लागू होता है।
घूर्णन सममिति (rotational symmetry) अलग है — यहाँ आकृति को उसके केंद्र के चारों ओर घुमाया जाता है, और यदि 360° से पहले आकृति अपने मूल स्वरूप जैसी दिखे, तो वह घूर्णन सममिति है। जितनी बार 360° में यह होता है, उतनी उसकी कोटि (order) होती है।
CTET में यह topic इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि Class 1-5 के बच्चों को ये अवधारणाएँ सिखाने के लिए शिक्षक को खुद इनमें पूरी स्पष्टता होनी चाहिए।
गहन विश्लेषण
प्रमुख 2D आकृतियों की सममिति रेखाओं की तालिका
यह तालिका याद कर लो — परीक्षा में सीधे यहीं से प्रश्न आते हैं:
| आकृति | सममिति रेखाओं की संख्या | घूर्णन सममिति की कोटि |
|---|---|---|
| वृत्त | अनंत (∞) | अनंत |
| वर्ग | 4 | 4 |
| आयत (वर्ग नहीं) | 2 | 2 |
| समबाहु त्रिभुज | 3 | 3 |
| समद्विबाहु त्रिभुज | 1 | 1 |
| विषमबाहु त्रिभुज | 0 | 1 |
| नियमित षट्भुज | 6 | 6 |
| समचतुर्भुज (वर्ग नहीं) | 2 | 2 |
| आयत (= समांतर चतुर्भुज का विशेष रूप) | 2 | 2 |
| साधारण समांतर चतुर्भुज | 0 | 2 |
| पतंग (kite) | 1 | 1 |
| समलंब चतुर्भुज (isosceles trapezium) | 1 | 1 |
| साधारण समलंब | 0 | 1 |
सममिति रेखाएँ पहचानने के नियम
नियम 1 — नियमित बहुभुज का नियम:
नियमित n-भुज (जिसकी सभी भुजाएँ और कोण बराबर हों) में ठीक n सममिति रेखाएँ और n कोटि की घूर्णन सममिति होती है।
उदाहरण: नियमित पंचभुज → 5 सममिति रेखाएँ, कोटि 5
नियम 2 — चतुर्भुजों के लिए विशेष ध्यान:
- वर्ग: 4 सममिति रेखाएँ — 2 विकर्ण + 2 भुजाओं के मध्यबिंदु
- आयत: 2 सममिति रेखाएँ — केवल भुजाओं के मध्यबिंदुओं को जोड़ने वाली। ध्यान रखो: आयत के विकर्ण सममिति रेखाएँ नहीं हैं।
- समचतुर्भुज: 2 सममिति रेखाएँ — केवल दोनों विकर्ण। ध्यान रखो: भुजाओं के मध्यबिंदुओं को जोड़ने वाली रेखाएँ सममिति रेखाएँ नहीं हैं।
- समांतर चतुर्भुज: 0 सममिति रेखाएँ — लेकिन कोटि 2 की घूर्णन सममिति है।
यहाँ सबसे बड़ी परीक्षा-trap है: समचतुर्भुज और आयत की सममिति रेखाएँ अलग-अलग तरह की हैं — इन्हें आपस में मत मिलाओ।
षट्भुज को त्रिभुजों में बाँटना
नियमित षट्भुज के केंद्र से सभी 6 शीर्षों तक रेखाएँ खींचो। इससे 6 त्रिभुज बनते हैं। क्यों?
