SSC CGL के लिए उत्पादन और लागत का सिद्धांत — सम्पूर्ण अध्ययन सामग्री

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अवधारणा

उत्पादन और लागत का सिद्धांत यह समझाता है कि एक फर्म inputs (श्रम, पूँजी, भूमि) को outputs (वस्तुएँ और सेवाएँ) में कैसे बदलती है, और इस प्रक्रिया में उसे कितनी लागत उठानी पड़ती है।

सरल उपमा यह है: मान लो तुम एक ढाबा चलाते हो। तुम्हारी भट्टी (भूमि + उपकरण) स्थिर है — वह रात भर वहीं रहती है। लेकिन तुम कितने रसोइए रखते हो, यह बदल सकता है। पहला रसोइया आया — 50 रोटियाँ बनीं। दूसरा आया — 90 रोटियाँ (40 अतिरिक्त)। तीसरा आया — 120 रोटियाँ (30 अतिरिक्त)। देखो — हर नए रसोइए का योगदान घटता जा रहा है। यही घटते सीमांत प्रतिफल का नियम है।

अब यह सोचो कि ढाबे की मासिक किराया ₹5,000 है — यह तुम्हें चाहे 10 रोटियाँ बनो या 1000, देना ही पड़ेगा। यह स्थिर लागत (Fixed Cost) है। आटे, घी और रसोइयों की मज़दूरी उत्पादन के साथ बदलती है — यह परिवर्तनशील लागत (Variable Cost) है।

SSC CGL में इस अध्याय से प्रतिवर्ष 2-4 प्रश्न आते हैं। ये प्रश्न मुख्यतः तीन प्रकार के होते हैं:

  1. परिभाषा-आधारित (AFC, AVC, MC का अर्थ)
  2. संबंध-आधारित (MC और AC का संबंध, उनके वक्रों का व्यवहार)
  3. गणना-आधारित (दी गई TC और TFC से AVC निकालना)

इस अध्याय की मूल संरचना दो स्तंभों पर टिकी है: उत्पादन पक्ष (क्या होता है जब inputs बदलते हैं) और लागत पक्ष (inputs बदलने पर लागत कैसे बदलती है)।


गहन विश्लेषण

उत्पादन फलन: अल्पकाल बनाम दीर्घकाल

अल्पकाल (Short Run): कम से कम एक input स्थिर होता है। यहाँ परिवर्तनशील अनुपात का नियम लागू होता है।

दीर्घकाल (Long Run): सभी inputs परिवर्तनशील होते हैं। यहाँ पैमाने का प्रतिफल (Returns to Scale) लागू होता है।

यह भेद परीक्षा में बार-बार आता है। जब भी प्रश्न में "सभी inputs दोगुने" जैसे शब्द हों — वह दीर्घकाल की अवधारणा है। जब "एक input स्थिर, दूसरा बढ़ रहा है" — वह अल्पकाल है।

घटते सीमांत प्रतिफल का नियम (Law of Diminishing Marginal Returns)

यह नियम कहता है: जब किसी उत्पादन प्रक्रिया में एक input स्थिर हो और परिवर्तनशील input की इकाइयाँ बढ़ाई जाएँ, तो एक निश्चित बिंदु के बाद परिवर्तनशील input का सीमांत उत्पाद (Marginal Product) घटने लगता है।

ध्यान रहे — सीमांत उत्पाद घटता है, ऋणात्मक नहीं होता (कम से कम तुरंत तो नहीं)। यह नियम अल्पकालीन है।

| श्रम की इकाइयाँ | कुल उत्पाद (TP) | सीमांत उत्पाद (MP) | |---|---|---| | 1 | 10 | 10 | | 2 | 22 | 12 (बढ़ रहा) | | 3 | 30 | 8 (घट रहा) | | 4 | 35 | 5 (घट रहा) | | 5 | 35 | 0 (अधिकतम TP) | | 6 | 30 | -5 (ऋणात्मक) |

पैमाने का प्रतिफल (Returns to Scale)

यह दीर्घकालीन अवधारणा है। सभी inputs को एक समान अनुपात में बढ़ाओ और देखो output कितना बढ़ा:

परीक्षा की चाल: "Inputs दोगुने, output 80% बढ़ा" — यहाँ inputs 100% बढ़े पर output केवल 80% बढ़ा, इसलिए DRS।

