CTET Paper II: प्रकाश — परावर्तन और अपवर्तन (दर्पण, लेंस, स्नेल का नियम)

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अवधारणा

प्रकाश एक ऊर्जा-तरंग है जो सरल रेखा में चलती है — जब तक कि उसके सामने कोई सतह या माध्यम न आ जाए। जैसे ही प्रकाश किसी सतह से टकराता है, दो घटनाएँ संभव हैं: वापस लौटना (परावर्तन) या माध्यम बदलकर दिशा बदलना (अपवर्तन)।

एक सरल सादृश्य समझो: एक रबर की गेंद को दीवार से मारो — वह वापस आती है। यह परावर्तन है। अब उसी गेंद को पानी में डालो — वह अंदर जाते ही झुक जाती है। यह अपवर्तन है। प्रकाश भी ठीक ऐसे ही व्यवहार करता है।

परावर्तन के दो प्रकार के दर्पण हैं:

अपवर्तन के दो प्रकार के लेंस हैं:

CTET Paper II में इस chapter से प्रतिवर्ष 2-3 प्रश्न आते हैं — और इनमें से अधिकांश सूत्र-आधारित गणना के होते हैं। इसलिए सिर्फ परिभाषाएँ रटना काफी नहीं; sign convention और सूत्र का सही प्रयोग आना चाहिए।


गहन विश्लेषण

Sign Convention (चिह्न नियम)

सारी गड़बड़ी यहीं होती है। Cartesian sign convention याद करो:

दर्पण सूत्र और आवर्धन

1v+1u=1f\frac{1}{v} + \frac{1}{u} = \frac{1}{f}

जहाँ f = R/2 (फोकस दूरी = वक्रता त्रिज्या का आधा)।

आवर्धन: m=vu=प्रतिबिम्ब की ऊँचाईवस्तु की ऊँचाईm = -\frac{v}{u} = \frac{\text{प्रतिबिम्ब की ऊँचाई}}{\text{वस्तु की ऊँचाई}}

अवतल दर्पण के लिए f ऋणात्मक। उत्तल दर्पण के लिए f धनात्मक।

लेंस सूत्र और आवर्धन

1v1u=1f\frac{1}{v} - \frac{1}{u} = \frac{1}{f}

ध्यान दो — लेंस सूत्र में 1/v − 1/u है, दर्पण में 1/v + 1/u। यहाँ अधिकांश छात्र गलती करते हैं।

लेंस की आवर्धन: m=vum = \frac{v}{u}

स्नेल का नियम (Snell's Law)

n1sinθ1=n2sinθ2n_1 \sin\theta_1 = n_2 \sin\theta_2

या सरलतः: n=sinisinrn = \frac{\sin i}{\sin r}

जहाँ n वायु के सापेक्ष माध्यम का अपवर्तनांक, i आपतन कोण, r अपवर्तन कोण है।

अपवर्तनांक का संबंध: ang=ngna,wng=ngnw{}_{a}n_{g} = \frac{n_g}{n_a}, \quad {}_{w}n_{g} = \frac{n_g}{n_w}

इसलिए: nw=ngwng=ngnwngnw=ngwngn_w = \frac{n_g}{{}_{w}n_{g}} = \frac{n_g \cdot n_w}{n_g} \Rightarrow n_w = \frac{n_g}{{}_{w}n_{g}}

अधिक सीधे शब्दों में: यदि जल के सापेक्ष कांच का अपवर्तनांक दिया हो, तो: nwater=nglasswngn_{water} = \frac{n_{glass}}{{}_{w}n_{g}}

पूर्ण आंतरिक परावर्तन (Total Internal Reflection)

यह तब होता है जब:

  1. प्रकाश सघन माध्यम से विरल माध्यम में जाए (जैसे कांच → वायु)।
  2. आपतन कोण क्रांतिक कोण से अधिक हो।

क्रांतिक कोण: sinC=1n\sin C = \frac{1}{n}

जहाँ n सघन माध्यम का अपवर्तनांक है।

कांच के लिए (n = 1.5): sin C = 1/1.5 = 2/3, अतः C ≈ 42°

उपयोग: optical fiber, हीरे की चमक, मृगमरीचिका।

उत्तल दर्पण — एकमात्र नियम

उत्तल दर्पण के लिए कोई अपवाद नहीं: वस्तु चाहे कहीं भी हो, प्रतिबिम्ब हमेशा आभासी, सीधा और छोटा। यह परीक्षा का सबसे अधिक पूछा जाने वाला तथ्य है।

