संख्या पद्धति गणित की नींव है। SSC MTS में जो भी सवाल आते हैं — चाहे अंकगणित हो, प्रतिशत हो, या अनुपात — सबके नीचे संख्या पद्धति की समझ काम करती है।
सोचो एक बड़ी अलमारी है जिसमें अलग-अलग दराज हैं। हर दराज में एक खास किस्म की संख्याएं रखी हैं। जैसे एक दराज में केवल गिनती वाली संख्याएं (1, 2, 3...), दूसरी में शून्य भी शामिल है, तीसरी में ऋणात्मक संख्याएं भी हैं। यही संख्या पद्धति है — हर संख्या की अपनी जगह, अपना वर्ग।
मुख्य वर्गीकरण:
अभाज्य और भाज्य:
SSC MTS में इस chapter से सीधे 2-3 सवाल आते हैं — स्थानीय मान, भिन्न में बदलना, HCF/LCM, और गुणनखंड। ये सब आपस में जुड़े हैं।
किसी संख्या में हर अंक का दो मान होता है:
स्थान-मान तालिका:
| स्थान | करोड़ | दस-लाख | लाख | दस-हज़ार | हज़ार | सैकड़ा | दहाई | इकाई | |-------|-------|---------|-----|---------|-------|-------|------|------| | मान | 1,00,00,000 | 10,00,000 | 1,00,000 | 10,000 | 1,000 | 100 | 10 | 1 |
4,736 को देखो: 4 हज़ार के स्थान पर (4000), 7 सैकड़े के स्थान पर (700), 3 दहाई के स्थान पर (30), 6 इकाई के स्थान पर (6)।
परीक्षा में जाल यह होता है कि अंकित मान और स्थानीय मान को एक समझ लेते हैं। इकाई के स्थान पर बैठे अंक के लिए दोनों एक समान होते हैं — बाकी सब जगह अलग।
100 तक की अभाज्य संख्याएं याद रखनी चाहिए: 2, 3, 5, 7, 11, 13, 17, 19, 23, 29, 31, 37, 41, 43, 47, 53, 59, 61, 67, 71, 73, 79, 83, 89, 97।
किसी संख्या N की जाँच के लिए: √N तक के सभी अभाज्य संख्याओं से भाग दो। अगर कोई नहीं भाजित करता, तो N अभाज्य है।
उदाहरण: क्या 97 अभाज्य है? √97 ≈ 9.8, तो 2, 3, 5, 7 से जाँचो। 97 में से कोई नहीं भाजित करता — 97 अभाज्य है।
अगर N = (जहाँ p, q, r अभाज्य हैं), तो गुणनखंडों की कुल संख्या = (a+1)(b+1)(c+1)।
12 = , इसलिए गुणनखंड = (2+1)(1+1) = 3 × 2 = 6। ये 6 गुणनखंड हैं: 1, 2, 3, 4, 6, 12। सूत्र से तुरंत 6 मिल गया, गिनने की जरूरत नहीं।
HCF (महत्तम समापवर्तक): दो या अधिक संख्याओं का सबसे बड़ा सामान्य गुणनखंड।
12 और 18 का HCF:
LCM (लघुत्तम समापवर्त्य): दो या अधिक संख्याओं का सबसे छोटा सामान्य गुणज।
4 और 6 का LCM:
महत्वपूर्ण संबंध: किन्हीं दो संख्याओं a और b के लिए:
इसलिए LCM = (a × b) ÷ HCF — यह सूत्र बहुत काम आता है।
सांत दशमलव (Terminating Decimal): जैसे 0.75।
पुनरावर्ती दशमलव (Recurring Decimal): जैसे 0.333...
17 को 5 से भाग: 17 = 5 × 3 + 2। शेषफल = 2।
यह सूत्र कंठस्थ करो। परीक्षा में "शेषफल" वाले सवाल इसी पर टिके हैं।
1 से 20 तक के वर्ग याद होने चाहिए:
जब भी पूछा जाए "N के कितने गुणनखंड हैं", तो एक-एक गिनने में 30-40 सेकंड लगते हैं। इसकी जगह:
उदाहरण: 36 के गुणनखंड कितने?
सामान्य तरीका (1,2,3,4,6,9,12,18,36 एक-एक लिखना): 45 सेकंड। इस सूत्र से: 10 सेकंड।
जब दो संख्याओं का HCF पता हो और LCM पूछा जाए (या उलटा), तो सूत्र इस्तेमाल करो:
उदाहरण: a=12, b=18, HCF=6। LCM = (12×18)/6 = 216/6 = 36। गुणनखंडन वाला लंबा तरीका: 40 सेकंड। यह सूत्र: 10 सेकंड। शर्त: सूत्र केवल दो संख्याओं के लिए काम करता है, तीन या अधिक के लिए नहीं।
किसी संख्या का वर्ग निकालना हो जो 10 के नजदीक हो:
12² = (10+2)² = 100 + 40 + 4 = 144। तीन steps, 8 सेकंड। सीधे 12×12 लंबी गुणा करना: 20 सेकंड।
इसी तरह: 13² = (10+3)² = 100+60+9 = 169। 14² = (10+4)² = 100+80+16 = 196।
0.75 जैसे सांत दशमलव के लिए:
0.75 → 75/100 → 15/20 → 3/4। (÷5, फिर ÷5) कुछ विद्यार्थी सीधे 15/20 को उत्तर मान लेते हैं — विकल्पों में यह जाल होता है। हमेशा सरलतम रूप तक जाओ। सामान्य तरीका (म.स. निकालकर): 25 सेकंड। यह तरीका: 10 सेकंड।
N अभाज्य है या नहीं — जाँचने के लिए √N से बड़े किसी अभाज्य से भाग देने की जरूरत नहीं।
97 की जाँच: √97 < 10, तो केवल 2, 3, 5, 7 से जाँचो।
97 अभाज्य है। 4 steps, 15 सेकंड। बिना इस नियम के: 10+ divisions।
परीक्षा हॉल में संख्या पद्धति का सवाल देखते ही यह decision tree चलाओ:
सवाल किस प्रकार का है?
