न्यायवाक्य (Syllogism) तर्कशास्त्र की वह शाखा है जिसमें दो या दो से अधिक कथनों (premises) से एक निष्कर्ष (conclusion) निकाला जाता है। परीक्षा में तुम्हें यह नहीं सोचना कि कथन वास्तविक जीवन में सही हैं या नहीं — तुम्हें केवल यह देखना है कि दिए गए कथनों से निष्कर्ष तार्किक रूप से निकलता है या नहीं।
एक सरल उदाहरण से समझो:
कथन 1: सभी बिल्लियाँ जानवर हैं। कथन 2: सभी जानवर साँस लेते हैं। निष्कर्ष: सभी बिल्लियाँ साँस लेती हैं। ✓
यह एकदम सीधा है। लेकिन जब "कुछ" और "कोई नहीं" आ जाएँ, तब छात्र अटकते हैं।
एक ज़रूरी सादृश्य: न्यायवाक्य को एक पाइपलाइन की तरह सोचो। पहला कथन एक नल है, दूसरा कथन एक पाइप है। निष्कर्ष तभी निकलेगा जब नल और पाइप जुड़े हों — यानी दोनों कथनों में कोई एक सामान्य पद (common term / middle term) हो जो उन्हें जोड़े। अगर जोड़ टूटा हुआ है, तो पानी (निष्कर्ष) नहीं निकलेगा।
RRB NTPC में इस topic से प्रश्न सीधे और pattern-based होते हैं। चार प्रकार के कथन बार-बार आते हैं:
| प्रकार | उदाहरण | संकेत | |--------|---------|-------| | सार्वभौमिक सकारात्मक (A) | सभी A, B हैं | सभी / All | | सार्वभौमिक नकारात्मक (E) | कोई A, B नहीं है | कोई नहीं / No | | विशेष सकारात्मक (I) | कुछ A, B हैं | कुछ / Some | | विशेष नकारात्मक (O) | कुछ A, B नहीं हैं | कुछ ... नहीं |
इन चारों का combination ही पूरा syllogism बनाता है। इनके rules याद हो गए तो बिना वेन आरेख बनाए भी 80% प्रश्न हल हो जाते हैं।
नियम 1: Middle Term का नियम दोनों कथनों में एक सामान्य पद होना चाहिए जो निष्कर्ष में नहीं आता। अगर सामान्य पद नहीं है तो कोई निष्कर्ष नहीं निकलता।
नियम 2: Combination के परिणाम
| कथन 1 | कथन 2 | निष्कर्ष | |-------|-------|----------| | सभी A → B | सभी B → C | सभी A → C ✓ | | सभी A → B | कुछ B → C | कुछ A → C नहीं (निश्चित नहीं) | | कुछ A → B | सभी B → C | कुछ A → C ✓ | | कुछ A → B | कुछ B → C | कुछ भी नहीं ✗ | | कोई A → B नहीं | सभी C → A | कोई C → B नहीं ✓ | | सभी A → B | कोई B → C नहीं | कोई A → C नहीं ✓ | | कुछ A → B | कोई B → C नहीं | कुछ A → C नहीं ✓ |
देखो — "कुछ + कुछ = कुछ नहीं"। यह सबसे ज़रूरी rule है जो परीक्षा में बार-बार trap बनाता है।
जब rules याद न हों या प्रश्न उलझा हुआ हो, वेन आरेख बनाओ। लेकिन हर case में सभी संभव diagrams बनाओ — सिर्फ एक diagram से निष्कर्ष मत निकालो।
उदाहरण:
कुछ बिल्लियाँ काली हैं। सभी काली चीजें अंधेरी हैं।
"सभी बिल्लियाँ अंधेरी हैं" गलत है क्योंकि बाकी बिल्लियों के बारे में हम नहीं जानते।
एक critical rule जो NTPC में काम आता है:
अगर कुछ A, B हैं → तो कुछ B, A हैं भी सही है (conversion)
अगर सभी A, B हैं → तो कुछ B, A हैं सही है (लेकिन "सभी B, A हैं" नहीं)
अगर कोई A, B नहीं → तो कोई B, A नहीं भी सही है
जब तीन कथन हों (जैसे spec में PYQ 69fb7855836b8f1ddf45312b), तब पहले दो कथनों से intermediate निष्कर्ष निकालो, फिर उसे तीसरे कथन से जोड़ो। पूरी chain बनाओ।
उदाहरण:
कुछ शिक्षक डॉक्टर हैं। सभी डॉक्टर शिक्षित हैं। कोई शिक्षित अज्ञानी नहीं।
निष्कर्ष I (कुछ शिक्षक शिक्षित हैं) → सही ✓ निष्कर्ष II (कोई शिक्षक अज्ञानी नहीं) → गलत, क्योंकि केवल "कुछ" शिक्षकों के बारे में पता है ✗
जब कथन में "कोई नहीं" हो और कोई चीज़ उस class में दिखे:
कोई X, Y नहीं। Z एक Y है। → Z एक X नहीं है।
यह मोड्स टोलेंस (Modus Tollens) का सबसे सरल रूप है। इसी पर दो PYQs हैं।
जब दो कथनों में Middle Term हो, तो इस table से सीधे answer पढ़ो:
सामान्य तरीका: वेन आरेख बनाना → 45-60 सेकंड यह shortcut: table देखो → 10-15 सेकंड
Micro-example: "कुछ कुत्ते भौंकते हैं। सभी भौंकने वाले जानवर हैं।" → I + A = I → "कुछ कुत्ते जानवर हैं।" बस।
जब Middle Term नकारात्मक रूप में दो बार आए (जैसे "कोई X नहीं" और फिर "X" positive आए), तो पहले उसे positive में convert करो फिर rule लगाओ।