समोत्पाद वक्र (Isoquant Curve)

Isoquant वह वक्र है जो inputs के उन सभी संयोजनों को दर्शाता है जिनसे समान output मिलता है।

लागत की अवधारणाएँ

स्थिर लागत (Fixed Cost / FC): उत्पादन से अप्रभावित। चाहे output शून्य हो या 10,000 — FC एक जैसी। किराया, बीमा, मशीन की EMI।

परिवर्तनशील लागत (Variable Cost / VC): output के साथ बदलती है। कच्चा माल, श्रम।

TC=FC+VCTC = FC + VC

AFC=TFCQ,AVC=TVCQ,ATC=TCQAFC = \frac{TFC}{Q}, \quad AVC = \frac{TVC}{Q}, \quad ATC = \frac{TC}{Q}

ATC=AFC+AVCATC = AFC + AVC

MC=ΔTCΔQ=ΔTVCΔQMC = \frac{\Delta TC}{\Delta Q} = \frac{\Delta TVC}{\Delta Q}

ध्यान दो — MC की गणना में TFC का कोई रोल नहीं है क्योंकि FC नहीं बदलती।

MC और AC का संबंध — सबसे महत्वपूर्ण नियम

यह नियम Cricket की batting average से समझो: यदि अगली पारी में तुम्हारा score (MC) तुम्हारी average (AC) से कम है, तो average गिरेगी। यदि score average से ज़्यादा है, तो average बढ़ेगी।

AFC के बारे में: AFC हमेशा घटती रहती है क्योंकि TFC स्थिर है और Q बढ़ता जाता है। इसका graph आयताकार अतिपरवलय (Rectangular Hyperbola) होता है।

लागत वक्रों का U-आकार क्यों?

ATC और AVC का U-आकार दो विपरीत शक्तियों का परिणाम है:

MC वक्र भी U-आकार का होता है और वह AVC तथा ATC को उनके न्यूनतम बिंदु पर काटता है — AVC को पहले, फिर ATC को।


शॉर्टकट और युक्तियाँ

patternअल्पकाल बनाम दीर्घकाल की पहचान — एक शब्द

प्रश्न में "सभी inputs" शब्द दिखे → दीर्घकाल → Returns to Scale। "एक input स्थिर" या "एक factor fixed" दिखे → अल्पकाल → Diminishing Marginal Returns। यह पहचान 3 सेकंड में होनी चाहिए — 4 options में से 2 तुरंत काट सकते हो। Standard approach: पूरा प्रश्न पढ़कर decide करो (15-20 सेकंड) vs. यह shortcut (3 सेकंड)।

substitutionAVC निकालने का Direct Formula

जब TC और TFC दोनों दिए हों: AVC=TCTFCQAVC = \frac{TC - TFC}{Q} एक ही step में। गलती तब होती है जब बच्चे पहले ATC = TC/Q निकालते हैं, फिर AFC = TFC/Q, फिर AVC = ATC - AFC — यानी 3 steps। Direct formula से 1 step। उदाहरण: TC = ₹8,000, TFC = ₹2,000, Q = 100 → AVC = (8000-2000)/100 = 60। Standard: 3 calculations vs. shortcut: 1 calculation।

patternReturns to Scale की संख्यात्मक पहचान

Inputs का % बदलाव और Output का % बदलाव तुलना करो:

  • Output% > Input% → IRS (बढ़ते प्रतिफल)
  • Output% = Input% → CRS (स्थिर प्रतिफल)
  • Output% < Input% → DRS (घटते प्रतिफल)

"Inputs दोगुने, output 80% बढ़ा" → Inputs 100% बढ़े, Output 80% बढ़ा → 80 < 100 → DRS। यह तुरंत दिखना चाहिए।

patternMC-AC संबंध: Cricket Average Trick

MC = नई पारी का score। AC = अब तक की batting average। नई पारी का score average से कम → average गिरती है (MC < AC → AC↓)। नई पारी का score average से ज़्यादा → average बढ़ती है (MC > AC → AC↑)। MC = AC → AC अपने lowest पर है। यह analogy options में से गलत statement को 5 सेकंड में काट देती है — standard logical reasoning: 30 सेकंड।

patternIsoquant की shape से input relationship पहचानो

तीन shapes, तीन answers:

