CTET Paper II ज्यामिति: त्रिभुज, चतुर्भुज और सर्वांगसमता — कक्षा 6-8
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अवधारणा
ज्यामिति का यह अध्याय CTET Paper II में सबसे अधिक प्रश्न देने वाला भाग है — और सबसे अधिक गलतियाँ भी यहीं होती हैं। कारण एक ही है: अभ्यर्थी नियम तो याद करते हैं, लेकिन शीर्षों का संगत क्रम (correspondence of vertices) नज़रअंदाज़ कर देते हैं।
त्रिभुज तीन रेखाखंडों से बनी बंद आकृति है। इसके तीन कोणों का योग हमेशा 180° होता है — यह एकमात्र ऐसा गुण है जो हर प्रकार के त्रिभुज पर लागू होता है।
चतुर्भुज चार भुजाओं वाली बंद आकृति है। इसके आंतरिक कोणों का योग हमेशा 360° होता है। इसे ऐसे याद करो: चतुर्भुज को एक विकर्ण खींचकर दो त्रिभुजों में तोड़ दो — 2×180°=360°।
सर्वांगसमता (Congruence) का अर्थ है कि दो आकृतियाँ बिल्कुल एक जैसी हैं — आकार और साइज़ दोनों में। एक को उठाकर दूसरे पर रखो, वे पूरी तरह ढक जाएंगी। एक अच्छा analogy: अगर दो चाबियाँ एक ही ताले में फिट होती हैं, तो वे सर्वांगसम हैं।
CTET में सर्वांगसमता के चार नियम आते हैं:
| नियम | क्या मिलान होता है |
|------|-------------------|
| SSS | तीनों भुजाएँ |
| SAS | दो भुजाएँ और उनके बीच का कोण |
| ASA | दो कोण और उनके बीच की भुजा |
| RHS | कर्ण, एक भुजा (केवल समकोण त्रिभुज में) |
SSA या AAA नियम नहीं होता — यह सबसे बड़ा trap है।
गहन विश्लेषण
त्रिभुज के गुण
कोण-योग गुण: किसी भी त्रिभुज ABC में ∠A+∠B+∠C=180°।
बाह्य कोण गुण: त्रिभुज का कोई भी बाह्य कोण, अपने दो अनाधासन्न आंतरिक कोणों के योग के बराबर होता है।
बाह्यकोण=∠A+∠B(यदिबाह्यकोणCपरहो)
समद्विबाहु त्रिभुज:AB=AC हो, तो ∠B=∠C। इसका उलटा भी सत्य है। परीक्षा में यह गुण height निकालने के लिए काम आता है — median, altitude और perpendicular bisector तीनों एक ही रेखा होती है।
पाइथागोरस प्रमेय: समकोण त्रिभुज में ({कर्ण})2=({लंब})2+({आधार})2। परीक्षा में जो Pythagorean triplets सबसे अधिक आते हैं: (3,4,5), (5,12,13), (8,15,17), (7,24,25)। इनके गुणज भी काम आते हैं: (6,8,10), (9,12,15)।
सर्वांगसमता नियमों की गहराई
SAS नियम — सबसे ज़रूरी शर्त:
दो भुजाओं के बीच का कोण होना चाहिए। अगर कोण बाहर है, तो SAS नहीं लगेगा। PYQ में यही trap बार-बार आता है।
उदाहरण: △ABC और △DEF में AC=DF, ∠C=∠F, BC=EF — यहाँ कोण C भुजाओं AC और BC के बीच है, और कोण F भुजाओं DF और EF के बीच है। SAS लागू।
RHS नियम — केवल समकोण त्रिभुज:
R = Right angle (समकोण), H = Hypotenuse (कर्ण), S = Side (एक भुजा)। कर्ण का मिलान अनिवार्य है।
