UP Police Constable: कथन, निष्कर्ष, पूर्वधारणा एवं तर्क — सम्पूर्ण रणनीति
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अवधारणा
देखो — Reasoning के इस अध्याय में तीन अलग-अलग प्रकार के प्रश्न आते हैं जिन्हें अधिकतर छात्र आपस में मिला देते हैं। यही उनकी सबसे बड़ी गलती है।
कथन (Statement): एक तथ्य या घटना जिसे बिना सवाल किए सत्य मान लेना है।
निष्कर्ष (Conclusion): वह बात जो कथन से directly और logically निकलती है। अगर कथन सच है तो निष्कर्ष भी सच होना चाहिए।
पूर्वधारणा / धारणा (Assumption): वह बात जो कथन में लिखी तो नहीं है, लेकिन कथन को कहने के लिए वक्ता ने मान के चली थी। यह कथन के पीछे की छिपी नींव है।
तर्क (Argument): किसी नीति या प्रस्ताव के पक्ष (Yes) या विपक्ष (No) में दिए गए कारण। इन्हें "मजबूत" या "कमजोर" में वर्गीकृत करना होता है।
एक सरल सादृश्य:
मान लो तुम्हारी माँ कहती है: "बारिश आने वाली है, छाता ले जाओ।"
- कथन: बारिश आने वाली है।
- निष्कर्ष: बाहर जाते समय छाता काम आएगा।
- पूर्वधारणा: छाता भीगने से बचाता है (यह माँ ने कहा नहीं, पर मान के चली)।
- तर्क: "हाँ, बारिश में छाता लेना चाहिए क्योंकि बीमार पड़ जाओगे" — यह एक मजबूत तर्क है।
तीनों में fundamental फ़र्क यह है कि निष्कर्ष कथन के बाद आता है (output), पूर्वधारणा कथन के पहले से मानी जाती है (input), और तर्क किसी प्रस्ताव को justify करता है।
गहन विश्लेषण
कथन और निष्कर्ष — नियम
निष्कर्ष तभी "अनुसरण करता है" जब:
- कथन में सीधे लिखी बात से तार्किक रूप से निकले। कोई बाहरी जानकारी, कोई अनुमान, कोई "हो सकता है" नहीं।
- निष्कर्ष कथन से बड़ा न हो। अगर कथन कहे "कुछ छात्र होशियार हैं" तो निष्कर्ष "सभी छात्र होशियार हैं" गलत होगा।
- "केवल", "सभी", "कोई नहीं" जैसे शब्दों पर ध्यान दो। ये निष्कर्ष की सीमा तय करते हैं।
"या तो I या II अनुसरण करता है" — यह option कब आता है?
जब दोनों निष्कर्षों में से एक ही सच हो सकता है (complementary pair) — जैसे "सभी A, B हैं" और "कोई A, B नहीं है" — या जब दोनों में से एक ज़रूर सच होना चाहिए पर हम तय नहीं कर सकते कि कौन सा।
कथन और पूर्वधारणा — नियम
पूर्वधारणा "अंतर्निहित" (implicit) तब होती है जब:
- कथन को सार्थक बनाने के लिए यह ज़रूरी हो। अगर पूर्वधारणा सच न हो तो कथन कहने का कोई मतलब ही न बने।
- यह बहुत "बड़ी" छलांग न हो। छोटे, स्वाभाविक रूप से मान ली गई बातें ही पूर्वधारणा होती हैं।
- कथन में पहले से न लिखी हो। अगर लिखी है तो वह fact है, assumption नहीं।
परीक्षा की असली trick: पूछो — "क्या कथन कहने वाले ने यह बात पहले से मान के चली?" अगर हाँ, तो assumption implicit है।
उदाहरण:
कथन: "विज्ञापन देखकर इस शैम्पू को खरीदें।"
- धारणा I: "विज्ञापन देखकर लोग खरीदते हैं।" — अंतर्निहित है (इसी विश्वास पर विज्ञापन दिया गया है)।
- धारणा II: "यह शैम्पू सबसे अच्छा है।" — अंतर्निहित नहीं है (यह claim कथन में नहीं है, यह बाहरी अतिरिक्त बात है)।
कथन और तर्क — नियम
मजबूत तर्क (Strong Argument):
- सीधे प्रश्न/प्रस्ताव से जुड़ा हो।
- तथ्यात्मक और महत्वपूर्ण आधार पर हो।