  • सीधी रेखा (negative slope) → Perfect Substitutes (MRTS constant)
  • L-shape (right angle) → Perfect Complements (fixed proportion)
  • उभरी हुई वक्र (convex) → Normal substitutes (MRTS घटती है)

Shape देखो → 3 सेकंड में answer। Standard approach में MRTS की परिभाषा याद करनी पड़ती है: 15-20 सेकंड।


तेज़-समाधान रूपरेखा

परीक्षा हॉल में यह decision tree follow करो:

Step 1 — प्रश्न का type पहचानो (5 सेकंड):

Step 2 — अल्पकाल/दीर्घकाल निर्धारण:

Step 3 — संख्यात्मक प्रश्न के लिए: TVC=TCTFCAVC=TVCQTVC = TC - TFC \quad \rightarrow \quad AVC = \frac{TVC}{Q} पहले TVC निकालो, फिर Q से divide करो। AFC और ATC अलग से निकालने की ज़रूरत नहीं जब तक explicitly न पूछा जाए।

Step 4 — MC-AC संबंध प्रश्न: Cricket average trick — 5 सेकंड।

Elimination strategy: MC वक्र के बारे में एक बात हमेशा सच है — वह ATC और AVC को उनके minimum पर काटता है, maximum पर नहीं।


हल किए गए PYQs

क्यों यह प्रश्न: यह प्रश्न घटते सीमांत प्रतिफल के नियम की बुनियादी समझ जाँचता है — यह SSC CGL में सबसे बार repeat होने वाले प्रश्नों में से एक है।

समाधान का रास्ता: "स्थिर आगत के साथ परिवर्तनशील आगत जोड़ी जाती हैं" → यह अल्पकाल है → Diminishing Marginal Returns → MP अंततः घटता है। Option D सही।

Previous Year Questionपिछले वर्ष का प्रश्न
The Law of Diminishing Marginal Returns states that as more units of a variable input are added to a fixed input, the marginal product of the variable input will eventually:
घटते सीमांत प्रतिफल का नियम कहता है कि जैसे-जैसे स्थिर आगत के साथ परिवर्तनशील आगत की अधिक इकाइयाँ जोड़ी जाती हैं, परिवर्तनशील आगत का सीमांत उत्पाद अंततः:
  1. Remain constant
  2. Increase
  3. Become negative immediately
  4. Decrease
  1. स्थिर रहता है
  2. बढ़ता है
  3. तुरंत ऋणात्मक हो जाता है
  4. घटता है
Solutionसमाधान
The Law of Diminishing Marginal Returns states that when additional units of a variable input (like labour) are added to a fixed input (like land or capital), after a certain point the marginal product of that variable input starts to decline. This is a short-run concept applicable when at least one factor of production is fixed.
घटते सीमांत प्रतिफल के नियम के अनुसार, जब किसी स्थिर आगत (जैसे भूमि या पूँजी) के साथ परिवर्तनशील आगत (जैसे श्रम) की अतिरिक्त इकाइयाँ जोड़ी जाती हैं, तो एक निश्चित बिंदु के बाद उस परिवर्तनशील आगत का सीमांत उत्पाद घटने लगता है। यह एक अल्पकालीन अवधारणा है जो तब लागू होती है जब उत्पादन का कम से कम एक साधन स्थिर हो।

क्यों यह प्रश्न: AFC की परिभाषा हर साल किसी न किसी रूप में आती है। चारों options को ध्यान से देखो — ATC, MC, AVC और AFC सब दिए हैं।

समाधान का रास्ता: AFC = TFC ÷ Q। "कुल स्थिर लागत" और "उत्पादन की मात्रा" — दोनों keyword हैं। Option D।

