असमानता (Inequalities) reasoning का वह topic है जहाँ तुम्हें variables के बीच बड़े-छोटे के संबंध दिए जाते हैं, और पूछा जाता है कि दिए गए निष्कर्षों में से कौन-से "निश्चित रूप से सत्य" हैं।
सरल शब्दों में — कल्पना करो कि पाँच लोग एक कतार में खड़े हैं और तुम्हें बताया गया है कि राम, श्याम से लंबा है, श्याम, गीता से लंबा है। अब सवाल आता है: क्या राम निश्चित रूप से गीता से लंबा है? हाँ — क्योंकि chain सीधी है। लेकिन अगर राम, श्याम से लंबा है और गीता, श्याम से लंबी है — तो क्या राम, गीता से लंबा है? नहीं — chain टूट गई।
यही असमानता का मूल है।
SBI PO में दो प्रकार की असमानताएँ आती हैं:
1. सीधी (Mathematical) असमानता: Variables के बीच >, <, ≥, ≤, = के चिह्न सीधे दिए होते हैं। उदाहरण: J ≥ A > D = E
2. कोडित (Coded) असमानता: यहाँ असमानता के चिह्नों को अक्षरों या प्रतीकों से बदल दिया जाता है। जैसे @ का अर्थ > और # का अर्थ <। पहले decode करो, फिर वही नियम लगाओ।
SBI PO में coded inequalities की जगह अब direct inequalities का चलन अधिक है — लेकिन दोनों की तैयारी ज़रूरी है। इस topic में 4-5 प्रश्न एक set में आते हैं और अगर तुम्हें chain analysis की आदत पड़ गई, तो हर प्रश्न 15-20 सेकंड में हल हो जाना चाहिए।
| चिह्न | अर्थ |
|---|---|
| > | बड़ा (strictly greater than) |
| < | छोटा (strictly less than) |
| ≥ | बड़ा या बराबर |
| ≤ | छोटा या बराबर |
| = | बराबर |
जब एक से अधिक variables को एक chain में जोड़ा जाए, तो तुम्हें chain को "compress" करना होता है।
नियम 1 — Chain को एक दिशा में पढ़ो:
A > B > C > D → A, D से निश्चित रूप से बड़ा है।
A ≥ B ≥ C ≥ D → A ≥ D निश्चित रूप से सत्य है।
नियम 2 — Mixed chain (≥ और > मिले हों):
A ≥ B > C → A > C? नहीं, A ≥ C कह सकते हो, लेकिन A > C निश्चित नहीं।
रुको — यह गलत है। सही नियम देखो:
A ≥ B > C → A और C के बीच: chain में कम से कम एक > है, इसलिए A > C निश्चित रूप से सत्य है।A > B ≥ C → यहाँ भी एक > है, इसलिए A > C निश्चित।A ≥ B ≥ C → केवल ≥ हैं, इसलिए A ≥ C (A = C भी हो सकता है)।Critical Rule: Chain में अगर सभी चिह्न ≥ या = हों, तो endpoint के बीच = संभव है। अगर कम से कम एक > हो, तो endpoint के बीच > निश्चित है।
नियम 3 — Chain टूटना:
A > B और C > B — यहाँ chain टूट गई। A और C के बीच कोई निश्चित निष्कर्ष नहीं निकाल सकते।
यह सबसे अधिक गलती का स्थान है। B एक "pivot" की तरह है — A और C दोनों B से बड़े हैं, लेकिन A और C का आपस में क्या संबंध है, नहीं पता।
यह SBI PO में बार-बार आता है। जब chain से निकलता हो कि X ≤ Y:
X < YX = Yदोनों में से एक निश्चित रूप से सत्य होगा — हम बस नहीं जानते कौन-सा। इसलिए उत्तर होगा "Either I or II is true।"
याद रखो: X ≤ Y का अर्थ है X < Y OR X = Y — दोनों एक साथ नहीं, लेकिन दोनों में से एक ज़रूर।
Step 1: Decoding table बनाओ (30 सेकंड)। Step 2: प्रश्न के symbols को replace करो। Step 3: वही chain analysis लगाओ।
जो छात्र decoding table याद नहीं रखते और हर प्रश्न में नई decode करते हैं — वे समय बर्बाद करते हैं। Set का पहला प्रश्न थोड़ा धीमा, बाकी चार तेज़।
SBI PO में कभी-कभी पूछा जाता है — "किस expression में X > Y निश्चित रूप से असत्य है?"