समतल दर्पण — न्यूनतम लंबाई

H ऊँचाई के व्यक्ति को अपना पूरा प्रतिबिम्ब देखने के लिए दर्पण की लंबाई H/2 चाहिए। यह परावर्तन के कोण-नियम का सीधा परिणाम है — आँख के ऊपर और नीचे का मध्य बिंदु काम करता है।


शॉर्टकट और युक्तियाँ

patternदर्पण बनाम लेंस सूत्र — एक चिह्न का खेल

दर्पण सूत्र: 1/v + 1/u = 1/fजोड़ लेंस सूत्र: 1/v − 1/u = 1/fघटाव

याद रखो: "दर्पण जोड़ता है, लेंस घटाता है।" परीक्षा में formula लिखते समय यह एक शब्द याद करने से sign error से बचोगे। गलत sign = गलत उत्तर — standard method में 30% छात्र यहीं गलती करते हैं। इस trick से sign error की संभावना शून्य हो जाती है।

patternअपवर्तनांक श्रृंखला — भिन्न गुणा-भाग

जब तीन माध्यम हों (वायु, जल, कांच) और किन्हीं दो के बीच का अपवर्तनांक दिया हो:

anw=angwng{}_{a}n_{w} = \frac{{}_{a}n_{g}}{{}_{w}n_{g}}

यानी वायु-जल = वायु-कांच ÷ जल-कांच।

उदाहरण: n_g (air) = 1.5, n_g (water) = 9/8n_water = 1.5 ÷ (9/8) = 1.5 × 8/9 = 4/3

Standard method में chain rule याद करना पड़ता है (45 सेकंड), इस pattern से सीधे भिन्न की division (10 सेकंड)।

eliminationदूरस्थ वस्तु → प्रतिबिम्ब फोकस पर

जब भी प्रश्न में "दूरस्थ वस्तु" या "अनंत पर वस्तु" लिखा हो — सूत्र लगाने की ज़रूरत नहीं।

नियम: वस्तु अनंत पर → प्रतिबिम्ब फोकस पर।

दर्पण के लिए: प्रतिबिम्ब दूरी = f = R/2। इस elimination से 3-step calculation सीधे 1-step हो जाती है। Standard method: 60 सेकंड → Shortcut: 5 सेकंड।

eliminationअवतल लेंस — प्रतिबिम्ब हमेशा आभासी

अवतल (diverging) लेंस के लिए: वस्तु चाहे कहीं हो, प्रतिबिम्ब हमेशा आभासी, सीधा और छोटा।

जब प्रश्न में अवतल लेंस का प्रतिबिम्ब पूछा जाए और options में "वास्तविक" हो — उसे तुरंत eliminate करो। इससे 4 options में से 2-3 तुरंत गलत हो जाते हैं। Sign convention: अवतल लेंस में v हमेशा u की ओर (ऋणात्मक)।

eliminationपूर्ण आंतरिक परावर्तन की शर्त — दो-बिंदु जाँच

परीक्षा में TIR के प्रश्न पर तुरंत दो बातें जाँचो:

  1. क्या प्रकाश सघन → विरल की ओर जा रहा है? (यदि नहीं → TIR असंभव, option eliminate)
  2. क्या आपतन कोण > क्रांतिक कोण? (यदि हाँ → TIR निश्चित)

यह दो-बिंदु जाँच 4 options में से सीधे सही उत्तर तक पहुँचाती है बिना sin table देखे। Standard method: 45 सेकंड → Shortcut: 10 सेकंड।


तेज़-समाधान रूपरेखा

परीक्षा हॉल में प्रश्न देखते ही इस क्रम में सोचो:

चरण 1 — माध्यम/उपकरण पहचानो:

चरण 2 — विशेष स्थिति जाँचो:

चरण 3 — Sign Convention लगाओ:

चरण 4 — सूत्र लगाओ, आवर्धन निकालो:

अपवर्तनांक प्रश्न में: हमेशा n = sin i / sin r से शुरू करो और chain rule n_1 × n_\{12\} = n_2 याद रखो।


हल किए गए PYQs

क्यों यह प्रश्न: अपवर्तनांक की chain property सबसे अधिक परीक्षा में आती है — तीन माध्यमों के बीच संबंध का सीधा परीक्षण।

