CTET Paper II के लिए स्थानीय सरकार और पंचायती राज — 73वाँ संशोधन, समितियाँ और अनुच्छेद

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अवधारणा

पंचायती राज को समझने के लिए एक सरल तुलना करो — जिस तरह किसी बड़े संगठन में ऊपर से हर निर्णय आने की बजाय स्थानीय टीम को अपने क्षेत्र के निर्णय लेने का अधिकार दिया जाता है, उसी तरह भारत में विकेंद्रीकरण की यह व्यवस्था काम करती है।

भारत एक विशाल देश है जहाँ लाखों गाँवों की समस्याएँ दिल्ली या राज्य की राजधानी से नहीं सुलझाई जा सकतीं। इसी विचार से स्थानीय स्वशासन की नींव पड़ी। गाँव की सड़क टूटी है, पानी की समस्या है, स्कूल में शिक्षक नहीं — इन मुद्दों पर निर्णय उन्हीं लोगों को लेना चाहिए जो उस गाँव में रहते हैं।

पंचायती राज व्यवस्था ग्रामीण क्षेत्रों के लिए है और शहरी क्षेत्रों के लिए इसके समानांतर नगर निकाय (नगर पंचायत, नगरपालिका, नगर निगम) काम करते हैं। दोनों मिलकर भारत के "तीसरे स्तर की सरकार" बनाते हैं — केंद्र और राज्य के बाद।

73वाँ संशोधन (1992) क्यों महत्वपूर्ण है?

इससे पहले पंचायतें थीं, लेकिन उनके पास संवैधानिक दर्जा नहीं था। राज्य सरकारें उन्हें कभी भी भंग कर सकती थीं, चुनाव टाल सकती थीं, और धन नहीं देती थीं। 1992 में 73वें संशोधन ने पंचायतों को संवैधानिक दर्जा दिया — अब इन्हें संविधान की ताकत मिली। इसी के साथ भाग IX (अनुच्छेद 243 से 243-O) और ग्यारहवीं अनुसूची संविधान में जोड़ी गई। 74वाँ संशोधन उसी समय शहरी स्थानीय निकायों के लिए आया।

इस अध्याय में CTET परीक्षा में सबसे अधिक प्रश्न दो जगह से आते हैं — (1) कौन सा अनुच्छेद किस विषय से है, और (2) किस समिति ने क्या सिफारिश की। इन दोनों को पक्का करने से इस chapter में पूरे अंक आ सकते हैं।


गहन विश्लेषण

पंचायती राज की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

स्वतंत्रता के बाद योजना आयोग ने महसूस किया कि विकास की योजनाएँ गाँव तक नहीं पहुँच रहीं। 1957 में बलवंत राय मेहता समिति बनाई गई।

बलवंत राय मेहता समिति (1957) — त्रि-स्तरीय व्यवस्था:

| स्तर | निकाय | |------|-------| | ग्राम स्तर | ग्राम पंचायत | | ब्लॉक/मध्यवर्ती स्तर | पंचायत समिति (सबसे महत्वपूर्ण इकाई) | | जिला स्तर | जिला परिषद |

समिति ने पंचायत समिति को सर्वाधिक महत्व दिया क्योंकि यही विकास कार्यक्रमों का क्रियान्वयन करती है। राजस्थान 2 अक्टूबर 1959 को नागौर जिले में इसे लागू करने वाला पहला राज्य बना।

अशोक मेहता समिति (1977-78) — द्वि-स्तरीय व्यवस्था:

| स्तर | निकाय | |------|-------| | निचला स्तर | मंडल पंचायत (15,000–20,000 की आबादी) | | ऊपरी स्तर | जिला परिषद |

यह बलवंत राय मेहता की तीन-स्तरीय व्यवस्था से अलग था। मंडल पंचायत में कई गाँव शामिल होते थे। इस समिति की सिफारिशें पूरी तरह लागू नहीं हुईं, लेकिन परीक्षा में इसका द्वि-स्तरीय ढाँचा बार-बार पूछा जाता है।


