CTET Paper II विज्ञान: विद्युत और परिपथ — श्रेणी, समानांतर, ओम का नियम
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अवधारणा
विद्युत परिपथ को समझने के लिए पानी की नली का उदाहरण सबसे कारगर है। कल्पना करो कि एक नली में पानी बह रहा है — पानी ही विद्युत धारा (current) है, नली का दबाव वोल्टेज (voltage) है, और नली की संकरेपन का विरोध प्रतिरोध (resistance) है। जितनी संकरी नली, उतना कम पानी बहेगा — ठीक वैसे ही, जितना अधिक प्रतिरोध, उतनी कम धारा।
मूल तीन राशियाँ:
- विद्युत धारा (I): प्रति सेकंड किसी परिच्छेद से गुजरने वाले आवेश की मात्रा। इकाई: ऐम्पियर (A)।
- विद्युत विभवांतर / वोल्टेज (V): दो बिंदुओं के बीच का वह "धक्का" जो आवेशों को गति देता है। इकाई: वोल्ट (V)।
- प्रतिरोध (R): विद्युत प्रवाह का विरोध करने की प्रवृत्ति। इकाई: ओम (Ω)।
ओम का नियम: V=IR — यही सूत्र परीक्षा में 70% प्रश्नों की जड़ है। इसे तीनों रूपों में याद रखो: V=IR, I=V/R, R=V/I।
परिपथ के दो मूल प्रकार:
- श्रेणी क्रम (Series): सभी घटक एक ही लाइन में जुड़े होते हैं — जैसे पुरानी क्रिसमस की लड़ियाँ जिसमें एक बल्ब जलता था तो सब जलते थे, एक बुझता था तो सब बुझते थे।
- समानांतर क्रम (Parallel): प्रत्येक घटक को सीधे बैटरी से अलग-अलग रास्ते मिलते हैं — जैसे घर की बिजली की वायरिंग, जिसमें एक पंखा बंद करने से बाकी उपकरण चलते रहते हैं।
CTET परीक्षा में यह topic शिक्षाशास्त्र (pedagogy) के साथ जुड़कर भी आता है — शिक्षक कैसे अवधारणात्मक समझ बनाएं, छात्र किस प्रकार की गलतियाँ करते हैं, और किस teaching aid से परिपथ की समझ स्पष्ट होती है।
गहन विश्लेषण
श्रेणी परिपथ (Series Circuit) — नियम और गणना
श्रेणी परिपथ में एक ही रास्ता होता है धारा बहने का। इसके तीन नियम याद रखो:
नियम 1 — धारा: हर घटक से समान धारा बहती है।
Iकुल=I1=I2=I3
नियम 2 — वोल्टेज: कुल वोल्टेज सभी घटकों पर बंट जाता है।
Vकुल=V1+V2+V3
नियम 3 — प्रतिरोध: सभी प्रतिरोध सीधे जुड़ते हैं।
Rकुल=R1+R2+R3
श्रेणी में वोल्टेज का बंटवारा प्रतिरोध के अनुपात में होता है। अगर R1:R2=1:2 है, तो V1:V2=1:2 होगा — यह Voltage Divider Rule है।
समानांतर परिपथ (Parallel Circuit) — नियम और गणना
समानांतर परिपथ में अनेक रास्ते होते हैं। इसके तीन नियम:
नियम 1 — वोल्टेज: हर शाखा पर समान वोल्टेज होता है।
Vकुल=V1=V2=V3
नियम 2 — धारा: कुल धारा सभी शाखाओं में बंट जाती है।
Iकुल=I1+I2+I3
नियम 3 — प्रतिरोध: व्युत्क्रम जुड़ते हैं।
Rकुल1=R11+R21+R31
दो प्रतिरोधों के लिए shortcut:
Rकुल=R1+R2R1×R2
यह "गुणा-भाग-जोड़" formula दो प्रतिरोधों के लिए हमेशा काम करता है।
तार खिंचाव — प्रतिरोध में परिवर्तन
यह एक अलग तरह का प्रश्न है जो परीक्षा में बार-बार आता है। प्रतिरोध का सूत्र:
R=AρL
जहाँ ρ = प्रतिरोधकता (material की property), L = लंबाई, A = अनुप्रस्थ काट का क्षेत्रफल।
जब तार को खींचकर n गुना लंबा किया जाता है तो आयतन स्थिर रहता है (V=L×A=constant):
- नई लंबाई = nL
- नया क्षेत्रफल = A/n
- नया प्रतिरोध = A/nρ⋅nL=n2⋅R
निष्कर्ष: लंबाई n गुना होने पर प्रतिरोध n2 गुना हो जाता है।
विद्युत शक्ति (Power)
P=VI=I2R=RV2
- समानांतर में: हर शाखा पर V समान है, इसलिए P=V2/R सबसे उपयोगी सूत्र है।
- श्रेणी में: हर घटक से I समान है, इसलिए P=I2R सबसे उपयोगी है।
सेल का संयोजन
- श्रेणी सहायक (Aiding): धनात्मक टर्मिनल से ऋणात्मक टर्मिनल की ओर जोड़ो। Enet=E1+E2।
- श्रेणी विरोध (Opposing): दोनों धनात्मक टर्मिनल एक-दूसरे से जोड़ो। Enet=E1−E2।
- समानांतर: एक जैसी EMF वाले सेलों को समानांतर में जोड़ने पर Enet=E (एकल सेल जितनी), पर धारा क्षमता बढ़ती है।
चालक, विद्युत-रोधी और अर्धचालक
| प्रकार | उदाहरण | प्रतिरोधकता |
|--------|---------|-------------|
| चालक (Conductor) | तांबा, एल्युमिनियम, ग्रेफाइट | बहुत कम |
| विद्युत-रोधी (Insulator) | रबर, प्लास्टिक, लकड़ी | बहुत अधिक |
| अर्धचालक (Semiconductor) | सिलिकॉन, जर्मेनियम | मध्यम |
अर्धचालक की खासियत: डोपिंग (अशुद्धि मिलाने) से इसकी चालकता बदली जा सकती है — इसी पर transistor और microchip बनते हैं।
शॉर्टकट और युक्तियाँ
जब तीन प्रतिरोधकों का समानांतर प्रतिरोध निकालना हो, तो 1/R1+1/R2+1/R3 के बजाय पहले LCM लो और एक ही कदम में हर बनाओ।
उदाहरण: R1=4Ω, R2=6Ω, R3=12Ω
LCM(4,6,12) = 12।
1{}R=3{}{12}+2{}{12}+1{}{12}=6{}{12}=1{}{2}, अतः R=2Ω।
सामान्य विधि: भिन्न अलग-अलग बनाओ, जोड़ो, पलटो — 4 चरण, लगभग 50 सेकंड। LCM विधि: एक ही भिन्न में सब — 2 चरण, लगभग 18 सेकंड।
तार को n गुना खींचने पर प्रतिरोध n2 गुना हो जाता है — इसे रटो नहीं, समझो।
Rnew=n2×Rold
परीक्षा में: "दोगुना खींचा" → 22=4 गुना प्रतिरोध। "तिगुना खींचा" → 32=9 गुना।
इस एक pattern से तमाम variations हल होती हैं। बिना यह याद किए हर बार R=ρL/A से शुरू करने में 90 सेकंड लगते हैं; pattern याद हो तो 10 सेकंड।
श्रेणी परिपथ में धारा निकाले बिना सीधे वोल्टेज बंटवारा करो।
V1:V2=R1:R2
उदाहरण: R1=5Ω, R2=10Ω, कुल वोल्टेज = 15V।
अनुपात 1:2, इसलिए V1=5V, V2=10V — I निकाले बिना।
सामान्य विधि: I=15/15=1A, फिर V1=1×5=5V, V2=1×10=10V — 3 चरण। अनुपात विधि: 1 चरण।
समानांतर में सभी घटकों पर V समान होता है, इसलिए P=V2/R।
निष्कर्ष: समानांतर में जिस bulb का प्रतिरोध ज़्यादा, वह कम जलेगा।
CTET में अक्सर पूछा जाता है: "कौन सा bulb सबसे चमकीला होगा?" — समानांतर में सबसे कम R वाला।
श्रेणी में उलटा होता है — P=I2R, इसलिए जिसका R ज़्यादा वह ज़्यादा जलता है।
