असमानता (Inequality) का सीधा अर्थ है — दो या दो से अधिक चीज़ों के बीच "बराबर नहीं" का संबंध। IBPS PO में इस topic के प्रश्न देखने में सरल लगते हैं, लेकिन जो छात्र श्रृंखला को ध्यान से नहीं पढ़ते, वे trap में फँस जाते हैं।
एक analogy लो — मान लो तुम एक मेज़ पर बैठे हो और पाँच लोग कतार में खड़े हैं, जिनकी ऊँचाई अलग-अलग है। कोई बिल्कुल बराबर ऊँचाई का है, कोई थोड़ा छोटा, कोई बड़ा। अब तुमसे पूछा जाए — "क्या पहले व्यक्ति की ऊँचाई तीसरे से ज़्यादा है?" तुम्हें पूरी कतार की जानकारी chain की तरह जोड़नी होगी।
Reasoning में असमानता बिल्कुल ऐसे ही काम करती है। एक कथन (statement) दिया जाता है जिसमें कई चर (variables) एक श्रृंखला में >, <, ≥, ≤, = से जुड़े होते हैं। तुम्हें निष्कर्ष (conclusion) जाँचना है।
पाँच मुख्य प्रतीक:
| प्रतीक | अर्थ |
|--------|------|
| > | बाईं तरफ़ बड़ा, दाईं तरफ़ छोटा |
| < | बाईं तरफ़ छोटा, दाईं तरफ़ बड़ा |
| ≥ | बाईं तरफ़ बड़ा या बराबर |
| ≤ | बाईं तरफ़ छोटा या बराबर |
| = | दोनों बराबर |
IBPS PO में प्रश्न दो प्रकार के आते हैं:
@, #, $ जैसे code दिए होते हैं, पहले decode करो, फिर solve करो।जब एक लंबी inequality chain दी हो जैसे A > B ≥ C = D < E ≤ F, तो दो चरों के बीच संबंध निकालने के लिए उन्हें जोड़ने वाले सभी प्रतीकों को देखो।
मूल नियम:
> या ≥ या = का combination), तो निष्कर्ष निकलता है।> के बाद <), तो कोई निश्चित निष्कर्ष नहीं निकलता — उन दोनों variable के बीच।यह वो जगह है जहाँ 80% छात्र गलत करते हैं। इसे रट लो:
जब सभी प्रतीक एक ही दिशा में हों:
| Chain | निष्कर्ष |
|-------|----------|
| A > B > C | A > C ✓ |
| A ≥ B ≥ C | A ≥ C ✓ |
| A > B ≥ C | A > C ✓ |
| A ≥ B > C | A > C ✓ |
| A = B > C | A > C ✓ |
| A > B = C | A > C ✓ |
| A ≥ B = C | A ≥ C ✓ |
| A = B ≥ C | A ≥ C ✓ |
| A = B = C | A = C ✓ |
सबसे ज़रूरी नियम — "weak link" का सिद्धांत:
जब > और ≥ मिलें, तो result > होगा (strict inequality जीतती है)।
जब ≥ और = मिलें, तो result ≥ होगा।
जब > और = मिलें, तो result > होगा।
देखो: A > B < C
यहाँ A और C के बीच कोई निश्चित संबंध नहीं निकलता। A, C से बड़ा भी हो सकता है, छोटा भी, बराबर भी। इसी तरह:
A ≥ B ≤ C — A और C के बीच अनिश्चित।
A < B > C — A और C के बीच अनिश्चित।
Trap: परीक्षा में विकल्प ऐसे दिए जाते हैं कि अगर तुम जल्दी में हो तो "neither I nor II" भी ग़लत लग सकता है।
अगर प्रश्न कहे: A @ B का अर्थ A > B, A # B का अर्थ A ≤ B, आदि — तो सबसे पहले एक छोटी सी table बना लो (10 seconds में):
@ = >
# = ≤
$ = =
% = <
फिर पूरे statement को replace करो और normal inequality की तरह solve करो। Coded inequality में अलग कोई trick नहीं है — सिर्फ़ decode का एक extra step है।
Step 1: कथन पढ़ो और chain को लिखो।
Step 2: निष्कर्ष I में जो दो variables हैं, उन्हें chain में ढूँढो।
Step 3: उन दोनों के बीच के सभी प्रतीक देखो — एक दिशा में हैं या दिशा बदलती है?