- केंद्रीय कोण = {360°6}=60°
- प्रत्येक त्रिभुज में दो भुजाएँ केंद्र से शीर्ष तक जाती हैं (बराबर, क्योंकि षट्भुज नियमित है)
- तीसरी भुजा षट्भुज की एक भुजा है (जो सभी बराबर हैं)
- इसलिए तीनों भुजाएँ बराबर → समबाहु त्रिभुज
परिणाम: 6 सर्वांगसम समबाहु त्रिभुज
घूर्णन सममिति की गणना
घूर्णन सममिति की कोटि = {न्यूनतमघूर्णनकोण}360°
उदाहरण:
- वर्ग: 90°360°=4 (हर 90° पर अपने जैसा दिखता है)
- नियमित षट्भुज: 60°360°=6
- समांतर चतुर्भुज: 180°360°=2
महत्वपूर्ण: हर आकृति की घूर्णन सममिति की कोटि कम से कम 1 होती है (360° पर)। इसलिए "घूर्णन सममिति नहीं है" कहना गलत है — सही कहना होगा "कोटि 1 है"।
कागज मोड़ने और परतें
एक आकृति को एक सममिति रेखा पर मोड़ने से 2 परतें बनती हैं।
- दो बार मोड़ने पर → 22=4 परतें
- तीन बार मोड़ने पर → 23=8 परतें
शॉर्टकट और युक्तियाँ
नियमित n-भुज के लिए सममिति रेखाएँ = n, घूर्णन सममिति की कोटि = n।
जब भी "नियमित" शब्द प्रश्न में हो, तुरंत n गिनो और दोनों उत्तर एक साथ मिल जाएंगे। उदाहरण: नियमित अष्टभुज → 8 सममिति रेखाएँ, कोटि 8।
सामान्य तरीका: हर रेखा अलग-अलग जाँचना (60 सेकंड) बनाम N=N नियम (5 सेकंड)।
चतुर्भुजों के लिए दो प्रकार की रेखाएँ होती हैं — विकर्ण और मध्यरेखाएँ (भुजाओं के मध्यबिंदुओं को जोड़ने वाली)।
याद करो:
- समचतुर्भुज: विकर्ण ✓, मध्यरेखाएँ ✗
- आयत: विकर्ण ✗, मध्यरेखाएँ ✓
- वर्ग: दोनों ✓ (इसीलिए 4 रेखाएँ)
इस pattern से विकल्पों में से 2 options तुरंत eliminate हो जाते हैं। 4 विकल्पों में से सीधे सही उत्तर → 10 सेकंड।
"समांतर चतुर्भुज में सममिति रेखाएँ" वाले प्रश्न में options में 2 देखकर हाथ मत लगाओ।
साधारण समांतर चतुर्भुज (जो आयत या समचतुर्भुज नहीं) → सममिति रेखाएँ = 0।
लेकिन घूर्णन सममिति की कोटि = 2 (180° पर)।
प्रश्न ध्यान से पढ़ो — "सममिति रेखाएँ" और "घूर्णन सममिति की कोटि" अलग-अलग हैं। यह trap 40% उम्मीदवारों को फँसाती है।
पतंग (kite) और समद्विबाहु त्रिभुज — दोनों में ठीक 1 सममिति रेखा होती है।
दोनों में एक विशेष axis होता है जो असमान भुजाओं के बीच से गुजरता है। जब भी इन दोनों का प्रश्न हो, बिना सोचे उत्तर 1 लिखो।
4 विकल्पों में से उत्तर ढूँढने का समय: 5 सेकंड।
n बार मोड़ने पर परतें = 2n।
- 1 बार → 2 परतें
- 2 बार → 4 परतें
- 3 बार → 8 परतें
प्रश्न में "एक बार मोड़ा" दिखे तो तुरंत 2 लिखो। "दो बार मोड़ा" दिखे तो 4। गणना की ज़रूरत नहीं — 3 सेकंड।
तेज़-समाधान रूपरेखा
परीक्षा में "सममिति रेखाएँ" वाला प्रश्न देखो तो यह क्रम अपनाओ:
चरण 1: क्या आकृति "नियमित" है? यदि हाँ → सममिति रेखाएँ = n (भुजाओं की संख्या)। काम खत्म।
चरण 2: यदि नियमित नहीं, तो आकृति पहचानो:
- वृत्त → अनंत
- वर्ग → 4
- आयत / समचतुर्भुज → 2
- समद्विबाहु त्रिभुज / पतंग / isosceles trapezium → 1
- विषमबाहु त्रिभुज / साधारण समांतर चतुर्भुज / साधारण समलंब → 0
चरण 3: यदि "घूर्णन सममिति की कोटि" पूछी हो → {न्यूनतमघूर्णनकोण}360° या नियमित बहुभुज के लिए = n।
चरण 4: यदि षट्भुज को त्रिभुजों में बाँटने का प्रश्न हो → केंद्र से शीर्ष तक रेखाएँ = n त्रिभुज।
चरण 5: यदि कागज मोड़ने का प्रश्न हो → परतें = 2{मोड़ोंकीसंख्या}।
इस framework से कोई भी 2D सममिति प्रश्न 30 सेकंड में हल होना चाहिए।
हल किए गए PYQs
क्यों यह प्रश्न: षट्भुज को त्रिभुजों में बाँटना CTET में बार-बार आता है — यह geometry और संख्या-बोध दोनों को एक साथ जाँचता है।
A regular hexagon is divided into equilateral triangles by drawing all its diagonals from the centre. How many equilateral triangles are formed?