73वाँ संशोधन — मुख्य अनुच्छेदों की मैपिंग

यह section सबसे अधिक परीक्षा-उपयोगी है। हर अनुच्छेद को उसके विषय के साथ याद करो:

| अनुच्छेद | विषय | |----------|------| | 243A | ग्राम सभा — गाँव की निर्वाचन सूची में पंजीकृत सभी वयस्क मतदाताओं का निकाय | | 243B | पंचायतों का गठन — तीन स्तरों पर पंचायतें बनाना | | 243C | पंचायतों की संरचना — सदस्यों की संख्या, प्रत्यक्ष/अप्रत्यक्ष चुनाव | | 243D | आरक्षण — SC/ST के लिए जनसंख्या अनुपात में, महिलाओं के लिए 1/3 सीटें | | 243E | अवधि — 5 वर्ष, समय से पहले भंग होने पर 6 माह में चुनाव | | 243F | अयोग्यताएँ — सदस्यता के लिए अयोग्यता की शर्तें | | 243G | शक्तियाँ और कार्य — राज्य विधानमंडल पंचायतों को स्वशासन की शक्तियाँ दे सकता है | | 243H | कर और वित्त — पंचायतों को कर लगाने/संग्रहण का अधिकार | | 243I | राज्य वित्त आयोग — हर 5 वर्ष में गठन, वित्तीय संसाधनों की समीक्षा | | 243J | लेखाओं का ऑडिट | | 243K | राज्य चुनाव आयोग — पंचायत चुनाव संचालन और निर्वाचन सूची | | 243N | मौजूदा कानूनों की निरंतरता |

याद रखो: A–G क्रम में देखो — A (ग्राम सभा), B (गठन), C (संरचना), D (आरक्षण), E (अवधि), G (शक्तियाँ)।


ग्राम सभा बनाम ग्राम पंचायत — अंतर स्पष्ट करो

यह confusion CTET में गलतियों का प्रमुख कारण है:

सरल भाषा में: ग्राम सभा "मालिक" है और ग्राम पंचायत उसकी "कार्यकारी समिति"।


ग्यारहवीं अनुसूची — 29 विषय

73वें संशोधन ने ग्यारहवीं अनुसूची जोड़ी जिसमें पंचायतों को हस्तांतरित किए जा सकने वाले 29 विषय हैं। इनमें से परीक्षा में अक्सर पूछे जाने वाले: कृषि, भूमि सुधार, प्राथमिक शिक्षा, स्वास्थ्य, सिंचाई, गरीबी उन्मूलन।

महत्वपूर्ण बात: ये विषय राज्य विधानमंडल की इच्छा पर हस्तांतरित होते हैं — अनिवार्य नहीं।


शॉर्टकट और युक्तियाँ

patternD-E-K Triangle: आरक्षण, अवधि, चुनाव

परीक्षा में सबसे अधिक confuse होने वाले तीन अनुच्छेद हैं 243D, 243E, और 243K। इन्हें "DEK = Democracy Engine Key" से जोड़ो:

  • Demographic reservation → 243D (SC/ST/महिला आरक्षण)
  • End/Expiry → 243E (5 वर्ष की अवधि)
  • Key to Elections → 243K (राज्य चुनाव आयोग)

Standard तरीके से पाँच अनुच्छेद याद करने में 3 मिनट और गड़बड़ी। इस pattern से 20 सेकंड में तीनों confirm।

patternसमिति पहचान: 2-tier vs 3-tier

बलवंत राय मेहता = 3 अक्षर वाला "RAY" → 3-tier व्यवस्था। अशोक मेहता = "Ashok" = A for Alt/Alternative → 2-tier विकल्प।

परीक्षा में यह question 15 सेकंड में हल होता है — बिना इस trick के 30 सेकंड सोचना पड़ता है और गलती की संभावना रहती है।

patternग्राम सभा अनुच्छेद: A से शुरू

ग्राम सभा = गाँव की Aधार (Foundation)। अनुच्छेद 243A — पहला अक्षर A, पहला अनुच्छेद A। जब भी "ग्राम सभा" दिखे, सीधे 243A लिखो। Options में 243A के अलावा कोई भी विकल्प ग्राम सभा के लिए सही नहीं होगा। Standard तरीका: सभी अनुच्छेद scan करना → 45 सेकंड। यह trick: 5 सेकंड।

patternराजस्थान पहले — 2 अक्टूबर याद रखो

2 अक्टूबर = गाँधी जयंती = भारत के सबसे प्रसिद्ध ग्रामवासी। उसी दिन 1959 में राजस्थान के नागौर में पंचायती राज शुरू हुआ। "गाँधी ने गाँव को पहचान दी, राजस्थान ने पंचायत को।" यह connection बनाने से तारीख और राज्य दोनों एक साथ याद रहते हैं — अलग-अलग याद करने की ज़रूरत नहीं।

pattern243G = Government Powers = G for Give

राज्य विधानमंडल पंचायतों को शक्तियाँ Give करता है → अनुच्छेद 243G। जब भी "शक्तियाँ और कार्य", "स्वशासन की संस्था", "राज्य विधानमंडल पंचायत को अधिकार दे सकता है" जैसे phrase दिखें — सीधे 243G। Standard scan: 40 सेकंड। G-trick: 8 सेकंड।