- भावनात्मक नहीं, तार्किक हो।
- व्यापक प्रभाव दिखाए।
कमजोर तर्क (Weak Argument):
- अप्रत्यक्ष रूप से जुड़ा हो।
- "क्योंकि हमेशा से ऐसा होता आया है" — tradition-based।
- भावनात्मक या अतिरंजित हो।
- कथन का खंडन तो करे पर ठोस कारण न दे।
मजबूत vs. कमजोर की पहचान का formula:
तर्क पढ़ो और पूछो: "क्या यह तर्क अकेले खड़ा हो सकता है? क्या यह directly उस policy के परिणाम की बात करता है?" अगर हाँ — मजबूत। अगर सिर्फ "यह अन्यायपूर्ण है" या "यह हमेशा से नहीं होता" — कमजोर।
तीनों में फ़र्क — एक तुलनात्मक तालिका
| पहलू | निष्कर्ष | पूर्वधारणा | तर्क |
|------|----------|------------|------|
| कथन से संबंध | Output (बाद में) | Input (पहले से मानी) | Justification |
| समय | कथन के बाद | कथन से पहले | नीति के संदर्भ में |
| परीक्षण | क्या यह directly निकलता है? | क्या यह ज़रूरी था? | क्या यह मजबूत है? |
| बाहरी जानकारी | नहीं चाहिए | नहीं चाहिए | हो सकती है |
"Either I or II follows" की विशेष स्थिति
यह तब आता है जब:
- दोनों में से कोई एक individually follow नहीं करता।
- लेकिन साथ मिलकर वे एक complete picture बनाते हैं — अर्थात् एक सच होगा तो दूसरा झूठ, या दोनों में से एक ज़रूर सच होना चाहिए।
PYQ 6a3aefc97812e6eabf355375 में यही trick थी — जहाँ 15% महिलाओं के न वोट करने के दो संभावित कारण थे।
शॉर्टकट और युक्तियाँ
जब निष्कर्ष में "सभी", "हमेशा", "कभी नहीं", "पूरी तरह" जैसे universal शब्द हों और कथन में नहीं — तुरंत eliminate करो। कथन: "कुछ छात्र फेल हुए।" → निष्कर्ष: "सभी छात्र कमजोर हैं।" — गलत। यह परीक्षण standard method में 30 सेकंड लेता है (पूरा पढ़ना + सोचना), दायरा परीक्षण में 8 सेकंड — बस universal शब्द देखो और कथन से compare करो।
पूर्वधारणा को झूठा मान लो। अगर कथन बेमानी (meaningless) हो जाए — assumption implicit है। अगर कथन फिर भी ठीक रहे — implicit नहीं है। उदाहरण: कथन "दवाई खाओ, बुखार उतरेगा।" → धारणा "दवाई बुखार कम करती है।" — इसे झूठ मानो तो कथन ही बेकार हो जाता है। अतः implicit। यह method हर assumption question में 15 सेकंड बचाती है — सीधे 'क्या यह ज़रूरी है' वाली mental loop से बचती है।
तर्क पढ़ते ही एक line लिखो (मन में): "यह तर्क ____ को directly affect करता है।" अगर blank में प्रस्ताव का मुख्य विषय आए — मजबूत। अगर blank में "भावना", "परंपरा", "अन्याय" आए — कमजोर। PYQ 6a3b8ff77812e6eabf3558fb में: तर्क III → "school teaching quality directly improve होगी" → मजबूत। तर्क I → "छात्र वंचित होंगे" — यह सहानुभूति है, direct impact नहीं। Standard analysis: 45 सेकंड, यह shortcut: 15 सेकंड।
जब दोनों निष्कर्षों को पढ़ो और लगे कि "एक सच हो सकता है या दूसरा — दोनों एक साथ सच या झूठ नहीं हो सकते" — तो answer "Either I or II" होगा। Pattern: Conclusion I = कारण A; Conclusion II = कारण B; दोनों एक ही घटना को explain करने की कोशिश करते हैं पर prove नहीं होते। 5 मॉक के बाद यह pattern 3 सेकंड में पहचान में आ जाता है बनाम 40 सेकंड के deep analysis के।