यह comparison याद रखने से "कौन सा bulb ज़्यादा चमकीला" वाले हर प्रश्न का उत्तर 8 सेकंड में।
जब भी प्रश्न में mA (milliampere) दिया हो, गणना से पहले A में बदलो।
500mA=0.5A, 200mA=0.2A
R=V/I=2.5V/0.5A=5Ω (सही)।
यदि mA को ऐसे ही लगाओ: R=2.5/500=0.005Ω — पूरी तरह गलत।
यह trap CTET में बार-बार आती है। unit conversion 5 सेकंड का काम है, लेकिन इसे skip करने से पूरा प्रश्न गलत।
तेज़-समाधान रूपरेखा
परीक्षा हॉल में विद्युत परिपथ का प्रश्न देखते ही यह क्रम अपनाओ:
कदम 1 — संयोजन पहचानो: क्या घटक श्रेणी में हैं या समानांतर में? मिश्रित है तो पहले समानांतर भाग का Rp निकालो, फिर उसे श्रेणी में जोड़ो।
कदम 2 — क्या पूछा है? धारा चाहिए → I=V/R लगाओ। वोल्टेज चाहिए → Voltage Divider ratio लगाओ। शक्ति चाहिए → श्रेणी में P=I2R, समानांतर में P=V2/R।
कदम 3 — unit जाँचो: mA है तो A में बदलो। kΩ है तो Ω में बदलो।
कदम 4 — तार खिंचाव प्रश्न: सीधे n2 नियम लगाओ।
कदम 5 — सेल विरोध प्रश्न: दोनों धनात्मक/ऋणात्मक टर्मिनल एक-दूसरे से जुड़े हैं → Enet=0।
Pedagogy प्रश्न: अर्धचालक = Silicon/Germanium, चालक = तांबा/एल्युमिनियम/ग्रेफाइट, विद्युत-रोधी = रबर/प्लास्टिक।
हल किए गए PYQs
क्यों यह प्रश्न: मिश्रित परिपथ (mixed circuit) जहाँ पहले समानांतर भाग हल करना है, फिर श्रेणी — यही सबसे अधिक गलतियों वाला प्रश्न-प्रकार है।
A student connects two resistors of 6 Ω and 3 Ω in parallel and then connects this combination in series with a 2 Ω resistor. If the total voltage applied is 12 V, what is the total current drawn from the source?
एक छात्र 6 Ω और 3 Ω के दो प्रतिरोधों को समानांतर में जोड़ता है और फिर इस संयोजन को 2 Ω प्रतिरोध के साथ श्रेणी में जोड़ता है। यदि कुल वोल्टेज 12 V है, तो स्रोत से ली गई कुल धारा कितनी है?
- 4 A
- 2 A
- 6 A
- 3 A
- 4 A
- 2 A
- 6 A
- 3 A
Solutionसमाधान
Parallel combination: 1/R_p = 1/6 + 1/3 = 1/6 + 2/6 = 3/6, so R_p = 2 Ω. Total resistance = R_p + 2 = 2 + 2 = 4 Ω. Total current I = V/R = 12/4 = 3 A.
समानांतर संयोजन: 1/R_p = 1/6 + 1/3 = 3/6, अतः R_p = 2 Ω। कुल प्रतिरोध = 2 + 2 = 4 Ω। कुल धारा I = V/R = 12/4 = 3 A।
समाधान का रास्ता: पहला कदम — 6Ω और 3Ω को समानांतर में हल करो: Rp=(6×3)/(6+3)=18/9=2Ω। दूसरा कदम — इसे 2Ω के साथ श्रेणी में जोड़ो: Rtotal=2+2=4Ω। तीसरा कदम — I=V/R=12/4=3A।
क्यों यह प्रश्न: तार खिंचाव (n2 नियम) — CTET में बार-बार आने वाला "trap" प्रश्न, जहाँ अधिकांश छात्र सीधे 2×12=24Ω लिख देते हैं।
A wire of resistance 12 Ω is stretched uniformly to double its original length. What is the new resistance of the wire?