Previous Year Questionपिछले वर्ष का प्रश्न
Which of the following correctly defines 'Average Fixed Cost (AFC)'?
'औसत स्थिर लागत (AFC)' को निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही तरीके से परिभाषित करता है?
  1. Total Variable Cost divided by quantity of output
  2. Change in Total Cost divided by change in output
  3. Total Cost divided by quantity of output
  4. Total Fixed Cost divided by quantity of output
  1. कुल परिवर्तनशील लागत को उत्पादन की मात्रा से विभाजित करने पर
  2. कुल लागत में परिवर्तन को उत्पादन में परिवर्तन से विभाजित करने पर
  3. कुल लागत को उत्पादन की मात्रा से विभाजित करने पर
  4. कुल स्थिर लागत को उत्पादन की मात्रा से विभाजित करने पर
Solutionसमाधान
Average Fixed Cost (AFC) is calculated by dividing the Total Fixed Cost (TFC) by the quantity of output produced, i.e., AFC = TFC / Q. Since TFC remains constant, AFC continuously falls as output increases, giving it a rectangular hyperbola shape on a graph.
औसत स्थिर लागत (AFC) की गणना कुल स्थिर लागत (TFC) को उत्पादित वस्तुओं की मात्रा (Q) से विभाजित करके की जाती है, अर्थात AFC = TFC / Q। चूँकि TFC स्थिर रहती है, इसलिए उत्पादन बढ़ने के साथ AFC लगातार घटती रहती है और इसका ग्राफ आयताकार अतिपरवलय (Rectangular Hyperbola) के आकार का होता है।

क्यों यह प्रश्न: "सभी inputs दोगुने" → दीर्घकाल → Returns to Scale। और output "दोगुने से अधिक" → IRS। यह exact phrasing परीक्षा में बार-बार आती है।

समाधान का रास्ता: Inputs 2× → Output 2×+ → Increasing Returns to Scale। Diminishing Marginal Returns यहाँ लागू नहीं क्योंकि वह अल्पकाल की अवधारणा है। Option D।

Previous Year Questionपिछले वर्ष का प्रश्न
When a firm doubles all its inputs and output more than doubles, the firm is experiencing:
जब एक फर्म अपने सभी inputs को दोगुना करती है और output दोगुने से अधिक हो जाता है, तो फर्म किसका अनुभव कर रही है?
  1. Diminishing marginal returns
  2. Decreasing returns to scale
  3. Constant returns to scale
  4. Increasing returns to scale
  1. ह्रासमान सीमांत प्रतिफल (Diminishing marginal returns)
  2. पैमाने पर घटते प्रतिफल (Decreasing returns to scale)
  3. पैमाने पर स्थिर प्रतिफल (Constant returns to scale)
  4. पैमाने पर बढ़ते प्रतिफल (Increasing returns to scale)
Solutionसमाधान
Returns to scale measures how output responds when ALL inputs are increased proportionally. If doubling all inputs leads to more than double the output, it is called increasing returns to scale. Diminishing marginal returns, in contrast, applies when only ONE input is varied while others are fixed.
पैमाने पर प्रतिफल (Returns to scale) यह मापता है कि जब सभी inputs को समान अनुपात में बढ़ाया जाए तो output कैसे बदलता है। यदि सभी inputs को दोगुना करने पर output दोगुने से अधिक हो जाए, तो उसे पैमाने पर बढ़ते प्रतिफल कहते हैं। ह्रासमान सीमांत प्रतिफल तब लागू होता है जब केवल एक input बदला जाए और बाकी स्थिर रहें।

क्यों यह प्रश्न: यह गणना-आधारित प्रश्न है जो Direct Formula Trick का सीधा application है। परीक्षा में हर बार ऐसा प्रश्न आता है।

समाधान का रास्ता: TVC = TC - TFC = 8,000 - 2,000 = 6,000। AVC = TVC/Q = 6,000/100 = ₹60। Option B।

Previous Year Questionपिछले वर्ष का प्रश्न
A firm produces 100 units with a Total Cost of ₹8,000 and a Total Fixed Cost of ₹2,000. What is the Average Variable Cost (AVC)?
एक फर्म 100 units का उत्पादन करती है जिसकी कुल लागत (Total Cost) ₹8,000 है और कुल स्थिर लागत (Total Fixed Cost) ₹2,000 है। औसत परिवर्तनशील लागत (Average Variable Cost) क्या होगी?
  1. ₹20
  2. ₹60
  3. ₹40
  4. ₹80
  1. ₹20
  2. ₹60
  3. ₹40
  4. ₹80
Solutionसमाधान
Total Variable Cost (TVC) = Total Cost − Total Fixed Cost = ₹8,000 − ₹2,000 = ₹6,000. Average Variable Cost (AVC) = TVC ÷ Output = ₹6,000 ÷ 100 = ₹60. Average Fixed Cost = ₹2,000 ÷ 100 = ₹20, and Average Total Cost = ₹8,000 ÷ 100 = ₹80.
कुल परिवर्तनशील लागत (TVC) = कुल लागत − कुल स्थिर लागत = ₹8,000 − ₹2,000 = ₹6,000। औसत परिवर्तनशील लागत (AVC) = TVC ÷ उत्पादन = ₹6,000 ÷ 100 = ₹60। औसत स्थिर लागत = ₹2,000 ÷ 100 = ₹20, और औसत कुल लागत = ₹8,000 ÷ 100 = ₹80।