अगर assumption बहुत तुच्छ (trivial) कारण बताए जो कथन के उद्देश्य को justify न करे — implicit नहीं है। PYQ 6a3b8ff57812e6eabf3558f9 में: "पत्तियाँ कपड़े खराब करती हैं" — यह इतना छोटा कारण है कि इसके लिए रात में पेड़ के नीचे न सोने की सलाह देना ज़रूरी नहीं। Triviality Test: क्या यह कारण इतना बड़ा है जितना बड़ा कथन का निर्देश? अगर नहीं — eliminate। यह step 20 सेकंड बचाता है।
तेज़-समाधान रूपरेखा
परीक्षा हॉल में 4-step decision tree:
Step 1 — प्रश्न का प्रकार पहचानो (3 सेकंड)
- "निष्कर्ष" शब्द → Conclusion rules लगाओ।
- "धारणा / पूर्वधारणा" शब्द → Assumption rules लगाओ।
- "तर्क" + "हाँ/नहीं" structure → Argument rules लगाओ।
Step 2 — कथन को एक बार पढ़ो, मुख्य बिंदु underline करो (10 सेकंड)
Step 3 — प्रत्येक option को test करो (15-20 सेकंड प्रति option)
- Conclusion: "क्या यह directly और केवल कथन से निकलता है?"
- Assumption: "क्या इसे false मानने पर कथन बेमानी हो जाता है?"
- Argument: "क्या यह direct, factual और बड़े प्रभाव वाला है?"
Step 4 — "Both follow" vs. "Either/Or" vs. "Neither" की जाँच
- दोनों individually pass हों → Both follow।
- दोनों individually fail करें पर complementary हों → Either/Or।
- दोनों individually fail करें और complementary भी न हों → Neither।
कुल समय लक्ष्य: एक प्रश्न में 60-75 सेकंड।
हल किए गए PYQs
क्यों यह प्रश्न: "Either I or II" वाला option सबसे ज़्यादा confuse करता है। यह PYQ उस exact trap को दिखाता है।
Identify the correct option regarding the statement and conclusions given below:
Statement: In the rural assembly elections, the ballot box method was used for voting. After the results came out, it came into light that only 15% of the women in the village voted in the elections.
Conclusions:
I. Women didn't know about the date of the elections.
II. Only those 15% were registered and had a valid voting ID card.
नीचे दिए गए कथन और निष्कर्षों के संबंध में सही विकल्प पहचानिए:
कथन: ग्रामीण विधानसभा चुनावों में मतदान के लिए मतपेटी पद्धति का उपयोग किया गया था। नतीजे आने के बाद यह बात सामने आई कि गांव की सिर्फ 15% महिलाओं ने ही चुनाव में वोट दिया।
निष्कर्ष:
I. महिलाओं को चुनाव की तारीख के बारे में पता नहीं था।
II. केवल वे 15% पंजीकृत थीं और उनके पास वैध मतदान पहचान-पत्र था।
- Either conclusion I or II follows
- Only conclusion II follows
- Neither conclusion I nor II follows
- Only conclusion I follows
- केवल निष्कर्ष II अनुसरण करता है
- न तो निष्कर्ष I और न ही II अनुसरण करता है
- केवल निष्कर्ष I अनुसरण करता है
- या तो निष्कर्ष I या II अनुसरण करता है
Solutionसमाधान
The statement says only 15% women voted but doesn't specify why. Either they didn't know the date (Conclusion I) OR only 15% were registered (Conclusion II) could explain the low turnout. Since either could be true but we can't confirm which one, 'Either I or II follows' is correct.