शीर्षों का संगत क्रम — यही सबसे बड़ा trap:
जब हम लिखते हैं △ABC≅△DEF, तो इसका अर्थ है:
A↔D, B↔E, C↔F
AB=DE, BC=EF, CA=FD
∠A=∠D, ∠B=∠E, ∠C=∠F
अगर दिया हो AB=EF तो correspondence A↔E, B↔F है, और सर्वांगसमता लिखेंगे △ABC≅△EFD या इसी तरह — △ABC≅△DEF नहीं।
चतुर्भुज और उनके विशेष गुण
n-भुजा बहुभुज के आंतरिक कोणों का योग:(n−2)×180°
त्रिभुज (n=3): 180°
चतुर्भुज (n=4): 360°
पंचभुज (n=5): 540°
षट्भुज (n=6): 720°
विशेष चतुर्भुजों के गुण:
समचतुर्भुज (Rhombus): चारों भुजाएँ बराबर। विकर्ण एक-दूसरे को समकोण पर समद्विभाजित करते हैं। परिमाप निकालने के लिए: भुजा =(d1/2)2+(d2/2)2, फिर परिमाप =4× भुजा।
आयत (Rectangle): सभी कोण 90°। विकर्ण बराबर और एक-दूसरे को समद्विभाजित करते हैं (लेकिन समकोण पर नहीं)।
समान्तर चतुर्भुज (Parallelogram): सम्मुख भुजाएँ बराबर और समान्तर। सम्मुख कोण बराबर। आसन्न कोणों का योग 180°।
समलम्ब चतुर्भुज (Trapezium): एक जोड़ी सम्मुख भुजाएँ समान्तर।
ऊँचाई और पाइथागोरस का संयुक्त प्रयोग
समद्विबाहु त्रिभुज में ऊँचाई निकालनी हो: ऊँचाई आधार को बराबर भागों में काटती है। फिर सीधे Pythagorean triplet देखो।
उदाहरण: AB=AC=13, BC=10। आधार का आधा =5। भुजा =13। (5,12,13) triplet — ऊँचाई =12 सेमी। Calculator की ज़रूरत नहीं।
शॉर्टकट और युक्तियाँ
patternशीर्ष-क्रम मिलाने की ABC-DEF विधि
जब भुजाओं का मिलान दिया हो (जैसे AB=EF, BC=DE, CA=FD), तो तीन columns बनाओ:
| पहला त्रिभुज | दूसरा त्रिभुज |
|---|---|
| A — B (क्योंकि AB=EF) | E — F |
| B — C (क्योंकि BC=DE) | D — E |
| C — A (क्योंकि CA=FD) | F — D |
B column में F,D,E क्रम से आए — लेकिन B एक ही शीर्ष है, इसलिए उसका correspondent fix करो। A↔F, B↔E, C↔D → सर्वांगसमता: △ABC≅△FED।
सामान्य विधि में 3-4 बार try-and-error लगता है (90 सेकंड+), इस column-विधि से 25 सेकंड में उत्तर।
patternPythagorean Triplet पहचान — कर्ण देखते ही
परीक्षा में समकोण त्रिभुज की भुजा निकालनी हो तो पहले इन triplets को scan करो:
(3,4,5) → गुणज: 6,8,10 / 9,12,15(5,12,13) → गुणज: 10,24,26(8,15,17)(7,24,25)
अगर दिए गए नंबर किसी triplet में fit होते हैं, निकालने की ज़रूरत नहीं। उदाहरण: PQ=8, QR=17 — यह (8,15,17) है, PR=15। गणना शून्य, 5 सेकंड में उत्तर बनाम standard calculation में 40 सेकंड।
eliminationSAS नियम में 'बीच का कोण' trap पकड़ना
जब भी SAS प्रश्न आए, यह एक-line test करो: "क्या दिया गया कोण, दी गई दोनों भुजाओं के शीर्षों पर है?"