Step 4: अगर एक दिशा में हैं, तो "weak link" नियम से निष्कर्ष लिखो और check करो।
Step 5: वही process निष्कर्ष II के लिए दोहराओ।
Step 6: दोनों के आधार पर option choose करो।
≥ vs >अगर chain से A > B निकलता है और निष्कर्ष कहता है A ≥ B, तो यह सत्य है — क्योंकि > ⊂ ≥ (जो strictly बड़ा है, वो "बड़ा या बराबर" की शर्त भी पूरी करता है)।
लेकिन अगर chain से A ≥ B निकलता है और निष्कर्ष कहता है A > B, तो यह ज़रूरी नहीं — A और B बराबर भी हो सकते हैं। यह निष्कर्ष गलत माना जाएगा।
यह एक classic trap है जो IBPS PO में बार-बार आता है।
जब भी दो variables के बीच का रास्ता देखो, सिर्फ़ यह check करो: क्या सभी arrow एक ही दिशा में point करते हैं? अगर हाँ, तो निष्कर्ष निकलता है। अगर कोई भी arrow उलटा हो, तो उन दोनों के बीच "no definite relation"।
उदाहरण: G ≥ H > I = J ≤ K < L में G और J के बीच देखो: ≥ > = — सब एक दिशा (बाएँ बड़ा), तो G > J सत्य। लेकिन J और L के बीच: ≤ < — दिशा उलटी है (J पहले ≤ K में J छोटा, K < L में K छोटा), मतलब J से L तक "छोटा से बड़ा" जा रहे हो, तो L > J — यह निकलता है।
Standard method: प्रत्येक pair के लिए पूरी chain re-read — 40 seconds। इस pattern से: 12 seconds।
Chain में सबसे "कमज़ोर" प्रतीक final result तय करता है। Hierarchy: > / < सबसे strong, ≥ / ≤ middle, = सबसे neutral।
नियम: अगर chain में एक भी > है (बाकी ≥ या = हों), तो final result > होगा। अगर सब ≥ और = हों, तो final result ≥ होगा। अगर सब = हों, तो =।
उदाहरण: P ≥ Q > R = S — P और S के बीच: ≥, >, = हैं। Weakest link? > present है, तो P > S।
Standard method: chain manually calculate — 35 seconds। Weak link shortcut: 8 seconds।
अगर chain से A ≥ B निकलता है और conclusion A > B है — तुरंत reject करो। लेकिन अगर chain से A > B निकलता है और conclusion A ≥ B है — तुरंत accept करो।
याद रखो: > implies ≥, लेकिन ≥ does NOT imply >।
यह check 3 seconds में होता है — बस conclusion का sign देखो और chain के result का sign देखो। अगर conclusion का sign "broader" है (≥ vs >), accept। अगर "narrower" है (> vs ≥), reject।
Standard approach: logic से सोचना — 20 seconds। यह direct rule: 3 seconds।
Coded inequality में सबसे बड़ी गलती यह है कि छात्र decode करते-करते गलती करते हैं। बेहतर तरीका: question पढ़ते ही सबसे पहले 10 seconds में एक 2-column table बनाओ (code → symbol)। फिर statement में codes को mentally replace करो।
उदाहरण: अगर @ = >, # = <, $ = =, % = ≥, & = ≤ दिया है।
Statement: A @ B % C $ D # E
Decode: A > B ≥ C = D < E
अब normal inequality solve करो। Table बनाने में 10 seconds, solve करने में 15 seconds = total 25 seconds। बिना table: confusion + errors = 60+ seconds।
अगर निष्कर्ष I पर doubt हो, तो options देखो। IBPS PO में अक्सर option structure ऐसा होता है: "दोनों सही", "केवल I", "केवल II", "कोई नहीं"। अगर तुम्हें निश्चित पता है कि निष्कर्ष II सही है, तो "कोई नहीं" और "केवल I" automatically eliminate हो जाते हैं। अब सिर्फ़ "दोनों सही" बनाम "केवल II" में choose करना है — यह कम pressure में होता है।
यह step-count नहीं घटाता, लेकिन anxiety कम करता है और एक conclusion के calculation पर focus बनाता है। Standard: दोनों एक साथ verify — stress ज़्यादा। Backward: एक-एक verify, options eliminate — 15% faster decision।
परीक्षा हॉल में यह mental flowchart follow करो:
Step 1 — Coded या Direct?