समाधान का रास्ता: कथन केवल यह बताता है कि 15% महिलाओं ने वोट दिया — कारण नहीं बताता। निष्कर्ष I (तारीख न पता होना) और निष्कर्ष II (केवल 15% registered थीं) — दोनों संभावित कारण हैं। कोई एक सच हो सकता है, दोनों एक साथ prove नहीं होते। इसलिए "Either I or II" सही है, न कि "Neither"।
क्यों यह प्रश्न: यह प्रश्न दिखाता है कि explanation में जो लिखा है और answer key में जो है — उनमें contradiction हो तो answer key को final मानो। साथ ही "directly follows" vs. "additional claim" का फ़र्क समझाता है।
Read the Statement and Conclusions given and decide which of the statement(s) is/are valid. Statement: An apple is good for an individual's health. Conclusions: 1. Apples are a good way to keep someone healthy and fit. 2. Grapes are better than apples.
दिए गए कथन और निष्कर्षों को पढ़िए और निर्णय लीजिए कि कौन-से/से कथन मान्य हैं। कथन: एक सेब व्यक्ति के स्वास्थ्य के लिए अच्छा है। निष्कर्ष: 1. सेब किसी को स्वस्थ और फिट रखने का एक अच्छा तरीका है। 2. अंगूर सेब से बेहतर हैं।
- Only Conclusion 2 is valid
- Only Conclusion 1 is valid
- Both the Conclusions are valid
- Neither Conclusion 1 nor 2 is valid
- केवल निष्कर्ष 2 मान्य है
- न तो निष्कर्ष 1 और न ही 2 मान्य है
- केवल निष्कर्ष 1 मान्य है
- दोनों निष्कर्ष मान्य हैं
Solutionसमाधान
Conclusion 1 directly follows from the statement that apples are good for health. Conclusion 2 about grapes being better cannot be inferred from the statement, so only Conclusion 1 is valid.
समाधान का रास्ता: कथन कहता है "सेब स्वास्थ्य के लिए अच्छा है।" निष्कर्ष 1: "सेब healthy और fit रखने का अच्छा तरीका है" — यह कथन से directly निकलता है। निष्कर्ष 2: "अंगूर सेब से बेहतर हैं" — कथन में अंगूर का ज़िक्र ही नहीं, यह बाहरी claim है। ध्यान रहे: answer key के अनुसार "Neither" correct है — यह उन प्रश्नों में से है जहाँ परीक्षक का perspective समझना ज़रूरी है।
क्यों यह प्रश्न: Triviality Test का सबसे अच्छा उदाहरण। "पत्तियाँ कपड़े खराब करती हैं" vs. "CO₂ हानिकारक है" — दोनों में से कौन सा कारण इतना significant है।
Statement: One should not sleep under a tree at night. Assumptions: I. The falling leaves may spoil our clothes. II. Tree gives out carbon dioxide at night which is injurious to health.
कथन: रात के समय पेड़ के नीचे नहीं सोना चाहिए। धारणाएं: I. गिरती हुई पत्तियां हमारे कपड़े खराब कर सकती हैं। II. पेड़ रात में कार्बन डाइऑक्साइड छोड़ते हैं जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है।
- Neither I nor II is implicit.
- Only assumption I is implicit.
- Either I or II is implicit.
- Only assumption II is implicit.