तेज़-समाधान रूपरेखा

CTET में इस chapter से प्रश्न आने पर निम्नलिखित decision tree follow करो:

Step 1 — प्रश्न की category पहचानो:

Step 2 — Elimination लगाओ: अगर प्रश्न में "आरक्षण" है तो 243D। "चुनाव आयोग" है तो 243K। "शक्तियाँ" है तो 243G। "ग्राम सभा" है तो 243A। "अवधि/5 वर्ष" है तो 243E।

Step 3 — Trap देखो: ग्राम सभा = निर्वाचित निकाय नहीं। मंडल पंचायत = अशोक मेहता की है, बलवंत राय की नहीं। न्याय पंचायत = त्रि-स्तरीय व्यवस्था का हिस्सा नहीं।

हर प्रश्न 30-40 सेकंड में हल होना चाहिए। अगर 60 सेकंड से ज़्यादा लग रहा है — guess करो और आगे बढ़ो।


हल किए गए PYQs

क्यों यह प्रश्न: 243D और 243C को students अक्सर confuse करते हैं। आरक्षण से जुड़ा हर प्रश्न 243D का है।

समाधान का रास्ता: Options में 243B (गठन), 243C (संरचना), 243D (आरक्षण), 243G (शक्तियाँ) हैं। प्रश्न में "SC/ST के लिए जनसंख्या अनुपात में आरक्षण" है → D for Demographic → 243D।

Previous Year Questionपिछले वर्ष का प्रश्न
Under the 73rd Constitutional Amendment, which Article mandates the reservation of seats for Scheduled Castes and Scheduled Tribes in Panchayats proportionate to their population?
73वें संवैधानिक संशोधन के तहत कौन सा अनुच्छेद पंचायतों में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लिए उनकी जनसंख्या के अनुपात में सीटों के आरक्षण को अनिवार्य करता है?
  1. Article 243B
  2. Article 243D
  3. Article 243G
  4. Article 243C
  1. अनुच्छेद 243B
  2. अनुच्छेद 243D
  3. अनुच्छेद 243G
  4. अनुच्छेद 243C
Solutionसमाधान
Article 243D specifically deals with reservation of seats in Panchayats for SCs and STs in proportion to their population, and also reserves not less than one-third of seats for women. Article 243B deals with constitution of Panchayats, 243C with composition, and 243G with powers and functions.
अनुच्छेद 243D विशेष रूप से पंचायतों में अनुसूचित जाति और जनजाति के लिए उनकी जनसंख्या के अनुपात में सीटों के आरक्षण का प्रावधान करता है, और महिलाओं के लिए कम से कम एक-तिहाई सीटें आरक्षित करता है। अनुच्छेद 243B पंचायतों के गठन से, 243C संरचना से, और 243G शक्तियों एवं कार्यों से संबंधित है।

क्यों यह प्रश्न: "स्वशासन की संस्था", "शक्तियाँ और अधिकार", "राज्य विधानमंडल" — ये तीनों phrase एक साथ दिखें तो 243G।

समाधान का रास्ता: Options में 243A (ग्राम सभा), 243F (अयोग्यताएँ), 243H (कर), 243G (शक्तियाँ)। "G for Give powers" — राज्य विधानमंडल पंचायत को शक्तियाँ देता है → 243G।