Previous Year Questionपिछले वर्ष का प्रश्न
The refractive index of glass with respect to water is 9/8. If the refractive index of glass with respect to air is 1.5, what is the refractive index of water with respect to air?
जल के सापेक्ष कांच का अपवर्तनांक 9/8 है। यदि वायु के सापेक्ष कांच का अपवर्तनांक 1.5 है, तो वायु के सापेक्ष जल का अपवर्तनांक क्या होगा?
  1. 1.125
  2. 1.333
  3. 0.750
  4. 1.688
  1. 1.125
  2. 1.333
  3. 0.750
  4. 1.688
Solutionसमाधान
n_glass/n_water = 9/8, so n_water = n_glass × 8/9 = 1.5 × 8/9 = 12/9 = 4/3 ≈ 1.333. The refractive index of water with respect to air is 4/3.
n_glass/n_water = 9/8 ⟹ n_water = 1.5 × 8/9 = 12/9 = 4/3 ≈ 1.333. वायु के सापेक्ष जल का अपवर्तनांक 4/3 होता है।

समाधान का रास्ता: याद करो — n_water = n_glass / (n_glass/n_water) = 1.5 ÷ (9/8) = 1.5 × 8/9 = 12/9 = 4/3 ≈ 1.333। यह एक भिन्न division की calculation है, 10 सेकंड में।


क्यों यह प्रश्न: लेंस सूत्र + आवर्धन की combined गणना — CTET में यह दो-चरणीय प्रश्न प्रिय है।

Previous Year Questionपिछले वर्ष का प्रश्न
An object 4 cm tall is placed at 30 cm from a convex lens of focal length 20 cm. What is the height of the image formed?
4 cm ऊँची एक वस्तु को 20 cm फोकस दूरी वाले उत्तल लेंस से 30 cm दूर रखा गया है। बनने वाले प्रतिबिम्ब की ऊँचाई क्या होगी?
  1. 4 cm
  2. 8 cm
  3. 12 cm
  4. 6 cm
  1. 4 cm
  2. 8 cm
  3. 12 cm
  4. 6 cm
Solutionसमाधान
Using lens formula: 1/v − 1/u = 1/f. u = −30 cm, f = +20 cm. 1/v = 1/20 + 1/(−30) = 1/20 − 1/30 = 1/60. So v = 60 cm. Magnification m = v/u = 60/(−30) = −2. Height of image = |m| × object height = 2 × 4 = 8 cm (real and inverted).
लेंस सूत्र: 1/v − 1/u = 1/f. u = −30 cm, f = +20 cm. 1/v = 1/20 − 1/30 = 1/60, अतः v = 60 cm. आवर्धन m = v/u = 60/(−30) = −2. प्रतिबिम्ब की ऊँचाई = 2 × 4 = 8 cm (वास्तविक और उल्टा)।

समाधान का रास्ता: u = -30, f = +20 (उत्तल लेंस)। लेंस सूत्र: 1/v = 1/f + 1/u = 1/20 + 1/(-30) = 3/60 - 2/60 = 1/60, तो v = +60। आवर्धन m = v/u = 60/(-30) = -2। ऊँचाई = 2 × 4 = 8 cm। चिह्न से पता चला — प्रतिबिम्ब उल्टा और वास्तविक।


क्यों यह प्रश्न: उत्तल दर्पण का शाश्वत नियम — हर CTET में इसका कोई न कोई रूप आता है।

Previous Year Questionपिछले वर्ष का प्रश्न
Which of the following correctly describes the image formed by a convex mirror irrespective of the position of the object?
निम्नलिखित में से कौन सा वाक्य उत्तल दर्पण द्वारा बनाए गए प्रतिबिम्ब का सही वर्णन करता है, चाहे वस्तु कहीं भी रखी हो?
  1. Real, inverted and diminished
  2. Real, erect and magnified
  3. Virtual, inverted and diminished
  4. Virtual, erect and diminished
  1. वास्तविक, उल्टा और छोटा
  2. वास्तविक, सीधा और आवर्धित
  3. आभासी, उल्टा और छोटा
  4. आभासी, सीधा और छोटा
Solutionसमाधान
A convex mirror always forms a virtual, erect and diminished image for any position of the object in front of it. This is because reflected rays always diverge and appear to meet behind the mirror. This property makes convex mirrors ideal for rear-view mirrors in vehicles.
उत्तल दर्पण हमेशा, वस्तु की किसी भी स्थिति के लिए, आभासी, सीधा और छोटा प्रतिबिम्ब बनाता है। परावर्तित किरणें हमेशा अपसारी होती हैं और दर्पण के पीछे मिलती प्रतीत होती हैं। इसीलिए वाहनों में पीछे देखने वाले दर्पण के रूप में उत्तल दर्पण का उपयोग होता है।

समाधान का रास्ता: "उत्तल दर्पण" दिखते ही — option A (वास्तविक, उल्टा) और B (वास्तविक, सीधा) तुरंत eliminate। C में "उल्टा" गलत है। शेष D — आभासी, सीधा, छोटा। 5 सेकंड।