उदाहरण: AC,BC दी हैं और ∠C दिया है — C दोनों भुजाओं का common vertex है, इसलिए कोण बीच में है। SAS लागू।
लेकिन AB,BC दी हों और ∠A दिया हो — A केवल AB पर है, BC पर नहीं। कोण बीच में नहीं — SAS नहीं लगेगा। यह check 5 सेकंड में होता है और गलत option चुनने से बचाता है।
patternचतुर्भुज कोण योग — missing angle तुरंत
चतुर्भुज में चौथा कोण = 360° − (बाकी तीन कोणों का योग)।
मानसिक गणना: 110°+85°+75°=270°। 360°−270°=90°। पहले तीन जोड़ो, फिर 360 से घटाओ। 10 सेकंड।
RHS नियम में H = Hypotenuse = समकोण के सामने वाली भुजा = सबसे लंबी भुजा।
जल्दी में अभ्यर्थी S (एक भुजा) और H (कर्ण) को confuse करते हैं। Test: "क्या दी गई भुजाएँ में से एक सबसे लंबी है?" अगर हाँ, वही H है। AC=BD हो और दोनों hypotenuse हों (DA⊥AB, CB⊥AB) — तो AC और BD कर्ण हैं, AB common side है। RHS: ✓।
तेज़-समाधान रूपरेखा
परीक्षा में सर्वांगसमता का प्रश्न देखते ही यह क्रम अपनाओ:
Step 1 — समकोण है? हाँ → RHS check करो (कर्ण + एक भुजा + 90°)। नहीं → Step 2।
Step 2 — तीन भुजाएँ दी हैं? हाँ → SSS। शीर्ष-क्रम column विधि से लिखो।
Step 3 — दो भुजाएँ और एक कोण दिया है? कोण बीच में है → SAS। कोण बाहर है → यह valid congruence नहीं, options से eliminate करो।
Step 4 — दो कोण और एक भुजा? भुजा बीच में → ASA। AAS भी valid है (दो कोण + कोई एक भुजा) — NCERT इसे स्वीकार करता है।
Step 5 — सर्वांगसमता लिखते समय: हमेशा column विधि से शीर्ष-क्रम verify करो। गलत correspondence लिखने पर सही नियम से भी गलत उत्तर आएगा।
चतुर्भुज प्रश्न में: पहले कोण-योग (360°) या भुजा-गुण (समचतुर्भुज → सभी भुजाएँ बराबर, विकर्ण ⊥) identify करो, फिर सीधे formula लगाओ।
हल किए गए PYQs
क्यों यह प्रश्न: SAS नियम की सीधी परीक्षा — correspondence से variable solve करना।
Previous Year Questionपिछले वर्ष का प्रश्न2019
In triangles ABC and DEF, ∠C = ∠F, AC = DF, and BC = EF. If AB = 2x – 1 and DE = 5x – 4, then the value of x is
1
2
3
4
Solutionसमाधान
By SAS congruence, triangle ABC ≅ triangle DEF (since AC=DF, ∠C=∠F, BC=EF). Therefore AB = DE, so 2x-1 = 5x-4 → 3 = 3x → x = 1.
समाधान का रास्ता: तीन शर्तें देखो — AC=DF, ∠C=∠F, BC=EF। ∠C भुजाओं AC और BC के बीच है, ∠F भुजाओं DF और EF के बीच है। SAS से △ABC≅△DEF। इसलिए AB=DE। समीकरण: 2x−1=5x−4⇒3=3x⇒x=1।
क्यों यह प्रश्न: RHS नियम और सही शीर्ष-क्रम — दोनों एक साथ test होते हैं।
Previous Year Questionपिछले वर्ष का प्रश्न2019
△ABC and △ADB are on the common base AB and on the same side of AB. DA⊥AB, CB⊥AB and AC = BD. Which of the following is true?
△ABC ≅ △ABD
△ABC ≅ △ADB
△ABC ≅ △BAD
△ABC ≅ △BDA
Solutionसमाधान
In △ABC and △BAD: AB = BA (common side), ∠ABC = ∠BAD = 90° (given DA⊥AB and CB⊥AB), and AC = BD (given as hypotenuses). By RHS congruence, △ABC ≅ △BAD. The correspondence is A↔B, B↔A, C↔D.
समाधान का रास्ता:DA⊥AB और CB⊥AB → दोनों त्रिभुजों में 90° है। AB=BA (common)। AC=BD (दिया है — दोनों hypotenuse क्योंकि वे समकोण के सामने हैं)। RHS से △ABC≅△BAD। ध्यान दो: A↔B, B↔A — इसीलिए △BAD है, △ABD नहीं।
क्यों यह प्रश्न: तीन भुजाएँ दी हैं लेकिन correspondence गड़बड़ है — SSS में शीर्ष-क्रम का trap।
Previous Year Questionपिछले वर्ष का प्रश्न2021
In ΔABC and ΔDEF, if AB = EF, BC = DE and CA = FD, then
ΔABC ≅ ΔDEF
ΔABC ≅ ΔFED
ΔABC ≅ ΔEFD
ΔABC ≅ ΔDFE
Solutionसमाधान
Matching corresponding sides: AB = EF means A↔E, B↔F. BC = DE means B↔E or D, C↔D or E. CA = FD means C↔F, A↔D. Pairing carefully: AB ↔ EF gives A→E, B→F; CA ↔ FD gives C→F, A→D — contradiction. Try: A↔E, B↔F, C↔D, then AB=EF ✓, BC=FD ✗ (should be DE). Try A↔F, B↔E, C↔D: AB=FE ✓, BC=ED ✓, CA=DF ✓. So ABC ≅ FED. Hmm, that's option (2). Let me recheck: AB = EF and writing F↔A and E↔B keeps AB=EF. So ABC ≅ FED. The correct correspondence gives ABC ≅ FED, option (2).