असली trap: "कोई A, B नहीं" और "सभी C, B नहीं" — यहाँ Middle Term "B" है, लेकिन दोनों negative हैं। दो negative premises से कोई निश्चित निष्कर्ष नहीं निकलता।
Rule: दो negative premises → निष्कर्ष नहीं।
Standard approach: वेन diagram बनाना → 3-4 step Elimination shortcut: दोनों negative देखते ही "कोई निश्चित निष्कर्ष नहीं" → 5 सेकंड
"सभी A, B हैं" का conversion: "कुछ B, A हैं" — यह हमेशा valid है। "सभी A, B हैं" का conversion: "सभी B, A हैं" — यह कभी valid नहीं।
परीक्षा में option (d) अक्सर "सभी B, A हैं" का रूप होता है — यह trap है।
Micro-example: "सभी गुलाब सुंदर हैं" → "कुछ सुंदर चीजें गुलाब हैं" ✓, "सभी सुंदर चीजें गुलाब हैं" ✗
Standard checking: diagram बनाना → 30 सेकंड Conversion rule से: 5 सेकंड
"कुछ A, B नहीं हैं" — इसका मतलब है कम से कम कुछ A ऐसे हैं जो B नहीं। बाकियों के बारे में हम नहीं जानते।
"कोई A, B नहीं है" — इसका मतलब है सभी A, B से बाहर हैं। यह universal है।
Options में जब दोनों एक साथ हों, तो "कोई नहीं" को पहले eliminate करो अगर premises में universal negative नहीं है।
Step difference: यह distinction पहचानने में 5 सेकंड vs गलत answer चुनने का जोखिम।
तीन कथन वाले प्रश्न में सीधे conclusion मत check करो। पहले कथन 1 + 2 से intermediate निष्कर्ष निकालो, फिर intermediate + कथन 3 से final निष्कर्ष।
Chain: P1 + P2 → Intermediate → Intermediate + P3 → Final
यह approach step-by-step है और गलती की संभावना 70% कम करती है। Standard (directly checking): 90 सेकंड + गलती का जोखिम Chain approach: 40 सेकंड, systematic
परीक्षा हॉल में यह decision tree follow करो:
Step 1 — Middle Term ढूंढो। क्या दोनों कथनों में कोई एक common term है? नहीं → कोई निष्कर्ष नहीं। हाँ → Step 2।
Step 2 — Type पहचानो। A (सभी), E (कोई नहीं), I (कुछ), O (कुछ नहीं) — दोनों कथनों का type लिखो।
Step 3 — AEIOU Chart से निष्कर्ष पढ़ो। I+I? → कोई निष्कर्ष नहीं। दो negative? → कोई निष्कर्ष नहीं। बाकी? → chart से पढ़ो।
Step 4 — Options eliminate करो।
Step 5 — वेन आरेख केवल तब जब दो options बच गए हों और rule से फर्क न पड़ रहा हो।
तीन कथन? → Chain बनाओ (Step 1-4 दो बार)।
क्यों यह प्रश्न: "कोई नहीं" + positive case का सबसे classic pattern — RRB NTPC में बार-बार आता है।
समाधान का रास्ता:
क्यों यह प्रश्न: Modus Tollens का direct application — negative premise + positive case।
समाधान का रास्ता:
क्यों यह प्रश्न: I + A = I का सबसे important pattern — "कुछ" chain।
समाधान का रास्ता:
क्यों यह प्रश्न: I + E = O pattern — "कुछ नहीं" निष्कर्ष का नियम।
समाधान का रास्ता:
क्यों यह प्रश्न: तीन-कथन chain वाला complex प्रश्न — NTPC में यही pattern advanced level पर आता है।
समाधान का रास्ता:
"सभी A, B हैं" से "सभी B, A हैं" निकालना — यह Conversion की सबसे बड़ी गलती है। "सभी गुलाब सुंदर हैं" का मतलब यह नहीं कि "सभी सुंदर चीज़ें गुलाब हैं।" RRB NTPC में हर paper में यह trap एक बार आता है।
"कुछ + कुछ" से निष्कर्ष निकालना — I + I = कोई निश्चित निष्कर्ष नहीं। छात्र अक्सर "कुछ A, C हैं" लिख देते हैं — यह गलत है।
वास्तविक जीवन के ज्ञान से निष्कर्ष निकालना — अगर कथन है "सभी कुत्ते उड़ते हैं", तो तुम्हें इसे सच मानकर चलना है। "यह असंभव है" सोचकर कथन को ignore करना गलत है।
दो negative premises से निष्कर्ष निकालना — "कोई A, B नहीं" और "कोई B, C नहीं" — इनसे A और C के बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता। छात्र "कोई A, C नहीं" लिख देते हैं — गलत।
"कुछ नहीं" और "कोई नहीं" को समान समझना — "कुछ A, B नहीं हैं" (partial) बहुत अलग है "कोई A, B नहीं है" (universal) से। Options में इन दोनों को ध्यान से पढ़ो।
Middle Term को Subject/Predicate की जगह गलत identify करना — जब कथन "X, Y हैं" के format में न हो और complex language में हो, तब Middle Term पहचानने में गलती होती है। हमेशा कथन को "A → B" format में convert करके लिखो।