Learn / SSC CGL / finance-and-accounts / final-accounts-and-valuation SSC CGL — व्यापार खाता, लाभ-हानि खाता और तुलन-पत्र (अंतिम खाते)
intermediate 18 min read
अवधारणा
एक व्यापारी पूरे साल लेन-देन करता है — माल खरीदता है, बेचता है, किराया देता है, वेतन देता है। साल के अंत में उसे तीन सवालों का जवाब चाहिए:
- माल बेचने में सीधे कितना कमाया? → व्यापार खाता (Trading Account)
- बाकी सभी खर्च घटाने के बाद असली कमाई क्या है? → लाभ-हानि खाता (Profit & Loss Account)
- इस समय मेरे पास क्या है और मुझ पर क्या बकाया है? → तुलन-पत्र (Balance Sheet)
इन तीनों को मिलाकर अंतिम खाते (Final Accounts) कहते हैं। एक सरल उपमा: Trading Account रसोई में खाना बनाने की लागत है, P&L Account पूरे रेस्तराँ चलाने का खर्च है, और Balance Sheet रेस्तराँ की सम्पूर्ण सम्पत्ति और कर्ज़ का snapshot है।
तीनों का आपस में सम्बन्ध:
सकल लाभ=बिक्री−COGS
शुद्ध लाभ=सकल लाभ+अप्रत्यक्ष आय−अप्रत्यक्ष व्यय
संपत्ति=पूंजी+देनदारियाँ
तीसरा सूत्र — लेखांकन का मूल समीकरण — Balance Sheet की नींव है। यह हमेशा सत्य है, कभी नहीं टूटता।
SSC CGL में इस topic से प्रत्यक्ष calculation-आधारित प्रश्न आते हैं। परीक्षक की पसंदीदा चाल है: एक मद को गलत खाते में डलवाना और देखना कि तुम पकड़ पाते हो या नहीं।
गहन विश्लेषण
व्यापार खाता (Trading Account)
Trading Account केवल माल से जुड़ी प्रत्यक्ष मदें दिखाता है। इसमें जो खर्च जाते हैं वे हैं जो माल को गोदाम तक पहुँचाने तक लगे — यानी प्रत्यक्ष व्यय (Direct Expenses)।
Debit पक्ष (खर्च):
- प्रारंभिक स्टॉक (Opening Stock)
- क्रय (Purchases) — वापसी घटाकर
- माल ढुलाई (आवक) — Carriage Inward
- मजदूरी (Wages/Direct Labour)
- कारखाना किराया, बिजली (यदि उत्पादन से जुड़ी हो)
- प्रत्यक्ष व्यय (Octroi, Custom Duty आदि)
Credit पक्ष (आय):
- बिक्री (Sales) — वापसी घटाकर
- अंतिम स्टॉक (Closing Stock)
COGS=Opening Stock+Purchases+Direct Expenses−Closing Stock
Gross Profit=Net Sales−COGS
ध्यान दो: माल ढुलाई (जावक) — Carriage Outward — Trading Account में नहीं जाती, P&L में जाती है। यह एक बहुत आम परीक्षा-जाल है।
लाभ-हानि खाता (Profit & Loss Account)
P&L Account Trading Account से आगे बढ़ता है। यहाँ अप्रत्यक्ष व्यय (Indirect Expenses) और अप्रत्यक्ष आय (Indirect Income) दर्ज होते हैं।
Debit पक्ष (अप्रत्यक्ष व्यय):
- वेतन (Salaries)
- किराया — कार्यालय का (Office Rent)
- बीमा (Insurance)
- विज्ञापन (Advertisement)
- माल ढुलाई जावक (Carriage Outward)
- मूल्यह्रास (Depreciation)
- डूबत ऋण (Bad Debts)
- बिक्री खर्च (Selling Expenses)
Credit पक्ष (अप्रत्यक्ष आय):
- प्राप्त छूट (Discount Received)
- प्राप्त ब्याज (Interest Received)
- किराया प्राप्त (Rent Received)
- Trading Account से लाया गया Gross Profit
Net Profit=Gross Profit+Indirect Income−Indirect Expenses
तुलन-पत्र (Balance Sheet)
Balance Sheet एक विशेष तिथि पर व्यापार की वित्तीय स्थिति का दर्पण है — यह खाता नहीं है, यह एक विवरण (Statement) है। इसे Debit-Credit में नहीं, बल्कि दो स्तम्भों में बनाते हैं।
लेखांकन समीकरण:
Assets (संपत्ति)=Capital (पूंजी)+Liabilities (देनदारियाँ)
Liabilities पक्ष (दायित्व):
- पूंजी (Capital)
- शुद्ध लाभ जोड़ें / हानि घटाएँ
- दीर्घकालिक ऋण (Long-term Loans)
- लेनदार (Creditors)
- देय विपत्र (Bills Payable)