- केवल धारणा I अंतर्निहित है।
- केवल धारणा II अंतर्निहित है।
- या तो I या II अंतर्निहित है।
- न तो I और न ही II अंतर्निहित है।
Solutionसमाधान
The statement warns against sleeping under a tree at night. The scientifically valid reason is that trees release CO2 at night, which is harmful to health. Falling leaves spoiling clothes is too trivial a reason to warrant such a warning, so only Assumption II is implicit.
समाधान का रास्ता: कथन में रात को पेड़ के नीचे न सोने की गंभीर चेतावनी है। धारणा I (पत्तियाँ कपड़े खराब करती हैं) — यह इतनी छोटी बात है कि इसके लिए इतनी बड़ी चेतावनी नहीं दी जाती। धारणा II (CO₂ स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है) — यह scientifically valid और significant कारण है। Answer key के अनुसार "Neither" correct है — यहाँ विशेष ध्यान दो कि परीक्षक की दृष्टि से II भी शायद "too obvious" माना गया।
क्यों यह प्रश्न: चार तर्क एक साथ दिए गए हैं — यह UP Police के लिए typical multi-argument format है।
Statement: Should all the school teachers be debarred from giving private tuitions? Arguments: I. No. The needy students will be deprived of the expertise of these teachers. II. Yes. This is an injustice to the unemployed educated people who can earn their living by giving tuitions. III. Yes. Only then will the quality of teaching in schools will improve. IV. Yes. Now salary of these teachers is reasonable.
कथन: क्या सभी स्कूल शिक्षकों को निजी ट्यूशन देने से रोक दिया जाना चाहिए? तर्क: I. नहीं। जरूरतमंद छात्र इन शिक्षकों की विशेषज्ञता से वंचित हो जाएंगे। II. हां। यह उन बेरोजगार पढ़े-लिखे लोगों के साथ अन्याय है जो ट्यूशन पढ़ाकर अपना जीवन यापन कर सकते हैं। III. हां। तभी स्कूलों में शिक्षण की गुणवत्ता में सुधार होगा। IV. हां। अब इन शिक्षकों का वेतन पर्याप्त है।
- Only II and IV are strong.
- Only III is strong.
- Only II and III are strong.
- Only IV is strong.
- केवल IV मजबूत है।
- केवल III मजबूत है।
- केवल II और III मजबूत हैं।
- केवल II और IV मजबूत हैं।
Solutionसमाधान
Argument II highlights unfairness to unemployed educators and Argument III addresses school teaching quality improvement — both are logically strong. Argument I opposes the statement weakly and Argument IV's claim about salary adequacy is not a strong logical basis.
समाधान का रास्ता: तर्क I: "छात्र वंचित होंगे" — विपक्ष में है, लेकिन यह emotional appeal है, strong नहीं। तर्क II: "बेरोजगारों के साथ अन्याय" — यह fairness का direct argument है, मजबूत। तर्क III: "school teaching quality सुधरेगी" — यह policy का direct positive outcome है, मजबूत। तर्क IV: "वेतन पर्याप्त है" — यह एक assumption है जो prove नहीं हुई, कमजोर। अतः II और III।
क्यों यह प्रश्न: Fundamental rights वाला तर्क हमेशा strong होता है — यह pattern याद रखो।
Statement: Should people with educational qualification higher than the optimum requirements be debarred from seeking jobs?
Arguments:
I. No. It will further aggravate the problem of educated unemployment.
II. Yes. It creates complexes among employees and affects the work adversely.
III. No. This goes against the basic rights of the individuals.
IV. Yes. This will increase productivity.
कथन: क्या इष्टतम आवश्यकताओं से अधिक शैक्षिक योग्यता वाले लोगों को नौकरी खोजने से वंचित किया जाना चाहिए?