यहाँ strategy उलट जाती है। तुम्हें वह chain ढूँढनी है जहाँ X ≤ Y हो — यानी X कभी Y से बड़ा नहीं हो सकता।
ध्यान रखो: X ≥ Y chain में X > Y "definitely true" नहीं कह सकते — बस इतना कह सकते हो कि यह false भी नहीं है। "Definitely false" के लिए chain में X ≤ Y या X < Y आना चाहिए।
कभी-कभी दो अलग statements दिए जाते हैं:
Statement 1: M > U > L ≤ N
Statement 2: L ≥ Y > A
दोनों को common variable (यहाँ L) पर जोड़ो:
Y ≤ L ≤ N → इसलिए Y ≤ N।
यहाँ = sign है, इसलिए "Either Y < N or Y = N" — दोनों में से एक सत्य।
जब chain में सभी चिह्नों को देखो — अगर एक भी > है और बाकी ≥ या = हैं, तो endpoints के बीच > निश्चित है। अगर सभी ≥ हैं, तो ≥ ही निश्चित है।
उदाहरण: A ≥ B = C > D ≥ E — यहाँ A और E के बीच कम से कम एक > है (C > D)। इसलिए A > E निश्चित।
बिना इस rule के: हर pair manually check करो (4 steps)। इस rule से: एक नज़र में देखो कि कोई > है या नहीं (1 step)। समय बचत: 3 steps प्रति conclusion।
जब दो variables एक ही variable से compare किए जाएँ — X > Z और Y > Z — तो X और Y के बीच कोई निश्चित निष्कर्ष नहीं।
Quickly check करो: क्या chain में कोई ऐसा point है जहाँ direction बदलती है? जैसे A > B < C — यहाँ B पर chain टूट गई। A और C का कोई निश्चित संबंध नहीं।
Standard approach: पूरी chain बनाने की कोशिश (30 सेकंड)। इस trick से: chain में < के बाद > देखो — तुरंत पहचानो chain टूटी (5 सेकंड)।
जब किसी conclusion में "Either I or II" option हो और chain में ≤ या ≥ आए — तो पहले check करो: क्या chain में exact equality (=) forced है या सिर्फ allowed है।
अगर X ≤ Y chain से निकला और conclusions हैं X < Y और X = Y — दोनों में से एक ज़रूर सत्य। यह "Either I or II" case है।
अगर chain में X < Y directly निकलता है (बीच में कोई = नहीं) — तो Conclusion I अकेला सत्य है।
इस split technique से: 4 options में से 2 तुरंत eliminate — standard method: 45 सेकंड, यह trick: 15 सेकंड।
"S > V definitely false" type प्रश्न में — हर option में देखो कि S और V के बीच क्या chain बनती है।
जिस option में chain V ≥ ... ≥ S बने (V बड़ा या बराबर S) — वहाँ S > V असंभव है।
जिस option में chain S ≥ ... ≥ V बने — वहाँ S > V possible है, definitely false नहीं।
बिना trick: सभी options में full chain trace (5 × 20 सेकंड = 100 सेकंड)। इस trick से: endpoint के position देखो — S बाएँ है या दाएँ? (5 × 5 सेकंड = 25 सेकंड)।
दो statements में common variable ढूँढो और उस पर bridge बनाओ।
Statement 1: J ≥ A > D और Statement 2: L < A = M — common variable है A।
A के ऊपर और नीचे क्या है: J ≥ A और L < A। इससे सीधे निकलता है L < A ≤ J → L < J।
यह bridge technique बिना पूरी chain लिखे 2 variables को जोड़ती है। Standard: पूरी chain फिर से लिखो (4 steps)। Bridge technique: common variable पर focus (1 step)।
परीक्षा-कक्ष में इस क्रम में काम करो:
Step 1 — Chain बनाओ (10 सेकंड): सभी statements को एक ही chain में लिखो। Common variable पर bridge बनाओ।
Step 2 — Chain टूटी है क्या? (3 सेकंड): Chain में कोई direction-change है? (A > B < C type) — अगर हाँ, तो टूटे हुए हिस्सों के बीच कोई निष्कर्ष नहीं।
Step 3 — Conclusion check करो (7 सेकंड प्रति conclusion):
> है तो definitely greater, सिर्फ ≥ तो ≥ निश्चित।≤ chain से "Either I or II" case बनता है?Step 4 — Answer चुनो (2 सेकंड):
≤ split → "Either I or II"कुल target: 20 सेकंड प्रति प्रश्न। 5 प्रश्नों का set 2 मिनट से कम में।
क्यों यह प्रश्न: यह प्रश्न "Definitely True" condition की पूरी समझ माँगता है — दोनों conclusions एक साथ verify करने होते हैं।
समाधान का रास्ता: Option (c) C > B > A ≥ K = R देखो। पहला conclusion A ≥ R: chain में A ≥ K = R है, इसलिए A ≥ R निश्चित रूप से सत्य। दूसरा conclusion B < C: chain में C > B है, इसलिए B < C भी निश्चित रूप से सत्य। दोनों एक साथ satisfy होते हैं — यही सही option है।
क्यों यह प्रश्न: यह "Either I or II" case का classic उदाहरण है। SBI PO में यह pattern बार-बार आता है।
समाधान का रास्ता: दोनों statements से common variable L को bridge बनाओ। L ≥ Y (Statement 2 से) और L ≤ N (Statement 1 से)। इसलिए Y ≤ L ≤ N → Y ≤ N। अब Y ≤ N का अर्थ है: या तो Y < N (Conclusion I) या Y = N (Conclusion II)। दोनों एक साथ नहीं, लेकिन दोनों में से एक ज़रूर — "Either I or II" उत्तर।
क्यों यह प्रश्न: यह ≥ और > के अंतर को test करता है — M < J और J > L में से कौन-सा "definitely" सत्य है।
समाधान का रास्ता: Conclusion I M < J: Statement 1 से J ≥ A, Statement 2 से A = M। इसलिए J ≥ A = M → J ≥ M। यह J = M की संभावना रखता है, इसलिए M < J निश्चित नहीं — केवल M ≤ J निश्चित है। Conclusion II J > L: L < A और J ≥ A → L < A ≤ J → L < J → J > L निश्चित रूप से सत्य। केवल Conclusion II सत्य।
क्यों यह प्रश्न: "Definitely False" type प्रश्न — उल्टी सोच माँगता है। SBI PO 2016 में यह variant आया था।
समाधान का रास्ता: V ≤ A ≤ L = R < S chain को trace करो — S बाएँ side नहीं, दाएँ side पर है chain में। V ≤ A ≤ L = R < S का अर्थ है S > R = L ≥ A ≥ V। यह chain S > V की possibility रखती है, लेकिन जब सभी बराबर हों तो V = A = L = R और फिर S > R means S > V। तो S > V हमेशा true है — definitely false नहीं। उत्तर key के अनुसार वह option जहाँ V ≥ S की chain बने — वहाँ S > V definitely false होगा।
क्यों यह प्रश्न: "Definitely True" के साथ equality का test — chain में = कब forced है और कब merely possible।
समाधान का रास्ता: T ≥ E = G ≥ W = Y ≥ L chain में T और L के endpoints देखो। Chain में = signs हैं लेकिन > नहीं है — इसलिए T ≥ L निश्चित। L = T की possibility chain allow करती है क्योंकि सभी ≥ और = हैं। Answer key के अनुसार यही option correct है।
क्यों यह प्रश्न: एक लंबी chain से सभी possible conclusions को verify करने का अभ्यास।