- बकाया खर्च (Outstanding Expenses)
- बैंक अधिविकर्ष (Bank Overdraft)
Assets पक्ष (संपत्ति):
- भूमि, भवन, मशीनरी (Fixed Assets)
- अंतिम स्टॉक (Closing Stock)
- देनदार (Debtors)
- नकद / बैंक (Cash/Bank)
- अग्रिम खर्च (Prepaid Expenses)
कार्यशील पूंजी (Working Capital)
Working Capital=चालू संपत्ति−चालू देनदारियाँ
चालू संपत्ति: स्टॉक, देनदार, नकद, बैंक, अग्रिम खर्च
चालू देनदारियाँ: लेनदार, देय विपत्र, बकाया खर्च, बैंक अधिविकर्ष
संचित हानि का प्रभाव
यदि Balance Sheet में संचित हानि (Accumulated Loss) हो, तो वह पूंजी को घटाती है:
Net Worth=कुल संपत्ति−बाहरी देनदारियाँ−संचित हानि
शॉर्टकट और युक्तियाँ
जब भी कोई व्यय दिया हो, खुद से पूछो: "क्या यह माल को खरीदने/बनाने के लिए सीधे ज़रूरी था?" — हाँ तो Trading, नहीं तो P&L। उदाहरण: माल ढुलाई आवक (गोदाम तक आई) → Trading। माल ढुलाई जावक (ग्राहक को भेजी) → P&L। यह एक-सेकंड का परीक्षण 90% classification प्रश्नों को सुलझा देता है। Standard method: सूची याद करना (30s) vs. यह logic (3s)।
COGS को हमेशा इस क्रम में लिखो: O + P + D − C (Opening + Purchases + Direct expenses − Closing). जब Direct expenses न हों तो D = 0। यह क्रम याद हो तो कोई भी COGS प्रश्न 10 seconds में। Standard method: सोचते-सोचते जोड़ना (25s) vs. O+P+D−C pattern (8s)।
परीक्षा में Capital पूछा जाए तो सीधा लगाओ: Capital = Assets − External Liabilities। यदि संचित हानि भी दी हो तो उसे भी घटाओ। Assets जोड़ना और Liabilities जोड़ना — दो आसान जोड़, एक घटाव। 3 steps में हल बनाम सब-कुछ Balance Sheet में भरने की कोशिश (60s+)। यह shortcut 15s में देता है।
परीक्षक अक्सर selling expenses, office expenses, depreciation Gross Profit में घुसाकर पूछता है। नियम याद रखो: Gross Profit = Net Sales − COGS केवल। इसमें कोई indirect expense नहीं जाता। जब भी GP पूछा जाए, selling/admin expenses को अनदेखा करो — वे Net Profit की गणना में लगेंगे। यह एक गलती 5 marks बचाती है।
Working Capital प्रश्न में सबसे पहले भूमि, भवन, मशीनरी को list से काटो — ये Fixed Assets हैं, Current नहीं। बचे हुए में से Current Assets और Current Liabilities छाँटो। Bank Overdraft हमेशा Current Liability है। अग्रिम खर्च (Prepaid) हमेशा Current Asset है। छाँटने में 5s, जोड़ने में 10s — कुल 15s।
तेज़-समाधान रूपरेखा
परीक्षा हॉल में अंतिम खातों का कोई भी प्रश्न आए, यह क्रम अपनाओ:
Step 1 — क्या पूछा है पहचानो:
- Gross Profit पूछा? → सीधे Trading Account formula लगाओ (GP = Sales − COGS)
- Net Profit पूछा? → पहले GP निकालो, फिर indirect expenses घटाओ
- Capital/Net Worth पूछा? → Assets − External Liabilities (− Accumulated Loss)
- Working Capital पूछा? → Current Assets − Current Liabilities
Step 2 — मदों को वर्गीकृत करो:
- प्रत्यक्ष व्यय (Direct) → COGS में जोड़ो
- अप्रत्यक्ष व्यय (Indirect) → Net Profit में घटाओ
- Fixed Assets → Working Capital से बाहर
Step 3 — एक बार check करो:
क्या Balance Sheet में Assets = Liabilities + Capital? यदि हाँ, काम सही है।
यह framework हर प्रश्न-प्रकार को 20-30 seconds में settle करता है।
हल किए गए PYQs
क्यों यह प्रश्न: GP और NP के बीच का अंतर सबसे बार-बार आने वाला confusion है।
A trader purchased goods worth ₹50,000 and sold them for ₹65,000. If his operating expenses were ₹8,000, what is his Net Profit?