12 Ω प्रतिरोध के एक तार को समान रूप से खींचकर उसकी मूल लंबाई से दोगुना कर दिया जाता है। तार का नया प्रतिरोध क्या होगा?
- 6 Ω
- 24 Ω
- 48 Ω
- 3 Ω
- 6 Ω
- 24 Ω
- 48 Ω
- 3 Ω
Solutionसमाधान
Resistance R = ρL/A. When length doubles (L → 2L), volume remains constant so area halves (A → A/2). New R = ρ(2L)/(A/2) = 4ρL/A = 4 × 12 = 48 Ω.
प्रतिरोध R = ρL/A। जब लंबाई दोगुनी होती है तो आयतन स्थिर रहने से अनुप्रस्थ काट का क्षेत्रफल आधा हो जाता है। नया R = ρ(2L)/(A/2) = 4ρL/A = 4 × 12 = 48 Ω।
समाधान का रास्ता: लंबाई 2 गुना → n=2। n2=4। नया प्रतिरोध =4×12=48Ω। यदि area स्थिर मानकर चलते तो 2×12=24Ω आता — यह गलती option B है, जो जाल है।
क्यों यह प्रश्न: समानांतर परिपथ में शक्ति गणना — यहाँ key insight यह है कि हर bulb को पूरा V मिलता है।
Three bulbs of resistance 4 Ω, 6 Ω, and 12 Ω are connected in parallel across a 12 V battery. What is the total power dissipated in the circuit?
4 Ω, 6 Ω और 12 Ω के तीन बल्बों को 12 V की बैटरी के आर-पार समानांतर में जोड़ा गया है। परिपथ में कुल शक्ति व्यय कितनी है?
- 54 W
- 72 W
- 48 W
- 36 W
- 54 W
- 72 W
- 48 W
- 36 W
Solutionसमाधान
In parallel, each bulb receives full 12 V. P1 = V²/R1 = 144/4 = 36 W; P2 = 144/6 = 24 W; P3 = 144/12 = 12 W. Total power = 36 + 24 + 12 = 72 W.
समानांतर में हर बल्ब को पूरा 12 V मिलता है। P1 = 144/4 = 36 W; P2 = 144/6 = 24 W; P3 = 144/12 = 12 W। कुल शक्ति = 36 + 24 + 12 = 72 W।
समाधान का रास्ता: समानांतर में V=12V सबको। P1=122/4=36W; P2=122/6=24W; P3=122/12=12W। कुल =36+24+12=72W। वैकल्पिक विधि: पहले 1/Rtotal निकालो, फिर P=V2/Rtotal।
क्यों यह प्रश्न: सेल विरोध (opposing cells) — भौतिक समझ का प्रश्न, जहाँ गणित नहीं, अवधारणा परखी जाती है।
Two cells each of EMF 1.5 V are connected in series opposition (positive terminal of one connected to positive terminal of the other). What is the net EMF of the combination?
1.5 V EMF की दो सेलों को श्रेणी विरोध में जोड़ा गया है (एक के धनात्मक टर्मिनल को दूसरे के धनात्मक टर्मिनल से)। संयोजन का नेट EMF क्या होगा?
- 0.75 V
- 3 V
- 0 V
- 1.5 V
- 0.75 V
- 3 V
- 0 V
- 1.5 V
Solutionसमाधान
When cells are connected in series opposition, their EMFs oppose each other. Net EMF = 1.5 V − 1.5 V = 0 V. This means no current flows in the external circuit. This is different from series aiding where EMFs add up to give 3 V.
जब सेलों को श्रेणी विरोध में जोड़ा जाता है, तो उनके EMF एक-दूसरे का विरोध करते हैं। नेट EMF = 1.5 V − 1.5 V = 0 V। इसका अर्थ है बाहरी परिपथ में कोई धारा नहीं बहेगी। यह श्रेणी सहायक से अलग है जहाँ EMF जुड़कर 3 V देते हैं।
समाधान का रास्ता: दोनों धनात्मक टर्मिनल जुड़े हैं → दोनों EMF एक-दूसरे का विरोध करते हैं। Enet=1.5−1.5=0V। बाहरी परिपथ में धारा शून्य। यह सहायक संयोजन (aiding) से बिल्कुल उलट है — वहाँ Enet=3V होता।
क्यों यह प्रश्न: श्रेणी परिपथ में Voltage Divider — अगर ratio समझ में आए तो I निकाले बिना भी हल होता है।
In a series circuit with a battery, two resistors R₁ = 5 Ω and R₂ = 10 Ω are connected. If the voltage across R₁ is 4 V, what is the voltage across R₂?
