UPSC CSAT के लिए संख्या प्रणाली और विभाज्यता — गहन अध्ययन
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अवधारणा
संख्या प्रणाली गणित की वह नींव है जिस पर CSAT के अधिकांश प्रश्न टिके होते हैं। जब तुम किसी बड़ी संख्या को देखते हो और सोचते हो — "यह किससे विभाज्य है? इसे किससे भाग दें तो कोई शेष नहीं बचेगा?" — तो तुम विभाज्यता के क्षेत्र में प्रवेश कर रहे हो।
एक सरल उपमा लो: मान लो तुम्हारे पास 72 आम हैं और उन्हें बराबर-बराबर टोकरियों में बाँटना है। अगर 8 टोकरियों में बाँटो — 9 आम प्रत्येक में, कोई शेष नहीं। अगर 5 टोकरियों में बाँटो — 14 आम प्रत्येक में, 2 शेष। यही विभाज्यता का सार है। जब शेषफल शून्य होता है, तो संख्या उस भाजक से "विभाज्य" कहलाती है।
मूल परिभाषाएँ जो परीक्षा में काम आती हैं:
- विभाजन एल्गोरिथम: हर पूर्णांक N के लिए, N=d×q+r, जहाँ d भाजक, q भागफल, और 0≤r<d शेषफल है।
- गुणनखंड (Factor): यदि N=a×b, तो a और b दोनों N के गुणनखंड हैं।
- गुणज (Multiple): N का गुणज वह संख्या है जो N से पूर्णतः विभाज्य हो — जैसे 6, 12, 18 सब 6 के गुणज हैं।
- महत्तम समापवर्तक (HCF/GCD): दो या अधिक संख्याओं का वह सबसे बड़ा गुणनखंड जो सबमें समान हो।
- लघुत्तम समापवर्त्य (LCM): वह सबसे छोटी संख्या जो दोनों संख्याओं का गुणज हो।
इन दोनों के बीच एक अटूट संबंध है: LCM(a,b)×HCF(a,b)=a×b। यह सूत्र UPSC CSAT में बार-बार आता है — इसे आँख मूँदकर याद कर लो।
गहन विश्लेषण
विभाज्यता नियम — जो परीक्षा में सबसे अधिक काम आते हैं
ये नियम long division के बिना तुरंत निर्णय करने देते हैं:
| भाजक | नियम | उदाहरण |
|------|------|---------|
| 2 | अंतिम अंक सम हो | 1348 → 8 सम → विभाज्य |
| 3 | अंकों का योग 3 से विभाज्य हो | 4173 → 4+1+7+3=15 → विभाज्य |
| 4 | अंतिम दो अंक 4 से विभाज्य हों | 1324 → 24÷4=6 → विभाज्य |
| 5 | अंतिम अंक 0 या 5 हो | 2345 → 5 → विभाज्य |
| 6 | 2 और 3 दोनों के नियम पूरे हों | 1248 → सम है + 1+2+4+8=15 → विभाज्य |
| 8 | अंतिम तीन अंक 8 से विभाज्य हों | 1008 → 008=8 → विभाज्य |
| 9 | अंकों का योग 9 से विभाज्य हो | 1008 → 1+0+0+8=9 → विभाज्य |
| 11 | विषम स्थान के अंकों का योग − सम स्थान के अंकों का योग = 0 या 11 का गुणज हो | 1331 → (1+3)−(3+1)=0 → विभाज्य |
72 के लिए विभाज्यता: 72 = 8 × 9। इसलिए किसी संख्या को 72 से विभाज्य होना है तो उसे एक साथ 8 और 9 दोनों से विभाज्य होना होगा। यह महत्वपूर्ण insight UPSC के PYQ में सीधे आती है।
LCM और HCF की गणना — वास्तविक परीक्षा विधि
अभाज्य गुणनखंड (Prime Factorization) विधि:
मान लो a=60 और b=72:
60=22×3×5
72=23×32
- HCF = प्रत्येक अभाज्य के सबसे कम घातांक का गुणनफल = 22×3=12
- LCM = प्रत्येक अभाज्य के सबसे अधिक घातांक का गुणनफल = 23×32×5=360
सत्यापन: LCM×HCF=360×12=4320=60×72 ✓
शेषफल और Modular Arithmetic
विभाजन एल्गोरिथम का सीधा प्रयोग: यदि किसी संख्या N को d से भाग देने पर भागफल q और शेषफल r मिले, तो:
N=d×q+r
यह एकमात्र सूत्र है जिससे "पहले इस भाजक से विभाजित किया, फिर उस भाजक से शेष क्या?" वाले सारे प्रश्न हल होते हैं।
Chinese Remainder Theorem की सरल भाषा:
जब दो शर्तें एक साथ दी जाएँ — जैसे "N, 6 से विभाज्य हो और 5 से भाग देने पर शेष 4 आए" — तो:
- पहली शर्त से N का सामान्य रूप लिखो: N=6k
- दूसरी शर्त में प्रतिस्थापित करो: 6k≡4(mod5)
- 6≡1(mod5), इसलिए k≡4(mod5)
- k=5m+4, अतः N=6(5m+4)=30m+24
N का सामान्य रूप 30m+24 है। अब जो भी सीमा दी जाए, उसमें m का मान डालो।
चार-अंकीय गुणजों की गणना — एक व्यवस्थित विधि
"x के चार-अंकीय गुणजों की संख्या" वाले प्रश्नों के लिए:
कुल गुणज=⌊xऊपरी सीमा⌋−⌊xनिचली सीमा−1⌋
या सीधे: सबसे छोटा चार-अंकीय गुणज और सबसे बड़ा चार-अंकीय गुणज ढूँढो, फिर:
गणना=xसबसे बड़ा−सबसे छोटा+1
Inclusion-Exclusion का प्रयोग: जब कुछ शर्तों को "छोड़ना" हो (जैसे 5 से विभाज्य नहीं), तो:
वांछित=शर्त A के गुणज−शर्त A और B दोनों के गुणज
जहाँ "A और B दोनों से विभाज्य" = LCM(A, B) से विभाज्य।
शॉर्टकट और युक्तियाँ
जब "8 और 9 दोनों से विभाज्य, लेकिन 5 से नहीं" जैसा प्रश्न आए:
- LCM(8,9) = 72 सीधे याद रखो (8 = 2³, 9 = 3², कोई साझा गुणनखंड नहीं → LCM = 72)
- चार-अंकीय 72 के गुणज: पहला = 1008 (= 72 × 14), आखिरी = 9936 (= 72 × 138)
- कुल = 138 − 14 + 1 = 125
- LCM(72, 5) = 360 के गुणज: 1080 से 9720 → 27 − 3 + 1 = 25
- उत्तर = 125 − 25 = 100
सामान्य विधि (हर गुणज लिखना): 3-4 मिनट। यह pattern: 45 सेकंड।
जब LCM, HCF और एक संख्या दी हो, दूसरी ढूँढनी हो:
दूसरी संख्या=पहली संख्याLCM×HCF
उदाहरण: LCM = 360, HCF = 12, एक संख्या = 60 → दूसरी = (360 × 12) / 60 = 72
यह प्रतिस्थापन (substitution) 10 सेकंड में हल देता है। Prime factorization से तुलना करें जो 60-90 सेकंड लेती है। 5-6 step की बचत।
"N, a से विभाज्य हो और b से भाग देने पर शेष r आए" वाले प्रश्न:
- N=ak लिखो
- ak≡r(modb) में a(modb) का सरलीकरण करो
- k का सामान्य रूप निकालो, फिर N का
उदाहरण (spec PYQ से): N=6k, 6k≡4(mod5) → k≡4(mod5) → k=5m+4 → N=30m+24। m=3 देने पर N=114।
Trial-and-error से तुलना: 4-5 मिनट। यह विधि: 40-50 सेकंड, 3 steps।
किसी भी संख्या को 11 से विभाज्य है या नहीं, यह जाँचने के लिए:
(दाएँ से) विषम स्थान के अंकों का योग − सम स्थान के अंकों का योग = 0 या ±11
उदाहरण: 918082 → (2+0+1+9) − (8+8) = 12 − 16 = −4 → 11 से विभाज्य नहीं।
उदाहरण: 121 → (1+1) − 2 = 0 → विभाज्य।
Long division से तुलना: 30-40 सेकंड। यह pattern: 5-8 सेकंड।
"x से भाग पर भागफल q और शेष r, तो y से भाग पर शेष?" वाले सभी प्रश्नों में:
- N=x×q+r से N निकालो
- N को y से भाग दो
उदाहरण: N=13×15+8=203। 203÷12=16 शेष 11।
इस 2-step विधि में 15 सेकंड लगते हैं। कोई algebra नहीं, कोई assumption नहीं।
तेज़-समाधान रूपरेखा
परीक्षा-कक्ष में संख्या प्रणाली का प्रश्न देखते ही यह decision tree चलाओ:
क्या प्रश्न में "भागफल और शेषफल" दिए हैं?
→ हाँ: N=d×q+r से N निकालो, फिर नए भाजक से भाग दो। (15-20 सेकंड)
क्या "LCM और HCF में से एक दिया है और दूसरा निकालना है"?
→ हाँ: LCM×HCF=a×b सूत्र प्रयोग करो। (10 सेकंड)
क्या "कितनी संख्याएँ x से विभाज्य हैं" जैसा प्रश्न है?
→ सबसे छोटा और सबसे बड़ा गुणज निकालो, फिर xबड़ा−छोटा+1 करो। (30 सेकंड)
क्या दो शर्तें एक साथ दी गई हैं (जैसे "a से विभाज्य, b से शेष r")?
