संख्या प्रणाली को समझना वैसा ही है जैसे किसी इमारत की नींव को समझना। SSC GD में गणित के जो भी प्रश्न आते हैं — प्रतिशत, अनुपात, लाभ-हानि — सब इसी नींव पर खड़े हैं।
संख्याओं के प्रकार एक नज़र में:
याद रखो: 1 न अभाज्य है, न भाज्य। 2 एकमात्र सम अभाज्य संख्या है।
एक सरल सादृश्य: मान लो संख्याओं की दुनिया एक सेना है। प्राकृतिक संख्याएँ सैनिक हैं। अभाज्य संख्याएँ उस सेना के वे विशेष सैनिक हैं जो और छोटी टुकड़ियों में नहीं बंट सकते — इनकी एकाकी ताकत ही इनकी पहचान है।
100 तक की अभाज्य संख्याएँ याद रखो: 2, 3, 5, 7, 11, 13, 17, 19, 23, 29, 31, 37, 41, 43, 47, 53, 59, 61, 67, 71, 73, 79, 83, 89, 97
किसी संख्या के अभाज्य होने की जाँच: तक के सभी अभाज्य संख्याओं से भाग दो। अगर कोई भी पूरी तरह नहीं जाता, तो अभाज्य है।
उदाहरण: क्या 97 अभाज्य है? , तो 2, 3, 5, 7 से भाग दो — कोई नहीं जाता। 97 अभाज्य है।
ये नियम SSC GD में बार-बार काम आते हैं:
| भाजक | नियम | |------|------| | 2 | अंतिम अंक 0, 2, 4, 6, या 8 हो | | 3 | सभी अंकों का योग 3 से विभाज्य हो | | 4 | अंतिम दो अंक 4 से विभाज्य हों | | 5 | अंतिम अंक 0 या 5 हो | | 6 | 2 और 3 दोनों से विभाज्य हो | | 8 | अंतिम तीन अंक 8 से विभाज्य हों | | 9 | सभी अंकों का योग 9 से विभाज्य हो | | 11 | विषम स्थानों के अंकों का योग − सम स्थानों के अंकों का योग = 0 या 11 का गुणज |
HCF निकालने के दो तरीके:
तरीका 1 — गुणनखंड विधि: , HCF = सबसे छोटी घात के सामान्य गुणनखंड =
तरीका 2 — भाग विधि (Euclid's Algorithm): शेषफल जब 0 हो, उससे पहले का भाजक = HCF = 6
LCM निकालना: , LCM = सबसे बड़ी घात के सभी गुणनखंड =
महत्वपूर्ण सूत्र:
ये सूत्र SSC GD में सीधे पूछे जाते हैं:
(जब )
— इतना सीधा है।
जब किसी range में एक digit की occurrence गिननी हो, तो systematically सोचो: 300-399 की संख्याएँ। 7 केवल एक बार आए।
इकाई स्थान पर 7: 307, 317, 327, 337, 347, 357, 367, 377, 387, 397 → 10 संख्याएँ। लेकिन 377 में 7 दो बार है, इसे हटाओ → 9 संख्याएँ।
दहाई स्थान पर 7: 370, 371, 372, 373, 374, 375, 376, 377, 378, 379 → 10 संख्याएँ। 377 में 7 दो बार, हटाओ → 9 संख्याएँ।
कुल = 9 + 9 = 18।
सामान्य तरीका: हर position अलग-अलग जाँचो और overlap हटाओ। Standard तरीका: 3-4 मिनट। यह pattern: 45 सेकंड।
सूत्र को याद रखो, पर इसे तेज़ी से apply करने का तरीका:
n=10: — बस 10 और 11 का गुणनफल आधा करो।
n=20:
n=100:
किसी भी n के लिए: पहले करो, फिर 2 से भाग दो। दो steps, calculator नहीं चाहिए।
Standard तरीका (1+2+3+...जोड़ते जाओ): 30-40 सेकंड। यह सूत्र: 5 सेकंड।
LCM × HCF = पहली संख्या × दूसरी संख्या — यह सूत्र answer check करने के लिए इस्तेमाल करो।
उदाहरण: 6 और 8 का LCM=24, HCF=2। जाँच: 24 × 2 = 48 = 6 × 8। सही।
अगर options में LCM और HCF दोनों दिए हों, तो पहले इस सूत्र से eliminate करो। 2 गलत options तुरंत हट जाएंगे।
Standard तरीका (दोनों निकालो, जाँचो): 90 सेकंड। Elimination से: 15 सेकंड।
किसी संख्या के अंकों को alternating sign (+, −, +, −...) से जोड़ो, दाएँ से बाएँ।
उदाहरण: 1364 → । 0 है, तो 11 से विभाज्य।
उदाहरण: 2574 → । विभाज्य।
उदाहरण: 1234 → । विभाज्य नहीं।
Standard तरीका (भाग करो): 20 सेकंड। यह shortcut: 5 सेकंड।