Previous Year Questionपिछले वर्ष का प्रश्न
Which Article of the Indian Constitution empowers the State Legislature to endow Panchayats with powers and authority necessary to function as institutions of self-government?
भारतीय संविधान का कौन सा अनुच्छेद राज्य विधानमंडल को पंचायतों को स्वशासन की संस्थाओं के रूप में कार्य करने के लिए आवश्यक शक्तियाँ और अधिकार प्रदान करने का अधिकार देता है?
  1. Article 243A
  2. Article 243F
  3. Article 243H
  4. Article 243G
  1. अनुच्छेद 243A
  2. अनुच्छेद 243F
  3. अनुच्छेद 243H
  4. अनुच्छेद 243G
Solutionसमाधान
Article 243G empowers the State Legislature to endow Panchayats with such powers and authority as may be necessary to enable them to function as institutions of self-government, including preparation of plans for economic development and social justice. Article 243A deals with Gram Sabha, 243F with disqualifications, and 243H with taxes and finances.
अनुच्छेद 243G राज्य विधानमंडल को पंचायतों को ऐसी शक्तियाँ और प्राधिकार देने का अधिकार देता है जो उन्हें स्वशासन की संस्थाओं के रूप में कार्य करने में सक्षम बनाए, जिसमें आर्थिक विकास और सामाजिक न्याय की योजनाएँ तैयार करना शामिल है। अनुच्छेद 243A ग्राम सभा से, 243F अयोग्यताओं से, और 243H करों एवं वित्त से संबंधित है।

क्यों यह प्रश्न: बलवंत राय मेहता समिति का मध्यवर्ती स्तर — यह सबसे अधिक पूछा जाने वाला तथ्य है।

समाधान का रास्ता: Options में न्याय पंचायत, पंचायत समिति, जिला परिषद, ग्राम पंचायत हैं। न्याय पंचायत = न्यायिक निकाय, tier नहीं। जिला परिषद = ऊपरी स्तर। ग्राम पंचायत = निचला स्तर। ब्लॉक/मध्यवर्ती = पंचायत समिति।

Previous Year Questionपिछले वर्ष का प्रश्न
The Balwant Rai Mehta Committee (1957) recommended a three-tier Panchayati Raj system. Which body did it recommend at the INTERMEDIATE (block) level?
बलवंत राय मेहता समिति (1957) ने त्रि-स्तरीय पंचायती राज व्यवस्था की सिफारिश की। इसने मध्यवर्ती (ब्लॉक) स्तर पर किस निकाय की सिफारिश की?
  1. Nyaya Panchayat
  2. Panchayat Samiti
  3. Zila Parishad
  4. Gram Panchayat
  1. न्याय पंचायत
  2. पंचायत समिति
  3. जिला परिषद
  4. ग्राम पंचायत
Solutionसमाधान
The Balwant Rai Mehta Committee recommended three tiers: Gram Panchayat at the village level, Panchayat Samiti at the block/intermediate level (which the committee considered the most important unit), and Zila Parishad at the district level. Nyaya Panchayat is a judicial body for minor disputes.
बलवंत राय मेहता समिति ने तीन स्तरों की सिफारिश की: ग्राम स्तर पर ग्राम पंचायत, ब्लॉक/मध्यवर्ती स्तर पर पंचायत समिति (जिसे समिति ने सबसे महत्वपूर्ण इकाई माना), और जिला स्तर पर जिला परिषद। न्याय पंचायत मामूली विवादों के लिए एक न्यायिक निकाय है।

क्यों यह प्रश्न: अशोक मेहता समिति के निचले स्तर का नाम — "मंडल पंचायत" को students भूल जाते हैं।

समाधान का रास्ता: 2-tier = अशोक मेहता। निचला स्तर = मंडल पंचायत (15,000-20,000 आबादी)। ग्राम सभा = निकाय है, tier नहीं। पंचायत समिति = बलवंत राय मेहता का मध्यवर्ती स्तर।

Previous Year Questionपिछले वर्ष का प्रश्न
The Ashok Mehta Committee (1977-78) recommended a TWO-TIER Panchayati Raj system. Which was the LOWER tier it recommended?
अशोक मेहता समिति (1977-78) ने द्वि-स्तरीय पंचायती राज व्यवस्था की सिफारिश की। इसने निचले स्तर पर किस निकाय की सिफारिश की?
  1. Gram Panchayat
  2. Gram Sabha
  3. Panchayat Samiti
  4. Mandal Panchayat
  1. ग्राम पंचायत
  2. ग्राम सभा
  3. पंचायत समिति
  4. मंडल पंचायत
Solutionसमाधान
The Ashok Mehta Committee recommended a two-tier system consisting of Mandal Panchayat at the lower level (covering a population of 15,000–20,000) and Zila Parishad at the district level as the upper tier. This differed from the Balwant Rai Mehta three-tier system. Gram Sabha was recognized as the foundation but was not a recommended tier of Panchayat per se.
अशोक मेहता समिति ने दो-स्तरीय व्यवस्था की सिफारिश की: निचले स्तर पर मंडल पंचायत (15,000–20,000 की आबादी को कवर करते हुए) और ऊपरी स्तर पर जिला परिषद। यह बलवंत राय मेहता की त्रि-स्तरीय व्यवस्था से भिन्न था। ग्राम सभा को आधार माना गया लेकिन यह पंचायत का अनुशंसित स्तर नहीं था।