समाधान का रास्ता: Column विधि अपनाओ। AB=EF⇒A↔E,B↔F। BC=DE⇒B↔D{या}E। लेकिन B↔F fix है, इसलिए C↔ ? Check: CA=FD⇒C↔F,A↔D। Contradiction: A पहले E से, अब D से। दोबारा try: A↔F,B↔E,C↔D → AB=FE ✓, BC=ED ✓, CA=DF ✓। सर्वांगसमता: △ABC≅△FED।
क्यों यह प्रश्न: समद्विबाहु त्रिभुज में ऊँचाई — Pythagorean triplet की direct पहचान।
Previous Year Questionपिछले वर्ष का प्रश्न
In triangle ABC, AB = AC = 13 cm and BC = 10 cm. What is the length of the altitude from A to BC?
त्रिभुज ABC में, AB = AC = 13 सेमी और BC = 10 सेमी है। A से BC पर खींची गई ऊँचाई की लंबाई क्या है?
5 cm
11 cm
12 cm
10 cm
5 सेमी
11 सेमी
12 सेमी
10 सेमी
Solutionसमाधान
The altitude from A bisects BC (since AB = AC), so the foot D divides BC into 5 cm each. By Pythagoras: AD² + 5² = 13² → AD² = 169 − 25 = 144 → AD = 12 cm.
चूँकि AB = AC है, A से खींची गई ऊँचाई BC को बराबर भागों में बाँटती है, अर्थात् D पर BD = DC = 5 सेमी। पाइथागोरस प्रमेय से: AD² + 5² = 13² → AD² = 169 − 25 = 144 → AD = 12 सेमी।
समाधान का रास्ता:AB=AC=13, BC=10। ऊँचाई AD आधार को बराबर काटती है: BD=DC=5। देखो — (5,?,13): यह (5,12,13) triplet है। इसलिए AD=12 सेमी। निकालने की ज़रूरत नहीं।
क्यों यह प्रश्न: चतुर्भुज के कोण-योग का direct application।
Previous Year Questionपिछले वर्ष का प्रश्न
In quadrilateral ABCD, angle A = 110°, angle B = 85°, angle C = 75°. What is angle D?
चतुर्भुज ABCD में, कोण A = 110°, कोण B = 85°, कोण C = 75° है। कोण D क्या होगा?
90°
100°
95°
80°
90°
100°
95°
80°
Solutionसमाधान
Sum of all angles in a quadrilateral = 360°. Angle D = 360° − (110° + 85° + 75°) = 360° − 270° = 90°.
किसी भी चतुर्भुज के सभी कोणों का योग 360° होता है। कोण D = 360° − (110° + 85° + 75°) = 360° − 270° = 90°।
समाधान का रास्ता:∠A+∠B+∠C+∠D=360°। 110°+85°+75°=270°। ∠D=360°−270°=90°।
क्यों यह प्रश्न: SAS में "बीच का कोण" और शीर्ष-correspondence — दोनों एक साथ।
Previous Year Questionपिछले वर्ष का प्रश्न
Two triangles ABC and DEF are congruent by SAS rule. If AB = 7 cm, BC = 9 cm and angle B = 60°, which set of measurements MUST belong to triangle DEF?
दो त्रिभुज ABC और DEF, SAS नियम से सर्वांगसम हैं। यदि AB = 7 सेमी, BC = 9 सेमी और कोण B = 60° है, तो त्रिभुज DEF की माप अवश्य होगी:
DE = 7 cm, DF = 9 cm, angle E = 60°
DE = 7 cm, EF = 9 cm, angle E = 60°
DE = 9 cm, EF = 7 cm, angle E = 60°
DE = 7 cm, EF = 9 cm, angle D = 60°
DE = 7 सेमी, DF = 9 सेमी, कोण E = 60°
DE = 7 सेमी, EF = 9 सेमी, कोण E = 60°
DE = 9 सेमी, EF = 7 सेमी, कोण E = 60°
DE = 7 सेमी, EF = 9 सेमी, कोण D = 60°
Solutionसमाधान
Under the congruence ABC ≅ DEF, vertex B corresponds to vertex E. SAS requires the angle to be included between the two given sides. So DE = AB = 7 cm, EF = BC = 9 cm and the included angle E = angle B = 60°.
