लाभ-हानि का पूरा खेल तीन मूल्यों के बीच का संबंध है — क्रय मूल्य (CP), विक्रय मूल्य (SP), और अंकित मूल्य (MP)। इन तीनों को एक बार समझ लो, फिर कोई भी सवाल उलझन नहीं देगा।
एक दुकानदार की कल्पना करो जो थोक बाज़ार से सामान खरीदता है — वह जो कीमत चुकाता है, वह CP है। फिर वह अपनी दुकान में उस सामान पर एक कीमत का label लगाता है — वह MP (अंकित मूल्य या MRP) है। ग्राहक को छूट देने के बाद जो कीमत वसूली जाती है, वह SP है।
सीधा सूत्र:
ध्यान रखो: लाभ% और हानि% हमेशा CP पर निकाली जाती है। छूट% हमेशा MP पर निकाली जाती है। यह confusion ही सबसे बड़ी गलती का स्रोत है।
एक सरल analogy — मान लो तुमने ₹100 में कोई चीज़ खरीदी (CP = ₹100), उस पर ₹150 का label लगाया (MP = ₹150), फिर 20% छूट देकर बेच दिया। तो SP = ₹150 × 0.80 = ₹120। लाभ = ₹20, लाभ% = 20%। इस एक उदाहरण में तीनों मूल्यों का रिश्ता साफ़ दिखता है।
परीक्षा में हर सवाल इन्हीं सूत्रों का variant है:
जब दोनों एक साथ हों — x% markup पर MP तय किया और y% छूट दी — तो:
उदाहरण: 80% markup, 48% discount →
यानी 6.4% हानि। इसे multiplier method कहते हैं — एक line में answer।
यह SSC का favourite trap है। व्यापारी CP पर बेचने का दावा करता है लेकिन कम weight देता है।
जहाँ Error = True Weight − Faulty Weight।
उदाहरण: 1 kg के बदले 920 gm देता है → Error = 80 gm
एक classic SSC pattern: "12 पेन बेचे, और हानि 3 पेन के SP के बराबर हुई।"
यहाँ trick यह है:
इस pattern को एक बार देख लो — परीक्षा में exactly यही आता है।
"Article को usual SP के 9/10 पर बेचा तो 20% profit मिला — usual SP पर profit% क्या?"
तरीका: CP = 100 मान लो।
"SP ₹5000 से ₹4680 घटाया — loss% 4% बढ़ गया। CP निकालो।"
₹320 का अंतर = 4% का अंतर in loss →
यह एक elegant shortcut है। जब भी "SP में बदलाव → profit/loss% में बदलाव" दिखे, तो:
"कुल 9.5% discount देना था — पहले ₹28000 पर 12%, अगले ₹12000 पर 8% दिया। बचे ₹8000 पर कितना discount?"
यह percentage की layer-by-layer calculation है — घबराओ मत, सिर्फ एक-एक step लो।
जब MP पर x% markup और y% discount हो, तो CP = 100 मानो और directly calculate करो: अगर result > 100 → लाभ%, अगर < 100 → हानि%। उदाहरण: 80% markup, 48% discount → SP = (180 × 52)/100 = 93.6 → हानि 6.4%। सामान्य तरीका (MP निकालो, फिर SP, फिर CP से compare): 5 steps, ~60 सेकंड। Multiplier: 2 steps, ~15 सेकंड।
बेईमान व्यापारी का सवाल देखते ही सीधे लगाओ: \text\{लाभ\%} = \frac{\text{True} - \text{Faulty}}{\text{Faulty}} \times 100 यहाँ denominator Faulty weight है, True नहीं — यही गलती लोग करते हैं। 920 gm वाले सवाल में: (1000−920)/920 × 100 = 80/920 × 100 = 8.70%। Step count: सामान्य तरीके में CP/SP assume करके 4 steps। इस formula से: 1 step।
जब "SP बदलने से profit/loss% बदली" — यह pattern दिखे: Example: SP ₹5000→₹4680 (₹320 कम), loss% 4% बढ़ी → CP = 320/0.04 = ₹8000। फिर 4% profit के लिए SP = 8000 × 1.04 = ₹8320। सामान्य तरीका (दो equations बनाकर): ~90 सेकंड। यह shortcut: ~20 सेकंड।
जब "x% profit, y% discount" दोनों साथ हों: Example: 20% profit, 10% discount → MP/CP = 120/90 = 4/3। यानी MP:CP = 4:3। CP=100 मानकर पूरा calculation करने में 4 steps लगते हैं। यह formula: 1 step।
"n items बेचे, loss = SP of k items" — यह structure दिखे तो: (पूरे n items के लिए) Example: 12 पेन बेचे ₹480 में, loss = 3 पेन का SP। SP per pen = ₹40। CP (12 pens) = 480 × (12+3)/12 = 480 × 15/12 = ₹600। CP per pen = ₹50। सामान्य algebraic तरीका: 5+ steps। Pattern पहचानने के बाद: 2 steps।
परीक्षा हॉल में लाभ-हानि का सवाल देखते ही यह decision tree follow करो:
Step 1 — क्या दिया है?