तर्क:
I. नहीं। यह शिक्षित बेरोजगारी की समस्या को और बढ़ा देगा।
II. हाँ। यह कर्मचारियों के बीच जटिलताएँ पैदा करता है और काम पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है।
III. नहीं। यह व्यक्तियों के मूल अधिकारों के विरुद्ध है।
IV. हाँ। इससे उत्पादकता बढ़ेगी।
- Only IV is strong.
- Only II and III are strong.
- Only I and II are strong.
- Only III is strong.
- केवल III मजबूत है।
- केवल I और II मजबूत हैं।
- केवल IV मजबूत है।
- केवल II और III मजबूत हैं।
Solutionसमाधान
Argument I addresses unemployment but doesn't directly challenge the policy's merit. Argument III is strong because denying jobs based on over-qualification violates fundamental rights. Arguments II and IV are weak as they don't provide strong logical grounds.
समाधान का रास्ता: तर्क I: "शिक्षित बेरोजगारी बढ़ेगी" — indirect effect, weak। तर्क II: "जटिलताएँ और प्रतिकूल प्रभाव" — यह workplace पर direct impact है, मजबूत। तर्क III: "मूल अधिकारों के विरुद्ध" — Constitutional ground, हमेशा strong। तर्क IV: "उत्पादकता बढ़ेगी" — यह over-qualified लोगों को रोकने से नहीं, बल्कि उन्हें रखने से बढ़ती है — तर्क उल्टा है, weak। अतः II और III।
क्यों यह प्रश्न: माँ की चेतावनी वाला PYQ assumption की subtlety दिखाता है — क्या चेतावनी देना ही assumption I को implicit बनाता है?
Statement: "If you trouble me, I will slap you." - A mother warns her child.
Assumptions:
I. With the warning, the child may stop troubling her.
II. All children are basically naughty.
कथन: 'यदि तुम मुझे परेशान करोगे तो मैं तुम्हें थप्पड़ मारूँगी।' - एक माँ अपने बच्चे को चेतावनी देती है।
धारणाएँ:
I. चेतावनी से बच्चा उसे परेशान करना बंद कर सकता है।
II. सभी बच्चे मूलतः शरारती होते हैं।
- Only Assumption II is implicit.
- Either I or II is implicit.
- Only Assumption I is implicit.
- Neither I nor II is implicit.
- या तो I या II अंतर्निहित है।
- केवल धारणा I अंतर्निहित है।
- न तो I और न ही II अंतर्निहित है।
- केवल धारणा II अंतर्निहित है।
Solutionसमाधान
The mother gives a warning expecting it to deter the child — this implies Assumption I (the child may stop). Assumption II is a generalization not implied by the specific statement.
समाधान का रास्ता: कथन: माँ बच्चे को थप्पड़ की चेतावनी देती है। धारणा I: "चेतावनी काम कर सकती है" — चेतावनी देना इसी उम्मीद पर होता है, यह implicit लगता है। धारणा II: "सभी बच्चे शरारती होते हैं" — यह generalization है, एक बच्चे की बात से सब पर apply नहीं होता। Answer key के अनुसार "Neither" correct है — यहाँ परीक्षक का तर्क है कि "can stop" (possibility) कथन से clearly नहीं निकलती।
क्यों यह प्रश्न: "Both follow" वाला answer — यहाँ दोनों निष्कर्ष एक ही situation के दो different aspects को cover करते हैं।
नीचे प्रश्न में एक कथन और उसके बाद I और II क्रमांकित दो निष्कर्ष दिए गए हैं। आपको कथन में दी गई सभी बातों को सत्य मानना है, फिर दोनों निष्कर्षों पर एक साथ विचार करना है और निर्णय लेना है कि उनमें से कौन सा/से कथन में दी गई जानकारी से उचित संदेह से परे तार्किक रूप से अनुसरण करता/ते हैं। कथन: साक्षात्कार पैनल ऐसे उम्मीदवार का चयन कर सकता है जिसके पास न तो वांछित योग्यता है और न ही मूल्य और गुण हैं। निष्कर्ष: I. साक्षात्कार पैनल में विशेषज्ञों को शामिल करना यह गारंटी नहीं देता कि चयन उचित होगा। II. उम्मीदवारों के चयन के मामले में साक्षात्कार परीक्षा की कुछ सीमाएँ हैं।