एक नियमित षट्भुज को उसके केंद्र से सभी विकर्ण खींचकर समबाहु त्रिभुजों में बाँटा जाता है। कितने समबाहु त्रिभुज बनते हैं?
- 4
- 12
- 8
- 6
- 4
- 12
- 8
- 6
Solutionसमाधान
When all radii (lines from centre to each vertex) of a regular hexagon are drawn, they divide it into 6 congruent equilateral triangles, since each central angle is 360°/6 = 60° and all sides are equal.
जब नियमित षट्भुज के केंद्र से सभी शीर्षों तक रेखाएँ खींची जाती हैं, तो 6 सर्वांगसम समबाहु त्रिभुज बनते हैं, क्योंकि प्रत्येक केंद्रीय कोण 360°/6 = 60° होता है और सभी भुजाएँ समान होती हैं।
समाधान का रास्ता: षट्भुज के 6 शीर्ष हैं। केंद्र से हर शीर्ष तक रेखा खींचो। कुल {360°6}=60° का प्रत्येक केंद्रीय कोण, और चूँकि षट्भुज की सभी भुजाएँ बराबर हैं, सभी 6 त्रिभुज समबाहु हैं। उत्तर: 6।
क्यों यह प्रश्न: आयत की सममिति रेखाएँ — विकर्ण को सममिति रेखा मानना CTET का सबसे पुराना trap है।
A rectangle has length 10 cm and breadth 6 cm. How many lines of symmetry does it have?
एक आयत की लंबाई 10 cm और चौड़ाई 6 cm है। इसमें कितनी सममिति रेखाएँ हैं?
- 1
- 4
- 2
- 0
- 1
- 4
- 2
- 0
Solutionसमाधान
A rectangle (which is not a square) has exactly 2 lines of symmetry: one joining the midpoints of the longer sides and one joining the midpoints of the shorter sides. Its diagonals are NOT lines of symmetry because folding along a diagonal does not produce mirror-image halves.
एक आयत (जो वर्ग नहीं है) में ठीक 2 सममिति रेखाएँ होती हैं: एक लंबी भुजाओं के मध्यबिंदुओं को जोड़ती है और एक छोटी भुजाओं के मध्यबिंदुओं को जोड़ती है। आयत के विकर्ण सममिति रेखाएँ नहीं होते क्योंकि विकर्ण पर मोड़ने से दर्पण-प्रतिबिंब अर्ध-भाग नहीं बनते।
समाधान का रास्ता: आयत की मध्यरेखाएँ = 2 (लंबाई-वार और चौड़ाई-वार)। विकर्ण पर मोड़ो तो दोनों आधे त्रिभुज एक-दूसरे पर फिट नहीं बैठते (लंबाई ≠ चौड़ाई)। इसलिए विकर्ण सममिति रेखाएँ नहीं। उत्तर: 2।
क्यों यह प्रश्न: समद्विबाहु त्रिभुज की सममिति — Class 1-5 पाठ्यपुस्तकों में यह अवधारणा सीधे है, लेकिन परीक्षार्थी 2 या 3 चुन लेते हैं।
An isosceles triangle has a base of 8 cm and two equal sides of 6 cm each. How many lines of symmetry does it have?
एक समद्विबाहु त्रिभुज का आधार 8 cm और दो समान भुजाएँ प्रत्येक 6 cm हैं। इसमें कितनी सममिति रेखाएँ हैं?
- 0
- 3
- 2
- 1
- 0
- 3
- 2
- 1
Solutionसमाधान
An isosceles triangle has exactly 1 line of symmetry. This line passes through the apex (the vertex between the two equal sides) and the midpoint of the base, bisecting the triangle into two mirror-image right triangles.
समद्विबाहु त्रिभुज में ठीक 1 सममिति रेखा होती है। यह रेखा शीर्ष (दो समान भुजाओं के बीच का शीर्ष) से आधार के मध्यबिंदु तक जाती है और त्रिभुज को दो दर्पण-प्रतिबिंब समकोण त्रिभुजों में विभाजित करती है।
समाधान का रास्ता: समद्विबाहु त्रिभुज में केवल एक axis होता है — शीर्ष से आधार के मध्यबिंदु तक। इस रेखा पर मोड़ने से दोनों आधे त्रिभुज पूरी तरह मेल खाते हैं। उत्तर: 1।
क्यों यह प्रश्न: घूर्णन सममिति की कोटि — नियमित षट्भुज का प्रश्न CTET में कई बार आया है।
What is the order of rotational symmetry of a regular hexagon?