Step 2 — CP कितना मानना है? अगर CP नहीं दिया है — हमेशा CP = 100 मानो। इससे सारे % directly काम आते हैं।
Step 3 — Answer verify करो Answer निकालने के बाद 5 सेकंड में check करो — SP > CP है? तो लाभ होना चाहिए। SP < CP है? तो हानि। अगर answer उल्टा लग रहा है तो sign गलत हुई।
Golden rule: छूट% हमेशा MP पर, लाभ/हानि% हमेशा CP पर। इसे याद रखो — हर दूसरे सवाल में यही trap है।
क्यों यह प्रश्न: "Loss = SP of n items" pattern का सबसे clean उदाहरण — परीक्षा में यही structure बार-बार आता है।
समाधान का रास्ता: SP per pen = 480/12 = ₹40। Loss = 3 × 40 = ₹120। CP (12 pens) = 480 + 120 = ₹600। CP per pen = ₹50। सीधे formula: CP = SP × (n+k)/n = 480 × 15/12 = ₹600।
क्यों यह प्रश्न: ΔSP method का perfect SSC example — CP दिया नहीं, सिर्फ SP का अंतर और % का अंतर दिया।
समाधान का रास्ता: SP घटा ₹320, loss% 4% बढ़ी। CP = 320/0.04 = ₹8000। 4% profit के लिए SP = 8000 × 1.04 = ₹8320।
क्यों यह प्रश्न: Layered discount — एक बड़ी amount को parts में बाँटकर discount calculate करना। यह SSC CHSL 2024 का नया pattern है।
समाधान का रास्ता: Total discount = 9.5% × 48000 = ₹4560। पहले दो parts पर discount = 3360 + 960 = ₹4320। बचा हुआ = 4560 − 4320 = ₹240।
क्यों यह प्रश्न: Faulty weight का formula — बेईमान व्यापारी वाला classic SSC question। Error/Faulty formula को एक बार देख लो।
समाधान का रास्ता: True = 1000 gm, Faulty = 920 gm। Error = 80 gm। लाभ% = (80/920) × 100 = 8.695% ≈ 8.70%।
क्यों यह प्रश्न: MP:CP ratio निकालना — 10% discount, 20% profit दोनों साथ। Direct formula से 1 step में हल।
समाधान का रास्ता: MP/CP = (100+20)/(100−10) = 120/90 = 4/3। MP:CP = 4:3।
क्यों यह प्रश्न: "Usual SP के fraction पर बेचा" — यह SSC का recurring pattern है। CP = 100 मानने से तुरंत हल।
समाधान का रास्ता: CP = 100। (9/10) × SP = 120 → SP = 400/3 = 133.33। Usual SP पर profit% = 33.33% = 33⅓%।
छूट% को CP पर लगाना: छूट हमेशा MP पर होती है, CP पर कभी नहीं। अगर MP नहीं दिया और discount% दिया है — समझो MP implied है।
Faulty weight में denominator गलत लेना: बहुत लोग Error/True × 100 लगा देते हैं जबकि सही formula Error/Faulty × 100 है। दोनों में अंतर छोटा लगता है पर answer गलत हो जाता है।
Loss = SP of n items में sign गलती: जब loss दिया हो तो CP = SP + Loss। लोग CP = SP − Loss लिख देते हैं। Loss को subtract नहीं, add करते हैं CP में।
"Usual SP के x/y पर बेचा" में SP और CP confuse करना: जो fraction दिया है वह usual SP का fraction है, CP का नहीं। CP = 100 मानो और SP equation से निकालो।
ΔSP method में % को decimal में convert न करना: 4% को 4 लिख देते हैं 0.04 की जगह। तो CP = 320/4 = 80 निकलता है जबकि सही 320/0.04 = 8000 है।
Multiplier method में (100+x) की जगह x लिखना: "80% markup" का मतलब MP = 180, न कि 80। formula में (100 + markup%) लिखो।