एक व्यापारी ने ₹50,000 का माल खरीदा और ₹65,000 में बेचा। यदि उसके परिचालन खर्च ₹8,000 थे, तो उसका शुद्ध लाभ (Net Profit) क्या है?
- ₹7,000
- ₹57,000
- ₹8,000
- ₹15,000
- ₹7,000
- ₹57,000
- ₹8,000
- ₹15,000
Solutionसमाधान
Gross Profit = Sales – Cost of Goods Sold = ₹65,000 – ₹50,000 = ₹15,000. Net Profit = Gross Profit – Operating Expenses = ₹15,000 – ₹8,000 = ₹7,000. The distractor ₹15,000 is only the Gross Profit, not the Net Profit.
सकल लाभ (Gross Profit) = बिक्री – माल की लागत = ₹65,000 – ₹50,000 = ₹15,000। शुद्ध लाभ (Net Profit) = सकल लाभ – परिचालन खर्च = ₹15,000 – ₹8,000 = ₹7,000। ₹15,000 केवल सकल लाभ है, शुद्ध लाभ नहीं।
समाधान का रास्ता: पहले GP निकालो: 65,000 − 50,000 = 15,000। फिर NP: 15,000 − 8,000 = 7,000। विकल्प ₹15,000 (Option D) परीक्षक का जाल है — वह GP है, NP नहीं।
क्यों यह प्रश्न: COGS formula में Opening Stock और Closing Stock की भूमिका समझना ज़रूरी है।
Opening Stock: ₹20,000; Purchases: ₹80,000; Closing Stock: ₹15,000. What is the Cost of Goods Sold (COGS)?
प्रारंभिक स्टॉक: ₹20,000; खरीद: ₹80,000; अंतिम स्टॉक: ₹15,000। बेचे गए माल की लागत (COGS) क्या है?
- ₹75,000
- ₹85,000
- ₹65,000
- ₹1,00,000
- ₹75,000
- ₹85,000
- ₹65,000
- ₹1,00,000
Solutionसमाधान
COGS = Opening Stock + Purchases – Closing Stock = ₹20,000 + ₹80,000 – ₹15,000 = ₹85,000. The formula adds opening stock to purchases to get goods available for sale, then subtracts closing stock to find the actual cost of goods sold.
COGS = प्रारंभिक स्टॉक + खरीद – अंतिम स्टॉक = ₹20,000 + ₹80,000 – ₹15,000 = ₹85,000। इस फॉर्मूले में बिक्री के लिए उपलब्ध माल निकालने हेतु Opening Stock में Purchases जोड़ी जाती है, फिर Closing Stock घटाकर वास्तविक COGS प्राप्त होती है।
समाधान का रास्ता: O + P − C = 20,000 + 80,000 − 15,000 = 85,000। याद रखो: Closing Stock घटाते हैं क्योंकि वह अभी बिका नहीं।
क्यों यह प्रश्न: Balance Sheet का मूल समीकरण — Capital का प्रत्यक्ष प्रश्न।
A firm's Balance Sheet shows: Total Assets = ₹5,00,000; External Liabilities = ₹1,80,000. What is the Capital (Owner's Equity) of the firm?