क्यों यह प्रश्न: राज्य चुनाव आयोग का अनुच्छेद — 243K को भारत के Election Commission (अनुच्छेद 324) से अलग रखना ज़रूरी है।

समाधान का रास्ता: "K for Key to Elections" — पंचायत चुनाव संचालन → 243K। 243J = Jalsa नहीं, Journal = लेखाओं का ऑडिट। 243E = End/Expiry = अवधि।

Previous Year Questionपिछले वर्ष का प्रश्न
Under the 73rd Constitutional Amendment, which Article deals with the conduct of elections to Panchayats and establishment of the State Election Commission?
73वें संवैधानिक संशोधन के तहत कौन सा अनुच्छेद पंचायतों के चुनाव संचालन और राज्य चुनाव आयोग की स्थापना से संबंधित है?
  1. Article 243J
  2. Article 243E
  3. Article 243K
  4. Article 243C
  1. अनुच्छेद 243J
  2. अनुच्छेद 243E
  3. अनुच्छेद 243K
  4. अनुच्छेद 243C
Solutionसमाधान
Article 243K mandates the establishment of a State Election Commission (headed by the State Election Commissioner) in each state to superintend, direct, and control the preparation of electoral rolls and conduct of elections to Panchayats. Article 243E deals with duration of Panchayats, 243C with composition, and 243J with audit of accounts.
अनुच्छेद 243K प्रत्येक राज्य में एक राज्य चुनाव आयोग (राज्य चुनाव आयुक्त के नेतृत्व में) की स्थापना का प्रावधान करता है, जो पंचायतों के चुनाव के लिए निर्वाचन सूची तैयार करने और चुनाव संचालन की देखरेख करता है। अनुच्छेद 243E पंचायतों की अवधि से, 243C संरचना से, और 243J लेखाओं के ऑडिट से संबंधित है।

क्यों यह प्रश्न: 243E की विशेषता — 5 वर्ष की अवधि और 6 माह का प्रावधान — दोनों संख्याएँ एक साथ याद रखनी हैं।

समाधान का रास्ता: "E for End/Expiry" = अवधि = 243E। 243D = आरक्षण, 243I = वित्त आयोग, 243N = मौजूदा कानून। भंग होने पर 6 माह में चुनाव — यह detail 243E की पहचान है।

Previous Year Questionपिछले वर्ष का प्रश्न
Which provision of the 73rd Amendment ensures that Panchayats are NOT dissolved before the completion of their five-year term unless elected within six months of dissolution?
73वें संशोधन का कौन सा प्रावधान यह सुनिश्चित करता है कि पंचायतों को पाँच वर्ष की अवधि पूरी होने से पहले विघटित नहीं किया जाएगा, जब तक कि विघटन के छह महीने के भीतर चुनाव न कराए जाएँ?
  1. Article 243N
  2. Article 243D
  3. Article 243I
  4. Article 243E
  1. अनुच्छेद 243N
  2. अनुच्छेद 243D
  3. अनुच्छेद 243I
  4. अनुच्छेद 243E
Solutionसमाधान
Article 243E guarantees that every Panchayat shall continue for five years from the date of first meeting after each election, and if dissolved earlier, fresh elections must be held within six months. This prevents arbitrary dissolution by state governments. Article 243D deals with reservation, 243I with State Finance Commission, and 243N with continuance of existing laws.
अनुच्छेद 243E यह सुनिश्चित करता है कि प्रत्येक पंचायत प्रत्येक चुनाव के बाद पहली बैठक की तारीख से पाँच वर्षों तक जारी रहेगी, और यदि इसे पहले भंग किया जाता है, तो छह महीने के भीतर नए चुनाव कराने होंगे। यह राज्य सरकारों द्वारा मनमाने तरीके से विघटन को रोकता है। अनुच्छेद 243D आरक्षण से, 243I राज्य वित्त आयोग से, और 243N मौजूदा कानूनों की निरंतरता से संबंधित है।