2 और 3 को छोड़कर, हर अभाज्य संख्या या के रूप में होती है।
इसका मतलब: जो संख्या 6 से भाग देने पर 1 या 5 शेष दे, वही अभाज्य हो सकती है (हो सकती है, ज़रूरी नहीं)।
जो 2, 3 से विभाज्य हो वह तुरंत composite। इससे जाँच के steps आधे हो जाते हैं।
उदाहरण: 49 = 6×8+1, तो candidate। पर 7×7=49, composite।
Standard जाँच: हर अभाज्य से भाग। यह method: elimination से 50% तेज़।
परीक्षा हॉल में संख्या प्रणाली का प्रश्न देखते ही यह decision tree follow करो:
Step 1 — प्रश्न का प्रकार पहचानो:
Step 2 — Options देखो पहले: अगर 4 options हैं, तो विभाज्यता या parity (सम/विषम) से 1-2 options तुरंत eliminate हो सकते हैं।
Step 3 — गणना करो और LCM×HCF से verify करो।
SSC GD में इस chapter से 2-3 प्रश्न आते हैं जो concept-based होते हैं, calculation-heavy नहीं — इसलिए definitions पक्की रखो।
क्यों यह प्रश्न: Counting with conditions SSC GD में pattern-based सोच की परीक्षा लेता है — brute force नहीं चाहिए।
समाधान का रास्ता: 300-399 के बीच 7 केवल एक बार आए। इकाई स्थान पर 7 (लेकिन दहाई पर 7 नहीं) = 307, 317, 327, 337, 347, 357, 367, 387, 397 = 9 संख्याएँ। दहाई स्थान पर 7 (लेकिन इकाई पर 7 नहीं) = 370, 371, 372, 373, 374, 375, 376, 378, 379 = 9 संख्याएँ। कुल = 18।
क्यों यह प्रश्न: अभाज्य संख्या की परिभाषा SSC GD में सीधे पूछी जाती है — 0, 1, 2, 3 में से गलती की गुंजाइश है।
समाधान का रास्ता: 0 के अनंत गुणनखंड हैं। 1 का केवल एक गुणनखंड है। 2 के दो गुणनखंड हैं: 1 और 2 — इसीलिए 2 सबसे छोटी अभाज्य संख्या है। 3 भी अभाज्य है, पर 2 से बड़ी।
क्यों यह प्रश्न: घातांक की मूल समझ — को 6 मानने की गलती बहुत होती है।
समाधान का रास्ता: । । घात का मतलब गुणा है, जोड़ नहीं।
क्यों यह प्रश्न: LCM की method और answer verify करना — दोनों एक साथ।
समाधान का रास्ता: , । LCM = सबसे बड़ी घात = । जाँच: LCM × HCF = 24 × 2 = 48 = 6 × 8। सही।
क्यों यह प्रश्न: पहले 10 प्राकृतिक संख्याओं का योग — सूत्र की direct application।
समाधान का रास्ता: । Option (c) सही।
क्यों यह प्रश्न: HCF — गुणनखंड विधि की basic application।
समाधान का रास्ता: 12 के गुणनखंड: 1, 2, 3, 4, 6, 12। 18 के गुणनखंड: 1, 2, 3, 6, 9, 18। सबसे बड़ा सामान्य गुणनखंड = 6।
क्यों यह प्रश्न: शून्य का गुण — यह concept-based trap है, calculation नहीं।
समाधान का रास्ता: कोई भी संख्या × 0 = 0। यह गणित का मूल नियम है। Answer = 0।
1 को अभाज्य मान लेना: 1 के केवल एक गुणनखंड है — खुद। अभाज्य के लिए दो अलग गुणनखंड चाहिए। 1 न अभाज्य है, न भाज्य।
को 6 (यानी ) मान लेना: घात का अर्थ है बार-बार गुणा, न कि गुणनफल। , नहीं।
LCM और HCF को उलटना: बड़ी संख्याओं का LCM बड़ा होता है, HCF छोटा। अगर answer में LCM मूल संख्याओं से छोटा आए, तो गलती है।
0 से भाग देना: undefined है — कभी 0 या 5 मत लिखो। यह trap question में आता है।
प्राकृतिक संख्याओं में 0 शामिल करना: प्राकृतिक संख्याएँ 1 से शुरू होती हैं, 0 से नहीं। पूर्ण संख्याओं में 0 होता है।
विभाज्यता नियम 3 और 9 में confusion: 3 के लिए अंकों का योग 3 का गुणज हो, 9 के लिए 9 का गुणज हो। 9 का नियम 3 से सख्त है — 9 से विभाज्य हो तो 3 से भी होगा, पर उल्टा ज़रूरी नहीं।