एक नियमित षट्भुज की घूर्णन सममिति की कोटि (order) क्या है?
- 3
- 6
- 4
- 12
- 3
- 6
- 4
- 12
Solutionसमाधान
A regular hexagon coincides with itself after every rotation of 360°/6 = 60°. So it fits onto itself 6 times in a full rotation of 360°, giving an order of rotational symmetry of 6.
नियमित षट्भुज प्रत्येक 360°/6 = 60° के घुमाव के बाद स्वयं पर मेल खाता है। इसलिए 360° के पूर्ण घुमाव में यह 6 बार स्वयं पर अनुरूप आता है, जिससे घूर्णन सममिति की कोटि 6 होती है।
समाधान का रास्ता: N=N नियम लागू करो। षट्भुज की 6 भुजाएँ → घूर्णन सममिति की कोटि = 6। सत्यापन: 360°÷60°=6। उत्तर: 6।
क्यों यह प्रश्न: समांतर चतुर्भुज की सममिति — यह CTET का सबसे बड़ा trap है। 0 और 2 के बीच confusion होती है।
A parallelogram (which is NOT a rectangle or rhombus) has how many lines of symmetry?
एक समांतर चतुर्भुज (जो आयत या समचतुर्भुज नहीं है) में कितनी सममिति रेखाएँ होती हैं?
- 0
- 2
- 4
- 1
- 0
- 2
- 4
- 1
Solutionसमाधान
A general parallelogram has NO lines of symmetry because no fold produces two identical mirror-image halves. However, it does have rotational symmetry of order 2 (180° rotation). This distinguishes it from a rectangle or rhombus, which each have 2 lines of symmetry.
एक साधारण समांतर चतुर्भुज में कोई सममिति रेखा नहीं होती क्योंकि किसी भी मोड़ पर दो समान दर्पण-प्रतिबिंब भाग नहीं बनते। हालाँकि, इसमें कोटि 2 की घूर्णन सममिति होती है (180° घुमाने पर)। यह इसे आयत या समचतुर्भुज से अलग करता है, जिनमें प्रत्येक में 2 सममिति रेखाएँ होती हैं।
समाधान का रास्ता: समांतर चतुर्भुज को किसी भी रेखा पर मोड़कर देखो — दोनों आधे कभी मेल नहीं खाते। इसलिए सममिति रेखाएँ = 0। घूर्णन सममिति की कोटि 2 है, लेकिन प्रश्न सममिति रेखाओं का है। उत्तर: 0।
क्यों यह प्रश्न: समचतुर्भुज और आयत को अलग करना — दोनों में 2 सममिति रेखाएँ हैं लेकिन अलग-अलग प्रकार की।
How many lines of symmetry does a rhombus (which is NOT a square) have?
एक समचतुर्भुज (जो वर्ग नहीं है) में कितनी सममिति रेखाएँ होती हैं?
- 1
- 0
- 4
- 2
- 1
- 0
- 4
- 2
Solutionसमाधान
A rhombus has all four sides equal but unequal diagonals. Its two diagonals are its only lines of symmetry (each diagonal bisects the opposite angles and divides the rhombus into mirror-image triangles). The lines joining midpoints of opposite sides are NOT lines of symmetry for a rhombus.
समचतुर्भुज की चारों भुजाएँ बराबर होती हैं लेकिन विकर्ण असमान होते हैं। इसके दोनों विकर्ण ही केवल सममिति रेखाएँ हैं (प्रत्येक विकर्ण विपरीत कोणों को द्विभाजित करता है और समचतुर्भुज को दर्पण-प्रतिबिंब त्रिभुजों में बाँटता है)। विपरीत भुजाओं के मध्यबिंदुओं को जोड़ने वाली रेखाएँ समचतुर्भुज की सममिति रेखाएँ नहीं होतीं।
समाधान का रास्ता: समचतुर्भुज की सभी भुजाएँ बराबर, लेकिन कोण बराबर नहीं। दोनों विकर्ण एक-दूसरे को समकोण पर द्विभाजित करते हैं और प्रत्येक सममिति रेखा है। मध्यरेखाएँ सममिति रेखाएँ नहीं — इन पर मोड़ने से आकृति मेल नहीं खाती। उत्तर: 2।
क्यों यह प्रश्न: कागज मोड़ने और परतों का प्रश्न — Class 1-5 में activity-based learning का हिस्सा है।
A square piece of paper is folded once along its line of symmetry (vertically through the midpoints of top and bottom sides). How many layers of paper are there after folding?