सर्वांगसमता ABC ≅ DEF में शीर्ष B, शीर्ष E के संगत है। SAS नियम में कोण दोनों दी गई भुजाओं के बीच होना चाहिए। अतः DE = AB = 7 सेमी, EF = BC = 9 सेमी और अंतर्गत कोण E = कोण B = 60°।
समाधान का रास्ता:△ABC≅△DEF में B↔E। SAS: AB=DE=7 सेमी, BC=EF=9 सेमी, और कोण B = कोण E=60° (बीच का कोण)। सही उत्तर: DE=7, EF=9, ∠E=60°।
क्यों यह प्रश्न: समचतुर्भुज का परिमाप — विकर्ण से भुजा निकालना।
Previous Year Questionपिछले वर्ष का प्रश्न
The diagonals of a rhombus are 24 cm and 10 cm. What is the perimeter of the rhombus?
एक समचतुर्भुज के विकर्ण 24 सेमी और 10 सेमी हैं। समचतुर्भुज का परिमाप क्या है?
52 cm
48 cm
60 cm
56 cm
52 सेमी
48 सेमी
60 सेमी
56 सेमी
Solutionसमाधान
Diagonals of a rhombus bisect each other at right angles. Half-diagonals = 12 cm and 5 cm. Side = √(12² + 5²) = √(144 + 25) = √169 = 13 cm. Perimeter = 4 × 13 = 52 cm.
समचतुर्भुज के विकर्ण एक-दूसरे को समकोण पर समद्विभाजित करते हैं। आधे विकर्ण = 12 सेमी और 5 सेमी। भुजा = √(12² + 5²) = √(144 + 25) = √169 = 13 सेमी। परिमाप = 4 × 13 = 52 सेमी।
समाधान का रास्ता: विकर्ण =24 और 10। आधे =12 और 5। (5,12,13) triplet → भुजा =13 सेमी। परिमाप =4×13=52 सेमी।
क्यों यह प्रश्न: समकोण त्रिभुज में Pythagorean triplet से तीसरी भुजा।
Previous Year Questionपिछले वर्ष का प्रश्न
In triangle PQR, angle P = 90° and PQ = 8 cm, QR = 17 cm. What is PR?
त्रिभुज PQR में, कोण P = 90° और PQ = 8 सेमी, QR = 17 सेमी है। PR क्या है?
13 cm
9 cm
15 cm
12 cm
13 सेमी
9 सेमी
15 सेमी
12 सेमी
Solutionसमाधान
In a right-angled triangle, QR is the hypotenuse. PR² = QR² − PQ² = 17² − 8² = 289 − 64 = 225. PR = √225 = 15 cm.
समकोण त्रिभुज में QR कर्ण है। PR² = QR² − PQ² = 17² − 8² = 289 − 64 = 225। PR = √225 = 15 सेमी।
समाधान का रास्ता:∠P=90° → QR कर्ण है (QR=17)। PQ=8। (8,?,17): यह (8,15,17) triplet है। PR=15 सेमी।
आम गलतियाँ
SSA को valid नियम मानना: दो भुजाएँ और एक non-included कोण दिया हो, तो सर्वांगसमता सिद्ध नहीं होती। यह trap options में दिखता है — eliminate करो।
शीर्ष-क्रम में लापरवाही:△ABC≅△DEF और △ABC≅△EFD अलग-अलग हैं। सही correspondence verify किए बिना option चुनना — यह सबसे common गलती है, जो 2019 और 2021 दोनों PYQs में trap के रूप में थी।
SAS में कोण की position ignore करना: कोण दोनों दी गई भुजाओं के बीच नहीं है लेकिन फिर भी SAS लगा देना। हमेशा check करो — कोण किन दो भुजाओं के बीच है।
RHS में hypotenuse की पहचान न करना: जल्दी में कोई भी भुजा H मान लेना। Hypotenuse हमेशा समकोण के सामने — यानी सबसे लंबी भुजा।
समद्विबाहु त्रिभुज में ऊँचाई को median से अलग न समझना: इस विशेष case में दोनों एक ही हैं — यह गुण केवल समद्विबाहु और समबाहु त्रिभुज में है, सामान्य त्रिभुज में नहीं।
चतुर्भुज को त्रिभुज की तरह treat करना: कुछ अभ्यर्थी चतुर्भुज के कोणों का योग 180° मान लेते हैं। सूत्र याद करो: (n−2)×180° — चतुर्भुज के लिए 360°।