क्यों यह प्रश्न: पूर्ण आंतरिक परावर्तन की शर्त की numerical जाँच — दोनों शर्तें एक साथ verify करनी पड़ती हैं।

Previous Year Questionपिछले वर्ष का प्रश्न
A student claims that critical angle for glass-air interface is 42°. If a ray of light hits the interface from within glass at an angle of incidence of 50°, what will happen?
एक छात्र का दावा है कि कांच-वायु सीमा के लिए क्रांतिक कोण 42° है। यदि कांच के भीतर से कोई किरण 50° के आपतन कोण पर इस सीमा से टकराए, तो क्या होगा?
  1. Total internal reflection will occur
  2. Partial refraction and partial reflection will occur with the refracted ray bending toward the normal
  3. The ray will refract into air at an angle less than 90°
  4. The ray will pass straight through without bending
  1. पूर्ण आंतरिक परावर्तन होगा
  2. आंशिक अपवर्तन और आंशिक परावर्तन होगा तथा अपवर्तित किरण अभिलंब की ओर झुकेगी
  3. किरण 90° से कम कोण पर वायु में अपवर्तित हो जाएगी
  4. किरण बिना मुड़े सीधे निकल जाएगी
Solutionसमाधान
Total internal reflection occurs when light travels from a denser to a rarer medium and the angle of incidence exceeds the critical angle. Here, 50° > 42° (critical angle), so total internal reflection takes place. The ray does not enter air at all and is completely reflected back into glass.
पूर्ण आंतरिक परावर्तन तब होता है जब प्रकाश सघन से विरल माध्यम में जाता है और आपतन कोण क्रांतिक कोण से अधिक हो जाता है। यहाँ 50° > 42° (क्रांतिक कोण), इसलिए पूर्ण आंतरिक परावर्तन होगा। किरण वायु में बिल्कुल प्रवेश नहीं करती और पूरी तरह वापस कांच में परावर्तित हो जाती है।

समाधान का रास्ता: दो-बिंदु जाँच करो: (1) कांच → वायु अर्थात सघन → विरल — TIR संभव। (2) आपतन कोण 50° > 42° (क्रांतिक कोण) — TIR निश्चित। Option A सीधे सही।


क्यों यह प्रश्न: अवतल लेंस में reverse calculation — v दिया, u निकालना। Sign convention की कड़ी परीक्षा।

Previous Year Questionपिछले वर्ष का प्रश्न
A concave lens of focal length 25 cm forms an image at a distance of 20 cm from the lens. Where is the object placed?
25 cm फोकस दूरी वाले अवतल लेंस द्वारा लेंस से 20 cm दूर प्रतिबिम्ब बनता है। वस्तु कहाँ रखी है?
  1. 500 cm from the lens
  2. 45 cm from the lens
  3. 100 cm from the lens
  4. 50 cm from the lens
  1. लेंस से 500 cm दूर
  2. लेंस से 45 cm दूर
  3. लेंस से 100 cm दूर
  4. लेंस से 50 cm दूर
Solutionसमाधान
For a concave lens, f = −25 cm. The image is always virtual and on the same side as the object, so v = −20 cm. Using lens formula: 1/u = 1/v − 1/f = 1/(−20) − 1/(−25) = −1/20 + 1/25 = (−5 + 4)/100 = −1/100. So u = −100 cm, meaning the object is 100 cm in front of the lens.
अवतल लेंस के लिए f = −25 cm. प्रतिबिम्ब हमेशा आभासी और वस्तु की ही ओर बनता है, अतः v = −20 cm. लेंस सूत्र से: 1/u = 1/(−20) − 1/(−25) = −1/20 + 1/25 = −1/100. अतः u = −100 cm, यानी वस्तु लेंस से 100 cm सामने रखी है।

समाधान का रास्ता: अवतल लेंस → f = -25 cm। प्रतिबिम्ब आभासी → v = -20 cm। लेंस सूत्र: 1/u = 1/v - 1/f = 1/(-20) - 1/(-25) = -1/20 + 1/25 = (-5+4)/100 = -1/100। अतः u = -100 cm