एक फर्म की Balance Sheet में: कुल संपत्ति = ₹5,00,000; बाहरी देनदारियाँ = ₹1,80,000। फर्म की पूंजी (Owner's Equity) कितनी है?
- ₹6,80,000
- ₹3,20,000
- ₹1,80,000
- ₹2,80,000
- ₹6,80,000
- ₹3,20,000
- ₹1,80,000
- ₹2,80,000
Solutionसमाधान
The fundamental accounting equation states: Assets = Capital + Liabilities. Therefore, Capital = Total Assets − External Liabilities = ₹5,00,000 − ₹1,80,000 = ₹3,20,000.
मूल लेखांकन समीकरण है: संपत्ति = पूंजी + देनदारियाँ। इसलिए, पूंजी = कुल संपत्ति − बाहरी देनदारियाँ = ₹5,00,000 − ₹1,80,000 = ₹3,20,000।
समाधान का रास्ता: Capital = Assets − Liabilities = 5,00,000 − 1,80,000 = 3,20,000। यह एक सीधा घटाव है, 5 seconds।
क्यों यह प्रश्न: Selling expenses और office expenses को GP में मत घुसाओ — यह सबसे आम गलती है।
A trader purchases goods worth ₹80,000 and sells them for ₹1,00,000. His selling expenses are ₹5,000 and general office expenses are ₹3,000. What is his Gross Profit?
एक व्यापारी ₹80,000 का माल खरीदता है और उसे ₹1,00,000 में बेचता है। उसके बिक्री खर्च ₹5,000 और सामान्य कार्यालय खर्च ₹3,000 हैं। उसका सकल लाभ (Gross Profit) क्या है?
- ₹12,000
- ₹17,000
- ₹20,000
- ₹15,000
- ₹12,000
- ₹17,000
- ₹20,000
- ₹15,000
Solutionसमाधान
Gross Profit is calculated in the Trading Account as: Sales − Cost of Goods Sold = ₹1,00,000 − ₹80,000 = ₹20,000. Selling expenses and general office expenses are deducted in the Profit & Loss Account to arrive at Net Profit, not Gross Profit. So Gross Profit remains ₹20,000.
सकल लाभ Trading Account में निकाला जाता है: बिक्री − माल की लागत = ₹1,00,000 − ₹80,000 = ₹20,000। बिक्री खर्च और कार्यालय खर्च Profit & Loss Account में घटाए जाते हैं, Trading Account में नहीं। इसलिए सकल लाभ ₹20,000 ही रहता है।
समाधान का रास्ता: GP = 1,00,000 − 80,000 = 20,000। बिक्री खर्च (5,000) और कार्यालय खर्च (3,000) P&L में जाएंगे। इन्हें GP में घटाया तो गलत उत्तर आएगा।
क्यों यह प्रश्न: Direct expenses (मजदूरी) COGS में जाते हैं — यह classify करने की परीक्षा है।
A trader's Opening Stock is ₹40,000, Purchases are ₹1,20,000, Direct Expenses are ₹15,000, and Closing Stock is ₹35,000. If Net Sales are ₹2,00,000, what is the Gross Profit?
एक व्यापारी का प्रारंभिक स्टॉक ₹40,000, क्रय ₹1,20,000, प्रत्यक्ष व्यय ₹15,000 और अंतिम स्टॉक ₹35,000 है। यदि शुद्ध बिक्री ₹2,00,000 है, तो सकल लाभ (Gross Profit) कितना होगा?
- ₹50,000
- ₹45,000
- ₹75,000
- ₹60,000
- ₹50,000
- ₹45,000
- ₹75,000
- ₹60,000
Solutionसमाधान
Cost of Goods Sold (COGS) = Opening Stock + Purchases + Direct Expenses − Closing Stock = 40,000 + 1,20,000 + 15,000 − 35,000 = ₹1,40,000. Gross Profit = Net Sales − COGS = 2,00,000 − 1,40,000 = ₹60,000.