स्थानीय मान पूछा है → संख्या में अंक की स्थिति गिनो (दाएं से: इकाई=1, दहाई=10, सैकड़ा=100...) → अंक × उस स्थान का मान।
अभाज्य/भाज्य पहचान → क्या 1 से बड़ा और केवल 1 व खुद से विभाज्य? हाँ → अभाज्य। नहीं → भाज्य। याद रखो: 1 न अभाज्य न भाज्य।
HCF/LCM → पहले दोनों का अभाज्य गुणनखंडन। HCF = न्यूनतम सामान्य घात। LCM = अधिकतम सभी घात। दो संख्याओं के लिए: LCM = (a×b)/HCF।
गुणनखंडों की संख्या → अभाज्य गुणनखंडन → (घात+1) का गुणनफल।
दशमलव → भिन्न → हर बनाओ (दशमलव स्थानों के अनुसार 10 या 100...) → म.स. से सरल करो।
शेषफल → भाज्य = भाजक × भागफल + शेषफल। भागफल = भाज्य ÷ भाजक (पूर्णांक भाग)।
हर सवाल में पहले विकल्प देखो — अक्सर elimination से 1-2 विकल्प तुरंत हटते हैं।
क्यों यह प्रश्न: स्थानीय मान SSC MTS में हर साल आता है। अंकित मान और स्थानीय मान में फर्क न समझने वाले हमेशा गलत विकल्प चुनते हैं।
समाधान का रास्ता: 4,736 में अंक 7 को दाएं से गिनो — इकाई (6), दहाई (3), सैकड़ा (7)। तो 7 सैकड़े के स्थान पर है। स्थानीय मान = 7 × 100 = 700।
क्यों यह प्रश्न: 0.75 = 3/4 यह जानना काफी नहीं — सरलतम रूप तक पहुँचना ज़रूरी है। विकल्प में 15/20 और 75/100 जानबूझकर रखे जाते हैं।
समाधान का रास्ता: 0.75 = 75/100। म.स.(75,100) = 25। 75÷25 = 3, 100÷25 = 4। उत्तर = 3/4।
क्यों यह प्रश्न: "सबसे छोटी भाज्य संख्या" — यहाँ 2 को जवाब मानना सबसे आम गलती है। 2 अभाज्य है, भाज्य नहीं।
समाधान का रास्ता: 2 (अभाज्य), 3 (अभाज्य), 5 (अभाज्य) — ये तीनों बाहर। 4 के गुणनखंड: 1, 2, 4 → तीन गुणनखंड → भाज्य। उत्तर = 4।
क्यों यह प्रश्न: HCF निकालना — गुणनखंडन विधि परीक्षा में सबसे तेज़ और भरोसेमंद है।
समाधान का रास्ता: 12 = 2² × 3, 18 = 2 × 3²। सामान्य गुणनखंड: और । HCF = 2 × 3 = 6।
क्यों यह प्रश्न: LCM निकालना — HCF-LCM संबंध सूत्र यहाँ तेज़ काम करता है।
समाधान का रास्ता: म.स.(4,6) = 2। LCM = (4×6)/2 = 24/2 = 12।
क्यों यह प्रश्न: शेषफल का सूत्र — भाज्य = भाजक × भागफल + शेषफल — यह पूरे अंकगणित में काम आता है।
समाधान का रास्ता: 17 ÷ 5 = 3 (भागफल), क्योंकि 5 × 3 = 15। 17 - 15 = 2। शेषफल = 2।
क्यों यह प्रश्न: 12² = 144 — यह सीधे याद होना चाहिए। अगर याद नहीं तो (10+2)² का सूत्र तुरंत लगाओ।
समाधान का रास्ता: ।
क्यों यह प्रश्न: गुणनखंडों की गिनती — सूत्र इस्तेमाल करो, एक-एक मत गिनो।
समाधान का रास्ता: 12 = । गुणनखंड = (2+1)(1+1) = 3 × 2 = 6।
1 को अभाज्य मानना: 1 के केवल एक ही गुणनखंड है (वह खुद)। अभाज्य की परिभाषा में ठीक दो गुणनखंड (1 और खुद) होने चाहिए। 1 न अभाज्य है, न भाज्य।
अंकित मान और स्थानीय मान को एक समझना: 4,736 में 7 का अंकित मान 7 है, पर स्थानीय मान 700 है। इकाई के अंक के लिए ही दोनों बराबर होते हैं।
भिन्न का सरलतम रूप न देखना: 0.75 = 75/100 = 15/20 = 3/4 — परीक्षा हमेशा सरलतम रूप माँगती है। 15/20 या 75/100 देखकर रुको मत।
HCF निकालते समय अधिकतम घात लेना: HCF में सामान्य गुणनखंडों की न्यूनतम घात लेते हैं, LCM में अधिकतम। यह आपस में उलट जाता है।
LCM-HCF सूत्र तीन संख्याओं पर लगाना: LCM = (a×b)/HCF केवल दो संख्याओं के लिए है। तीन संख्याओं के लिए यह सूत्र काम नहीं करता — तब सीधा अभाज्य गुणनखंडन करो।
√N से बड़े divisors से जाँच करना: किसी संख्या की अभाज्यता जाँचने के लिए √N तक के अभाज्यों से भाग काफी है। इससे बड़े divisors जाँचने में समय बर्बाद मत करो।