क्यों यह प्रश्न: MC-AC संबंध पर प्रश्न — यह सबसे ज़्यादा confuse करने वाला topic है। Options में उल्टे-सीधे statements दिए जाते हैं।

समाधान का रास्ता: Cricket average trick: MC < AC → AC घटती है। MC > AC → AC बढ़ती है। Option D सही — बाकी तीनों options में यही relation उलटा या गलत दिया है।

Previous Year Questionपिछले वर्ष का प्रश्न
Which of the following correctly describes the relationship between Average Cost (AC) and Marginal Cost (MC)?
औसत लागत (AC) और सीमांत लागत (MC) के बीच कौन-सा संबंध सही है?
  1. When MC > AC, AC is falling; when MC < AC, AC is rising
  2. MC and AC always move in the same direction
  3. MC curve always lies above the AC curve
  4. When MC < AC, AC is falling; when MC > AC, AC is rising
  1. जब MC > AC हो, तो AC गिरती है; जब MC < AC हो, तो AC बढ़ती है
  2. MC और AC हमेशा एक ही दिशा में चलती हैं
  3. MC वक्र हमेशा AC वक्र के ऊपर रहता है
  4. जब MC < AC हो, तो AC गिरती है; जब MC > AC हो, तो AC बढ़ती है
Solutionसमाधान
The relationship between MC and AC follows a standard rule: if MC is below AC, it pulls AC down, so AC is falling. If MC is above AC, it pulls AC up, so AC is rising. MC intersects AC at its minimum point. This is similar to how a lower score in a new test pulls down your average, and a higher score pulls it up.
MC और AC के बीच एक मानक नियम होता है: यदि MC, AC से नीचे है, तो वह AC को नीचे खींचती है, यानी AC घटती है। यदि MC, AC से ऊपर है, तो AC बढ़ती है। MC वक्र, AC को उसके न्यूनतम बिंदु पर काटता है। यह उसी तरह है जैसे नई परीक्षा में कम अंक मिलने से औसत गिरता है और अधिक अंक से बढ़ता है।

क्यों यह प्रश्न: यह calculus-based प्रश्न advanced level का है। SSC CGL में कभी-कभी ऐसे प्रश्न आते हैं जिनमें TC function दिया हो।

समाधान का रास्ता: VC = TC - FC = 0.5Q³ - 10Q² + 100Q (क्योंकि FC = 200, constant term)। AVC = VC/Q = 0.5Q² - 10Q + 100। Minimum के लिए d(AVC)/dQ = Q - 10 = 0 → Q = 10। Option B।

Previous Year Questionपिछले वर्ष का प्रश्न
A firm's short-run total cost function is given by TC = 0.5Q³ − 10Q² + 100Q + 200. At what output level does the Average Variable Cost (AVC) reach its minimum?
किसी फर्म का शॉर्ट-रन कुल लागत फलन TC = 0.5Q³ − 10Q² + 100Q + 200 है। किस उत्पादन स्तर पर औसत परिवर्तनशील लागत (AVC) न्यूनतम होती है?
  1. Q = 5
  2. Q = 10
  3. Q = 20
  4. Q = 15
  1. Q = 5
  2. Q = 10
  3. Q = 20
  4. Q = 15
Solutionसमाधान
Variable cost VC = TC − FC = 0.5Q³ − 10Q² + 100Q (FC = 200). AVC = VC/Q = 0.5Q² − 10Q + 100. To minimize, take d(AVC)/dQ = Q − 10 = 0, giving Q = 10. The second derivative is positive (1 > 0), confirming a minimum.
परिवर्तनशील लागत VC = TC − FC = 0.5Q³ − 10Q² + 100Q (FC = 200)। AVC = VC/Q = 0.5Q² − 10Q + 100। न्यूनतम के लिए d(AVC)/dQ = Q − 10 = 0, जिससे Q = 10 प्राप्त होता है। द्वितीय अवकल धनात्मक (1 > 0) है, जो न्यूनतम की पुष्टि करता है।