बेचे गए माल की लागत (COGS) = प्रारंभिक स्टॉक + क्रय + प्रत्यक्ष व्यय − अंतिम स्टॉक = 40,000 + 1,20,000 + 15,000 − 35,000 = ₹1,40,000। सकल लाभ = शुद्ध बिक्री − COGS = 2,00,000 − 1,40,000 = ₹60,000।
समाधान का रास्ता: COGS = 40,000 + 1,20,000 + 15,000 − 35,000 = 1,40,000। GP = 2,00,000 − 1,40,000 = 60,000। प्रत्यक्ष व्यय (15,000) COGS में जुड़ा, इसलिए GP 75,000 नहीं बल्कि 60,000 है।
क्यों यह प्रश्न: वेतन, प्राप्त छूट और डूबत ऋण — तीनों indirect items हैं जो Trading में नहीं जाते।
A trader's books show the following: Opening Stock ₹40,000; Purchases ₹2,00,000; Carriage Inwards ₹5,000; Sales ₹3,00,000; Closing Stock ₹50,000; Wages ₹10,000; Salaries ₹15,000; Discount Received ₹3,000; Bad Debts ₹2,000. What is the Gross Profit?
एक व्यापारी की पुस्तकों में निम्नलिखित डेटा है: प्रारंभिक स्टॉक ₹40,000; क्रय ₹2,00,000; माल ढुलाई (आवक) ₹5,000; बिक्री ₹3,00,000; अंतिम स्टॉक ₹50,000; मजदूरी ₹10,000; वेतन ₹15,000; प्राप्त छूट ₹3,000; डूबत ऋण ₹2,000। सकल लाभ क्या होगा?
- ₹1,10,000
- ₹1,00,000
- ₹85,000
- ₹95,000
- ₹1,10,000
- ₹1,00,000
- ₹85,000
- ₹95,000
Solutionसमाधान
Gross Profit = Sales – Cost of Goods Sold. Cost of Goods Sold = Opening Stock + Purchases + Carriage Inwards + Wages – Closing Stock = 40,000 + 2,00,000 + 5,000 + 10,000 – 50,000 = ₹2,05,000. Gross Profit = 3,00,000 – 2,05,000 = ₹95,000. Salaries, Discount Received, and Bad Debts are transferred to the Profit & Loss Account, not the Trading Account.
सकल लाभ = बिक्री – बेचे गए माल की लागत। बेचे गए माल की लागत = प्रारंभिक स्टॉक + क्रय + माल ढुलाई (आवक) + मजदूरी – अंतिम स्टॉक = 40,000 + 2,00,000 + 5,000 + 10,000 – 50,000 = ₹2,05,000। सकल लाभ = 3,00,000 – 2,05,000 = ₹95,000। वेतन, प्राप्त छूट और डूबत ऋण को Trading Account में नहीं, बल्कि Profit & Loss Account में दर्ज किया जाता है।
समाधान का रास्ता: COGS = 40,000 + 2,00,000 + 5,000 + 10,000 − 50,000 = 2,05,000। GP = 3,00,000 − 2,05,000 = 95,000। वेतन (15,000) P&L में जाएगा। मजदूरी (10,000) प्रत्यक्ष है, इसलिए COGS में गई।
क्यों यह प्रश्न: Working Capital — Fixed Assets को exclude करना और Bank Overdraft को include करना।
From the following Balance Sheet data, calculate the Working Capital: Land & Building ₹5,00,000; Plant & Machinery ₹3,00,000; Stock ₹80,000; Debtors ₹60,000; Cash ₹20,000; Prepaid Expenses ₹5,000; Creditors ₹70,000; Bills Payable ₹30,000; Outstanding Expenses ₹15,000; Bank Overdraft ₹25,000.
निम्नलिखित Balance Sheet डेटा से कार्यशील पूंजी (Working Capital) की गणना करें: भूमि एवं भवन ₹5,00,000; संयंत्र एवं मशीनरी ₹3,00,000; स्टॉक ₹80,000; देनदार ₹60,000; नकद ₹20,000; अग्रिम खर्च ₹5,000; लेनदार ₹70,000; देय विपत्र ₹30,000; बकाया खर्च ₹15,000; बैंक अधिविकर्ष ₹25,000।
- ₹1,65,000
- ₹40,000
- ₹50,000
- ₹25,000
- ₹1,65,000
- ₹40,000
- ₹50,000
- ₹25,000
Solutionसमाधान
Working Capital = Current Assets – Current Liabilities. Current Assets = Stock + Debtors + Cash + Prepaid Expenses = 80,000 + 60,000 + 20,000 + 5,000 = ₹1,65,000. Current Liabilities = Creditors + Bills Payable + Outstanding Expenses + Bank Overdraft = 70,000 + 30,000 + 15,000 + 25,000 = ₹1,40,000. Working Capital = 1,65,000 – 1,40,000 = ₹25,000.