एक श्रेणी परिपथ में बैटरी के साथ R₁ = 5 Ω और R₂ = 10 Ω के दो प्रतिरोध जुड़े हैं। यदि R₁ पर वोल्टेज 4 V है, तो R₂ पर वोल्टेज क्या होगा?
- 2 V
- 8 V
- 4 V
- 12 V
- 2 V
- 8 V
- 4 V
- 12 V
Solutionसमाधान
In a series circuit, the same current flows through all components. Current I = V₁/R₁ = 4/5 = 0.8 A. Voltage across R₂ = I × R₂ = 0.8 × 10 = 8 V. Voltage is distributed in the ratio of resistances (4:8 = 5:10 ✓).
श्रेणी परिपथ में सभी घटकों से समान धारा बहती है। धारा I = V₁/R₁ = 4/5 = 0.8 A। R₂ पर वोल्टेज = I × R₂ = 0.8 × 10 = 8 V। वोल्टेज प्रतिरोधों के अनुपात में बंटता है (4:8 = 5:10 ✓)।
समाधान का रास्ता: श्रेणी में I समान है। I=V1/R1=4/5=0.8A। V2=I×R2=0.8×10=8V। जाँच: V1:V2=4:8=5:10 — ratio सही है।
क्यों यह प्रश्न: Pedagogy आधारित प्रश्न — शिक्षक को चालक, विद्युत-रोधी और अर्धचालक में अंतर स्पष्ट करवाना है।
A teacher wants students to understand that some materials are semiconductors. Which of the following is the BEST example of a semiconductor used in making electronic devices?
एक शिक्षक चाहते हैं कि छात्र समझें कि कुछ पदार्थ अर्धचालक होते हैं। निम्नलिखित में से कौन सा इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में उपयोग होने वाले अर्धचालक का सबसे अच्छा उदाहरण है?
- Rubber
- Silicon
- Graphite
- Copper
- रबर
- सिलिकॉन
- ग्रेफाइट
- तांबा
Solutionसमाधान
Silicon is a semiconductor — its electrical conductivity lies between conductors and insulators and can be controlled by adding impurities (doping). It is the foundation material for transistors and microchips. Copper is a conductor, rubber is an insulator, and graphite is a conductor (used in electrodes and pencils).
सिलिकॉन एक अर्धचालक है — इसकी विद्युत चालकता चालकों और विद्युत-रोधियों के बीच होती है और अशुद्धियाँ मिलाकर (डोपिंग) इसे नियंत्रित किया जा सकता है। यह ट्रांजिस्टर और माइक्रोचिप का आधार है। तांबा चालक है, रबर विद्युत-रोधी है, और ग्रेफाइट चालक है (इलेक्ट्रोड और पेंसिल में प्रयुक्त)।
समाधान का रास्ता: ग्रेफाइट एक चालक है (carbon का allotrope, pencil और electrode में प्रयुक्त)। तांबा चालक है। रबर विद्युत-रोधी है। सिलिकॉन अर्धचालक है — transistor और microchip का आधार। सही उत्तर: सिलिकॉन।
क्यों यह प्रश्न: तीन प्रतिरोधकों का समानांतर — LCM विधि यहाँ सबसे तेज़ काम करती है।
A circuit contains three resistors of 4 Ω, 6 Ω, and 12 Ω connected in parallel. What is the equivalent resistance of the combination?
एक परिपथ में 4 Ω, 6 Ω और 12 Ω के तीन प्रतिरोधक समानांतर (parallel) में जुड़े हैं। इस संयोजन का तुल्य प्रतिरोध क्या होगा?