क्यों यह प्रश्न: दूरस्थ वस्तु + अवतल दर्पण — shortcut का सीधा उपयोग।

Previous Year Questionपिछले वर्ष का प्रश्न
Light from a distant object falls on a concave mirror of radius of curvature 40 cm. At what distance from the mirror will the image be formed?
एक दूरस्थ वस्तु से आने वाला प्रकाश 40 cm वक्रता त्रिज्या वाले अवतल दर्पण पर पड़ता है। दर्पण से कितनी दूरी पर प्रतिबिम्ब बनेगा?
  1. 40 cm in front of the mirror
  2. 20 cm in front of the mirror
  3. 10 cm in front of the mirror
  4. 20 cm behind the mirror
  1. दर्पण के सामने 40 cm
  2. दर्पण के सामने 20 cm
  3. दर्पण के सामने 10 cm
  4. दर्पण के पीछे 20 cm
Solutionसमाधान
The focal length of a concave mirror = R/2 = 40/2 = 20 cm. For a distant object, rays are parallel (object at infinity), and the image is formed at the focus. Thus the image forms 20 cm in front of the mirror at the focal point. The image is real, inverted and point-sized.
अवतल दर्पण की फोकस दूरी = R/2 = 40/2 = 20 cm. दूरस्थ वस्तु के लिए किरणें समांतर होती हैं (वस्तु अनंत पर), और प्रतिबिम्ब फोकस पर बनता है। अतः प्रतिबिम्ब दर्पण के सामने 20 cm पर बनता है। यह प्रतिबिम्ब वास्तविक, उल्टा और बिंदु आकार का होता है।

समाधान का रास्ता: "दूरस्थ वस्तु" → प्रतिबिम्ब फोकस पर। f = R/2 = 40/2 = 20 cm। उत्तर सीधे B। सूत्र लगाने की ज़रूरत नहीं।


क्यों यह प्रश्न: स्नेल के नियम की direct numerical application — sin table याद होनी चाहिए।

Previous Year Questionपिछले वर्ष का प्रश्न
A ray of light enters a rectangular glass slab at an angle of incidence of 60°. The refracted ray inside the slab makes an angle of 30° with the normal. What is the refractive index of the glass?
प्रकाश की एक किरण 60° के आपतन कोण पर आयताकार कांच की पट्टिका में प्रवेश करती है। पट्टिका के अंदर अपवर्तित किरण अभिलंब से 30° का कोण बनाती है। कांच का अपवर्तनांक क्या है?
  1. 2.0
  2. √2
  3. √3
  4. 1.5
  1. 2.0
  2. √2
  3. √3
  4. 1.5
Solutionसमाधान
By Snell's law: n = sin i / sin r = sin 60° / sin 30° = (√3/2) / (1/2) = √3 ≈ 1.732. The refractive index of the glass is √3.
स्नेल के नियम से: n = sin i / sin r = sin 60° / sin 30° = (√3/2) / (1/2) = √3 ≈ 1.732. कांच का अपवर्तनांक √3 है।

समाधान का रास्ता: n = sin 60° / sin 30° = (√3/2) / (1/2) = √3। Key values याद करो: sin 30° = 1/2, sin 60° = √3/2, sin 45° = 1/√2


क्यों यह प्रश्न: समतल दर्पण की न्यूनतम लंबाई — pedagogy और geometry दोनों का परीक्षण।

Previous Year Questionपिछले वर्ष का प्रश्न
A teacher asks students to find the minimum length of a plane mirror required for a person of height 'H' to see their full image. The correct answer is:
एक शिक्षक छात्रों से पूछते हैं कि 'H' ऊँचाई के व्यक्ति को अपना पूरा प्रतिबिम्ब देखने के लिए समतल दर्पण की न्यूनतम लंबाई कितनी होनी चाहिए? सही उत्तर है:
  1. H
  2. 2H
  3. H/2
  4. H/4
  1. H
  2. 2H
  3. H/2
  4. H/4
Solutionसमाधान
Due to the law of reflection, the mirror only needs to be half the height of the person. The top of the mirror should be at the midpoint between the person's eyes and the top of their head, and the bottom at the midpoint between the eyes and the feet. Rays from both extremes meet the mirror at these midpoints before reaching the eyes. So minimum mirror length = H/2.
परावर्तन के नियम के कारण, दर्पण की लंबाई व्यक्ति की ऊँचाई की केवल आधी होनी चाहिए। दर्पण का ऊपरी सिरा आँखों और सिर के शीर्ष के मध्य बिंदु पर, तथा निचला सिरा आँखों और पैरों के मध्य बिंदु पर होना चाहिए। अतः न्यूनतम दर्पण की लंबाई = H/2।

समाधान का रास्ता: परावर्तन के कोण-नियम से — आँख के ऊपर और नीचे दोनों ओर का आधा-आधा भाग काम करता है। इसलिए कुल दर्पण = H/2। यह शिक्षण में बच्चों को प्रयोगशाला में दिखाने योग्य result है।


आम गलतियाँ


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