Step 2 — निष्कर्ष I के दोनों variables chain में ढूँढो।
Step 3 — क्या उनके बीच के सभी प्रतीक एक दिशा में हैं?
Step 4 — ≥ vs > trap check करो।
Step 5 — निष्कर्ष II के लिए Steps 3-4 दोहराओ।
Step 6 — Option choose करो।
प्रत्येक प्रश्न में 25-35 seconds का target रखो। इससे ज़्यादा समय लग रहा है तो practice कम है, method सही है।
क्यों यह प्रश्न: यह प्रश्न mixed प्रतीकों की एक लंबी chain दिखाता है जिसमें >, ≥, = एक साथ हैं। यह IBPS PO का classic pattern है।
समाधान का रास्ता:
L > M ≥ N = O ≤ P < QL > M ≥ N = O — सब बाईं दिशा में (L बड़ा)। Weak link: > present है, तो L > O। ✓N = O ≤ P < Q — सब दाईं दिशा में (Q बड़ा)। Weak link: < present है, तो N < Q, यानी Q > N। ✓क्यों यह प्रश्न: = sign के दोनों तरफ अलग-अलग प्रतीक हैं — यह देखना है कि = chain को कैसे affect करता है।
समाधान का रास्ता:
X = Y ≥ Z > W = V ≤ UX = Y ≥ Z > W — एक दिशा। > present है, तो X > W, जो X ≥ W को satisfy करता है। ✓V ≤ U — directly दिया है। V ≤ U यानी U ≥ V। ✓क्यों यह प्रश्न: Chain में ≥ और > का mix, और निष्कर्ष में > — weak link rule test।
समाधान का रास्ता:
N < O = P ≥ Q > R = SP ≥ Q > R — एक दिशा (P बड़ा)। > weak link है, तो P > R। ✓N < O = P — एक दिशा। < है, तो N < P। ✓क्यों यह प्रश्न: < और ≤ का combination — यह देखना है कि strict inequality का निष्कर्ष ≥ की शर्त पूरी करता है या नहीं।
समाधान का रास्ता:
F ≥ G = H < I ≤ J > KF ≥ G = H — एक दिशा। ≥ और = हैं, कोई > नहीं। Result: F ≥ H। Conclusion F ≥ H — exact match। ✓H < I ≤ J — एक दिशा (J बड़ा)। < present है, तो H < J, यानी J > H। ✓क्यों यह प्रश्न: > और ≥ दोनों एक chain में — और दो अलग-अलग sub-chains से दो निष्कर्ष।
समाधान का रास्ता:
G ≥ H > I = J ≤ K < LG ≥ H > I = J — एक दिशा। > weak link है, तो G > J। ✓I = J ≤ K < L — एक दिशा (L बड़ा)। < present है, तो I < L, यानी L > I। ✓≥ को > मान लेना: Chain से A ≥ B निकला और conclusion A > B है — छात्र तुरंत tick कर देते हैं। यह गलत है। ≥ में बराबरी की possibility है, इसलिए A > B definite नहीं।
दिशा बदलने पर भी निष्कर्ष निकालना: A > B < C में A और C के बीच "कोई निश्चित संबंध नहीं" होता, लेकिन जल्दी में छात्र A > C या A < C लिख देते हैं। दिशा बदले तो रुको — "No relation" सही उत्तर है।
Coded Inequality में decode गलत करना: @ को > की जगह ≥ समझ लेना एक बड़ी गलती है। Decode table एक बार ध्यान से बनाओ, बार-बार question में वापस मत जाओ।
Chain की पूरी लंबाई नहीं पढ़ना: अगर निष्कर्ष में P और S हैं, और chain है P > Q ≥ R = S < T, तो P से S तक के सभी प्रतीक पढ़ो — बीच का कोई प्रतीक skip मत करो।
= को "null" मानना: A = B > C में कई छात्र = को ignore करके सोचते हैं "A और C का क्या संबंध है?" और confuse हो जाते हैं। A = B का मतलब A और B interchangeable हैं — तो A > C सीधे निकलता है।
दोनों निष्कर्ष गलत होने पर घबराना: IBPS PO में "न तो I और न ही II" भी एक valid option है। अगर chain में दिशा बदल रही है, तो बिना डरे "कोई नहीं" चुनो। परीक्षा में यह option trick नहीं, genuine answer है।