- 2 Ω
- 4 Ω
- 3 Ω
- 22 Ω
- 2 Ω
- 4 Ω
- 3 Ω
- 22 Ω
Solutionसमाधान
For parallel resistors: 1/R = 1/4 + 1/6 + 1/12 = 3/12 + 2/12 + 1/12 = 6/12 = 1/2. Therefore R = 2 Ω. In parallel combination, equivalent resistance is always less than the smallest individual resistance.
समानांतर प्रतिरोधकों के लिए: 1/R = 1/4 + 1/6 + 1/12 = 3/12 + 2/12 + 1/12 = 6/12 = 1/2। इसलिए R = 2 Ω। समानांतर संयोजन में तुल्य प्रतिरोध हमेशा सबसे छोटे एकल प्रतिरोध से कम होता है।
समाधान का रास्ता: LCM(4,6,12) = 12। 1/R=3/12+2/12+1/12=6/12=1/2। अतः R=2Ω। ध्यान दो: तुल्य प्रतिरोध सबसे छोटे प्रतिरोध (4Ω) से भी कम आया — यह समानांतर की पहचान है।
क्यों यह प्रश्न: unit conversion trap — mA को A में बदलना न भूलो।
A torch bulb is rated 2.5 V and 500 mA. What is the resistance of the bulb when it is glowing?
एक टॉर्च बल्ब की रेटिंग 2.5 V और 500 mA है। जब बल्ब जल रहा हो तो उसका प्रतिरोध कितना होगा?
- 2.5 Ω
- 5 Ω
- 0.2 Ω
- 1250 Ω
- 2.5 Ω
- 5 Ω
- 0.2 Ω
- 1250 Ω
Solutionसमाधान
Using Ohm's Law: R = V/I. Converting 500 mA = 0.5 A. R = 2.5 V ÷ 0.5 A = 5 Ω. Distractor 1250 Ω arises from not converting mA to A (2.5 ÷ 0.002 = 1250 is a common error if 500 mA is wrongly taken as 0.002).
ओम के नियम से: R = V/I। 500 mA = 0.5 A। R = 2.5 V ÷ 0.5 A = 5 Ω। यदि कोई mA को A में न बदले तो गलती से 1250 Ω उत्तर आ सकता है, जो एक सामान्य त्रुटि है।
समाधान का रास्ता: I=500mA=0.5A। ओम के नियम से R=V/I=2.5/0.5=5Ω। यदि mA को ऐसे ही लगाया तो R=2.5/500=0.005Ω — जो option में नहीं है, इससे खुद गलती का पता चल जाता।
आम गलतियाँ
-
तार खिंचाव में 2R लिखना: "दोगुनी लंबाई → दोगुना प्रतिरोध" — यह सबसे आम गलती है। सही: n गुना लंबाई → n2 गुना प्रतिरोध। आयतन स्थिर रहता है, इसलिए area भी बदलता है।
-
समानांतर प्रतिरोध को जोड़ देना: Rparallel=R1+R2+R3 — यह श्रेणी का नियम है। समानांतर में व्युत्क्रम जोड़ते हैं, सीधे नहीं। परिणामस्वरूप तुल्य प्रतिरोध हमेशा सबसे छोटे एकल प्रतिरोध से कम होता है — यह जाँच करो।
-
mA को A में न बदलना: 500mA को 500A या 500 की तरह use करना। हमेशा mA÷1000=A करो।
-
श्रेणी और समानांतर के शक्ति सूत्र उलटे लगाना: श्रेणी में P=I2R उपयोगी है (I समान है)। समानांतर में P=V2/R उपयोगी है (V समान है)। दोनों जगह एक ही सूत्र लगाने से गलत उत्तर आएगा।
-
सेल विरोध को श्रेणी सहायक समझना: दोनों positive टर्मिनल जुड़े हों तो EMF zero होता है, 3V नहीं। CTET में यह conceptual trap बार-बार आता है।
-
ग्रेफाइट को विद्युत-रोधी मानना: ग्रेफाइट carbon का एक रूप है और यह चालक होता है। इसीलिए इसे शुष्क सेल में electrode के रूप में प्रयुक्त किया जाता है। केवल हीरा (diamond) carbon का वह रूप है जो विद्युत-रोधी है।
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