क्यों यह प्रश्न: "80% बढ़ा" वाला phrasing — यह % comparison trick का direct application है।

समाधान का रास्ता: Inputs दोगुने = 100% वृद्धि। Output = 80% वृद्धि। 80 < 100 → Decreasing Returns to Scale। Option A।

Previous Year Questionपिछले वर्ष का प्रश्न
If a firm doubles all its inputs and output increases by 80%, the firm is experiencing:
यदि कोई फर्म अपने सभी इनपुट दोगुने कर देती है और उत्पादन 80% बढ़ता है, तो फर्म अनुभव कर रही है:
  1. Decreasing returns to scale
  2. Constant returns to scale
  3. Increasing returns to scale
  4. Negative returns to scale
  1. पैमाने पर घटते हुए प्रतिफल
  2. पैमाने पर स्थिर प्रतिफल
  3. पैमाने पर बढ़ते हुए प्रतिफल
  4. पैमाने पर ऋणात्मक प्रतिफल
Solutionसमाधान
When inputs are doubled (100% increase) but output rises by only 80% (less than 100%), the percentage increase in output is less than the percentage increase in inputs. This defines decreasing returns to scale. Increasing returns to scale requires output to rise by more than 100%, and constant returns requires exactly 100%.
जब इनपुट दोगुने (100% वृद्धि) होते हैं लेकिन उत्पादन केवल 80% (100% से कम) बढ़ता है, तो इनपुट की तुलना में उत्पादन में प्रतिशत वृद्धि कम है। यह पैमाने पर घटते प्रतिफल को परिभाषित करता है। बढ़ते प्रतिफल में उत्पादन 100% से अधिक बढ़ना चाहिए और स्थिर प्रतिफल में ठीक 100%।

क्यों यह प्रश्न: Isoquant की shape और input relationship — यह conceptual प्रश्न है जो visual understanding जाँचता है।

समाधान का रास्ता: ऋणात्मक ढलान वाली सीधी रेखा isoquant → constant MRTS → inputs एक-दूसरे को fixed rate पर replace कर सकते हैं → Perfect Substitutes। L-shape होती Perfect Complements के लिए। Option C।

Previous Year Questionपिछले वर्ष का प्रश्न
Which of the following best describes an isoquant that is a straight line with a negative slope?
निम्नलिखित में से कौन सा एक ऋणात्मक ढलान वाली सीधी रेखा वाली समोत्पाद वक्र (isoquant) का सबसे अच्छा वर्णन करता है?
  1. Inputs exhibit diminishing marginal rate of technical substitution
  2. Inputs are perfect complements
  3. Inputs are perfect substitutes
  4. The production function exhibits decreasing returns to scale
  1. इनपुट घटते हुए सीमांत तकनीकी प्रतिस्थापन दर को प्रदर्शित करते हैं
  2. इनपुट पूर्ण पूरक हैं
  3. इनपुट पूर्ण स्थानापन्न हैं
  4. उत्पादन फलन घटते पैमाने के प्रतिफल को प्रदर्शित करता है
Solutionसमाधान
A straight-line (linear) isoquant with a constant negative slope implies a constant Marginal Rate of Technical Substitution (MRTS), meaning one input can be substituted for the other at a fixed ratio — i.e., the inputs are perfect substitutes. Perfect complements yield L-shaped (right-angle) isoquants, while normally bowed isoquants reflect diminishing MRTS.
एक स्थिर ऋणात्मक ढलान वाली सीधी रेखा वाली समोत्पाद वक्र में स्थिर MRTS (तकनीकी प्रतिस्थापन की सीमांत दर) होती है, जिसका अर्थ है कि एक इनपुट को दूसरे से एक निश्चित अनुपात में बदला जा सकता है — यानी इनपुट पूर्ण स्थानापन्न हैं। पूर्ण पूरक इनपुट L-आकार की (समकोण) समोत्पाद वक्र देते हैं, जबकि सामान्यतः उभरी हुई वक्र घटते MRTS को दर्शाती है।

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