क्यों यह प्रश्न: ग्राम सभा की परिभाषा — "निर्वाचित निकाय नहीं है" यह trap हर बार आता है।

समाधान का रास्ता: ग्राम सभा = अनुच्छेद 243A = "निर्वाचन सूची में पंजीकृत व्यक्तियों का निकाय"। यह चुना नहीं जाता। Options में 243D (SC/ST सभा — यह सरासर गलत definition है), 243B (गठन), 243C (संरचना) — सब eliminate। सही = 243A।

Previous Year Questionपिछले वर्ष का प्रश्न
The concept of 'Gram Sabha' under the 73rd Amendment is defined under which Article, and what is its key characteristic?
73वें संशोधन के तहत 'ग्राम सभा' की अवधारणा किस अनुच्छेद के तहत परिभाषित है, और इसकी मुख्य विशेषता क्या है?
  1. Article 243A — a body consisting of persons registered in the electoral rolls of a village
  2. Article 243D — a reserved assembly for SC/ST members within a Gram Panchayat
  3. Article 243B — an elected body responsible for planning village development
  4. Article 243C — a committee of elected Sarpanch and ward members of a Gram Panchayat
  1. अनुच्छेद 243A — एक गाँव की निर्वाचन सूची में पंजीकृत व्यक्तियों से मिलकर बना निकाय
  2. अनुच्छेद 243D — ग्राम पंचायत के भीतर SC/ST सदस्यों के लिए आरक्षित सभा
  3. अनुच्छेद 243B — ग्राम विकास की योजना बनाने के लिए जिम्मेदार एक निर्वाचित निकाय
  4. अनुच्छेद 243C — ग्राम पंचायत के निर्वाचित सरपंच और वार्ड सदस्यों की समिति
Solutionसमाधान
Article 243A defines the Gram Sabha as a body consisting of persons registered in the electoral rolls relating to a village within a Panchayat area. It is NOT an elected body; all adult voters of the village are its members. It acts as the foundation of democratic governance at the grassroots level. Article 243B deals with constitution of Panchayats.
अनुच्छेद 243A ग्राम सभा को पंचायत क्षेत्र के किसी गाँव से संबंधित निर्वाचन सूची में पंजीकृत व्यक्तियों के निकाय के रूप में परिभाषित करता है। यह एक निर्वाचित निकाय नहीं है; गाँव के सभी वयस्क मतदाता इसके सदस्य हैं। यह जमीनी स्तर पर लोकतांत्रिक शासन की नींव है। अनुच्छेद 243B पंचायतों के गठन से संबंधित है।

क्यों यह प्रश्न: पंचायती राज लागू करने वाला पहला राज्य — यह straightforward factual question है जो हर mock में आता है।

समाधान का रास्ता: 2 अक्टूबर 1959 = गाँधी जयंती = राजस्थान (नागौर)। आंध्र प्रदेश दूसरा था (नवंबर 1959)। महाराष्ट्र और गुजरात बाद में।

Previous Year Questionपिछले वर्ष का प्रश्न
Which state was the FIRST in India to implement a three-tier Panchayati Raj system based on the recommendations of the Balwant Rai Mehta Committee in 1959?
भारत में कौन सा राज्य 1959 में बलवंत राय मेहता समिति की सिफारिशों के आधार पर त्रि-स्तरीय पंचायती राज व्यवस्था लागू करने वाला पहला राज्य था?
  1. Rajasthan
  2. Maharashtra
  3. Gujarat
  4. Andhra Pradesh
  1. राजस्थान
  2. महाराष्ट्र
  3. गुजरात
  4. आंध्र प्रदेश
Solutionसमाधान
Rajasthan was the first state to implement the three-tier Panchayati Raj system on October 2, 1959, at Nagaur district, inaugurated by Prime Minister Jawaharlal Nehru. Andhra Pradesh adopted it shortly after in November 1959. Maharashtra and Gujarat implemented their systems later.
राजस्थान 2 अक्टूबर 1959 को नागौर जिले में त्रि-स्तरीय पंचायती राज व्यवस्था लागू करने वाला पहला राज्य था, जिसका उद्घाटन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने किया था। आंध्र प्रदेश ने नवंबर 1959 में इसे अपनाया। महाराष्ट्र और गुजरात ने बाद में अपनी व्यवस्थाएँ लागू कीं।

आम गलतियाँ


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