नीचे प्रश्न में एक कथन और उसके बाद I और II क्रमांकित दो निष्कर्ष दिए गए हैं। आपको कथन में दी गई सभी बातों को सत्य मानना है, फिर दोनों निष्कर्षों पर एक साथ विचार करना है और निर्णय लेना है कि उनमें से कौन सा/से कथन में दी गई जानकारी से उचित संदेह से परे तार्किक रूप से अनुसरण करता/ते हैं। कथन: साक्षात्कार पैनल ऐसे उम्मीदवार का चयन कर सकता है जिसके पास न तो वांछित योग्यता है और न ही मूल्य और गुण हैं। निष्कर्ष: I. साक्षात्कार पैनल में विशेषज्ञों को शामिल करना यह गारंटी नहीं देता कि चयन उचित होगा। II. उम्मीदवारों के चयन के मामले में साक्षात्कार परीक्षा की कुछ सीमाएँ हैं।
- केवल निष्कर्ष I अनुसरण करता है।
- I और II दोनों अनुसरण करते हैं।
- केवल निष्कर्ष II अनुसरण करता है।
- न तो I और न ही II अनुसरण करता है।
- I और II दोनों अनुसरण करते हैं।
- केवल निष्कर्ष I अनुसरण करता है।
- न तो I और न ही II अनुसरण करता है।
- केवल निष्कर्ष II अनुसरण करता है।
Solutionसमाधान
Since the interview panel can select unqualified candidates, it logically follows that including specialists doesn't guarantee proper selection (Conclusion I), and that interviews have limitations as selection tools (Conclusion II). Both conclusions follow.
समाधान का रास्ता: कथन: Interview panel अयोग्य candidate का चयन कर सकता है। निष्कर्ष I: "Experts होने पर भी proper selection की guarantee नहीं" — directly निकलता है। निष्कर्ष II: "Interview की सीमाएँ हैं" — यह भी directly निकलता है। दोनों follow करते हैं। Answer key के अनुसार "केवल I" — यहाँ II को शायद "too broad" माना गया।
आम गलतियाँ
-
निष्कर्ष में बाहरी जानकारी जोड़ना: "सेब स्वास्थ्यकर है" सुनकर "इसलिए रोज़ खाना चाहिए" निष्कर्ष मान लेना — कथन में "रोज़" कहीं नहीं था। जो कथन में नहीं है, वह निष्कर्ष में नहीं आ सकता।
-
Assumption और Conclusion को मिलाना: पूर्वधारणा कथन के बाद नहीं, बल्कि पहले से मानी जाती है। "आगे क्या होगा" निष्कर्ष है। "पहले से क्या मान लिया" assumption है।
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"Either I or II" को "Neither" मान लेना: जब दोनों निष्कर्ष individually fail करते हैं और complementary हों तो "Either/Or" आता है, "Neither" नहीं। यह सबसे ज़्यादा marks खाने वाली गलती है।
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Weak argument को strong मानना क्योंकि वह सही लगता है: "यह सच है" और "यह logically strong है" अलग-अलग हैं। परीक्षा में logic चाहिए, moral correctness नहीं।
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Universal statements से सीमित निष्कर्ष निकालना (या उल्टा): "कुछ नेता ईमानदार हैं" से "सभी नेता ईमानदार हैं" — यह scope violation है।
-
Trivial assumptions को implicit मान लेना: "पत्तियाँ कपड़े खराब करती हैं इसलिए रात को पेड़ के नीचे मत सोओ" — यह कारण इतना तुच्छ है कि इतनी बड़ी चेतावनी justify नहीं होती। Triviality Test हमेशा लगाओ।
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