कागज के एक वर्गाकार टुकड़े को ऊपर और नीचे की भुजाओं के मध्यबिंदुओं से होकर गुजरने वाली सममिति रेखा (ऊर्ध्वाधर) के अनुदिश एक बार मोड़ा जाता है। मोड़ने के बाद कागज की कितनी परतें होंगी?
- 8
- 1
- 4
- 2
- 8
- 1
- 4
- 2
Solutionसमाधान
Folding a square once along any of its lines of symmetry creates exactly 2 layers of paper, as one half overlaps the other perfectly. Multiple folds are needed to get 4 or more layers.
किसी वर्ग को उसकी किसी भी सममिति रेखा के अनुदिश एक बार मोड़ने पर ठीक 2 परतें बनती हैं, क्योंकि एक आधा भाग दूसरे पर पूरी तरह से ओवरलैप हो जाता है। 4 या अधिक परतों के लिए कई बार मोड़ना आवश्यक है।
समाधान का रास्ता: एक बार मोड़ो → 21=2 परतें। सममिति रेखा पर मोड़ने से एक आधा दूसरे पर पूरी तरह फिट बैठता है। उत्तर: 2।
क्यों यह प्रश्न: पतंग आकार की सममिति — यह आकृति Class 4-5 में पढ़ाई जाती है और परीक्षा में अक्सर आती है।
A kite-shaped quadrilateral has two pairs of consecutive sides equal. How many lines of symmetry does it have?
एक पतंग (kite) आकार के चतुर्भुज में लगातार भुजाओं के दो जोड़े बराबर होते हैं। इसमें कितनी सममिति रेखाएँ होती हैं?
- 2
- 4
- 1
- 0
- 2
- 4
- 1
- 0
Solutionसमाधान
A kite has exactly 1 line of symmetry — the diagonal that connects the vertices where the unequal sides meet (the 'axis' diagonal). The other diagonal is NOT a line of symmetry because the two halves on either side are not mirror images of each other.
पतंग (kite) में ठीक 1 सममिति रेखा होती है — वह विकर्ण जो असमान भुजाओं के मिलने वाले शीर्षों को जोड़ता है। दूसरा विकर्ण सममिति रेखा नहीं है क्योंकि उसके दोनों ओर के भाग एक-दूसरे के दर्पण-प्रतिबिंब नहीं होते।
समाधान का रास्ता: पतंग में दो जोड़े बराबर भुजाएँ होती हैं (लगातार)। केवल वह विकर्ण जो असमान भुजाओं के मिलान-शीर्षों को जोड़े, सममिति रेखा है। दूसरा विकर्ण नहीं। उत्तर: 1।
आम गलतियाँ
-
आयत के विकर्ण को सममिति रेखा मानना: यह सबसे आम गलती है। आयत में विकर्ण सममिति रेखाएँ नहीं होतीं — वर्ग में होती हैं। आयत की सममिति रेखाएँ केवल मध्यरेखाएँ हैं।
-
समचतुर्भुज में मध्यरेखाओं को सममिति रेखा मानना: समचतुर्भुज की सममिति रेखाएँ उसके विकर्ण हैं, मध्यरेखाएँ नहीं। यह आयत के ठीक उलटा है — और यही trap परीक्षा में बिछाई जाती है।
-
समांतर चतुर्भुज में 2 सममिति रेखाएँ लिखना: साधारण समांतर चतुर्भुज में सममिति रेखाएँ = 0। उसकी घूर्णन सममिति की कोटि 2 है, लेकिन सममिति रेखाएँ नहीं हैं।
-
"घूर्णन सममिति नहीं है" कहना: किसी भी आकृति की घूर्णन सममिति की कोटि कम से कम 1 है (360° घुमाने पर)। प्रश्न में "कोटि 1" और "कोटि नहीं है" में अंतर समझो।
-
षट्भुज में 12 त्रिभुज लिखना: विकर्ण खींचने पर 12 त्रिभुज बन सकते हैं, लेकिन केंद्र से शीर्षों तक रेखाएँ खींचने पर केवल 6 बनते हैं। प्रश्न ध्यान से पढ़ो — "केंद्र से शीर्षों तक" लिखा है या "सभी विकर्ण"।
-
कागज मोड़ने में परतें 4 लिखना: एक बार मोड़ने पर 2 परतें बनती हैं, 4 नहीं। 4 परतों के लिए दो बार मोड़ना पड़ेगा।
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