कार्यशील पूंजी = चालू संपत्ति – चालू देनदारियाँ। चालू संपत्ति = स्टॉक + देनदार + नकद + अग्रिम खर्च = 80,000 + 60,000 + 20,000 + 5,000 = ₹1,65,000। चालू देनदारियाँ = लेनदार + देय विपत्र + बकाया खर्च + बैंक अधिविकर्ष = 70,000 + 30,000 + 15,000 + 25,000 = ₹1,40,000। कार्यशील पूंजी = 1,65,000 – 1,40,000 = ₹25,000।
समाधान का रास्ता: भूमि+मशीनरी को तुरंत काटो। Current Assets = 80,000 + 60,000 + 20,000 + 5,000 = 1,65,000। Current Liabilities = 70,000 + 30,000 + 15,000 + 25,000 = 1,40,000। WC = 25,000।
क्यों यह प्रश्न: संचित हानि का Net Worth पर असर — एक अतिरिक्त घटाव जो बहुत भूल जाते हैं।
In a Balance Sheet, if Total Assets = ₹8,50,000; External Liabilities = ₹3,20,000; and Accumulated Losses = ₹40,000, what is the Capital (Net Worth) of the owner?
एक बैलेंस शीट में, यदि कुल संपत्ति = ₹8,50,000; बाहरी देनदारियाँ = ₹3,20,000; और संचित हानि = ₹40,000, तो मालिक की पूंजी (नेट वर्थ) क्या होगी?
- ₹5,30,000
- ₹4,90,000
- ₹5,70,000
- ₹4,50,000
- ₹5,30,000
- ₹4,90,000
- ₹5,70,000
- ₹4,50,000
Solutionसमाधान
Capital = Total Assets − External Liabilities − Accumulated Losses = 8,50,000 − 3,20,000 − 40,000 = ₹4,90,000. Accumulated losses reduce the owner's equity directly.
पूंजी = कुल संपत्ति − बाहरी देनदारियाँ − संचित हानि = 8,50,000 − 3,20,000 − 40,000 = ₹4,90,000. संचित हानि सीधे मालिक की इक्विटी को कम करती है।
समाधान का रास्ता: Net Worth = 8,50,000 − 3,20,000 − 40,000 = 4,90,000। संचित हानि को मत भूलो — वह capital को सीधे कम करती है।
आम गलतियाँ
-
माल ढुलाई जावक को Trading Account में डालना: Carriage Outward माल बेचने का खर्च है, बनाने/खरीदने का नहीं। यह P&L में जाती है। यह गलती GP को गलत बनाती है।
-
वेतन को COGS में जोड़ना: वेतन (Salaries) अप्रत्यक्ष व्यय है — P&L में। मजदूरी (Wages) यदि प्रत्यक्ष हो तो COGS में। इस अंतर को रटो।
-
Gross Profit और Net Profit को एक मानना: GP सिर्फ माल की बिक्री और लागत का अंतर है। NP = GP के बाद सब indirect items adjust करने पर मिलता है।
-
Balance Sheet में Fixed Assets को Current में गिनना: भूमि, भवन, मशीनरी, फर्नीचर — ये सब Fixed Assets हैं। Working Capital की गणना में इन्हें कभी शामिल मत करो।
-
संचित हानि (Accumulated Loss) को ignore करना: जब Net Worth पूछा जाए और Accumulated Loss दी गई हो, तो Capital = Assets − External Liabilities के बाद Accumulated Loss भी घटाओ। यह एक step छूटने से पूरा उत्तर गलत हो जाता है।
-
Bank Overdraft को Non-Current Liability मानना: Bank Overdraft हमेशा चालू देनदारी (Current Liability) है। Working Capital में यह Current Liabilities में जाएगा।
संबंधित विषय
SarkariRise पर अभ्यास
Sign up + get 3 free mocks →Practice trading profit loss and balance sheet on a mock →