→ N=ak लिखो, Modular substitution करो, सामान्य रूप निकालो। (45 सेकंड)
क्या "5 से विभाज्य नहीं" जैसी exclusion शर्त है?
→ Inclusion-Exclusion: पहले बिना शर्त गणना, फिर LCM वाले हटाओ।
Options-checking तब करो जब प्रश्न में "सबसे छोटा/बड़ा" पूछा हो और options में gap बड़ा हो। अन्यथा सीधे हल करो।
हल किए गए PYQs
क्यों यह प्रश्न: यह प्रश्न LCM की अवधारणा, चार-अंकीय गुणजों की गणना, और Inclusion-Exclusion — तीनों को एक साथ परखता है। UPSC CSAT में composite प्रश्न इसीलिए कठिन लगते हैं।
समाधान का रास्ता: Step 1 — LCM(8,9) = 72 निकालो। Step 2 — चार-अंकीय 72 के गुणज: 1008 (=72×14) से 9936 (=72×138), कुल = 138−14+1 = 125। Step 3 — LCM(72,5) = 360 के चार-अंकीय गुणज: 1080 से 9720, कुल = 9720/360 − 1080/360 + 1 = 27−3+1 = 25। Step 4 — 125 − 25 = 100।
How many four-digit numbers are divisible by both 8 and 9 but not by 5?
कितने चार-अंकीय संख्याएँ 8 और 9 दोनों से विभाज्य हैं लेकिन 5 से नहीं?
- 100
- 125
- 90
- 112
- 100
- 125
- 90
- 112
Solutionसमाधान
Numbers divisible by both 8 and 9 are divisible by lcm(8,9) = 72. Four-digit multiples of 72: from 1008 to 9936 (inclusive). Count = (9936 − 1008)/72 + 1 = 8928/72 + 1 = 124 + 1 = 125. Among these 125, we exclude those divisible by 5 (i.e., divisible by lcm(72,5) = 360). Multiples of 360 in four-digit range: 1080 to 9720. Count = (9720 − 1080)/360 + 1 = 8640/360 + 1 = 24 + 1 = 25. Answer = 125 − 25 = 100.
8 और 9 दोनों से विभाज्य संख्याएँ lcm(8,9) = 72 से विभाज्य हैं। चार-अंकीय 72 के गुणज: 1008 से 9936 तक। गणना = (9936 − 1008)/72 + 1 = 125। इनमें से, 5 से विभाज्य (यानी lcm(72,5) = 360 से विभाज्य) को छोड़ें। चार-अंकीय 360 के गुणज: 1080 से 9720 तक। गणना = 25। उत्तर = 125 − 25 = 100।
क्यों यह प्रश्न: यह विभाजन एल्गोरिथम का सबसे शुद्ध परीक्षण है। N=d×q+r सूत्र को यांत्रिक रूप से लागू करने की क्षमता जाँची जाती है। यदि तुम यह सूत्र भूले तो प्रश्न हल नहीं होगा।
समाधान का रास्ता: N=13×15+8=195+8=203। अब 203=12×16+11। शेषफल = 11। Options में 11 एकमात्र 12 से कम संख्या है जो इस गणना से मेल खाती है — कोई trial-and-error नहीं।
A certain number when divided by 13 gives a quotient of 15 and a remainder of 8. When this number is divided by 12, what is the remainder?
एक निश्चित संख्या को 13 से विभाजित करने पर भागफल 15 और शेषफल 8 मिलता है। जब इस संख्या को 12 से विभाजित किया जाता है, तो शेषफल क्या है?
- 7
- 11
- 10
- 9
- 7
- 11
- 10
- 9
Solutionसमाधान
Using the division algorithm: N = 13 × 15 + 8 = 195 + 8 = 203. Now divide 203 by 12: 203 = 12 × 16 + 11 = 192 + 11. The remainder is 11.
विभाजन एल्गोरिथम का उपयोग: N = 13 × 15 + 8 = 203। अब 203 को 12 से विभाजित करें: 203 = 12 × 16 + 11। शेषफल 11 है।
क्यों यह प्रश्न: LCM×HCF=a×b सूत्र का प्रत्यक्ष परीक्षण। यह UPSC CSAT में हर 2-3 वर्षों में एक बार आता है। जो छात्र Prime factorization से हल करने बैठते हैं, वे 2 मिनट लगाते हैं; यह shortcut 10 सेकंड में देता है।
समाधान का रास्ता: सूत्र से — b=aLCM×HCF=60360×12=604320=72। सत्यापन — HCF(60, 72): 60=22×3×5, 72=23×32, HCF =22×3=12 ✓।
The least common multiple of two numbers is 360 and their greatest common divisor is 12. If one number is 60, what is the other number?
दो संख्याओं का लघुत्तम समापवर्त्य 360 है और उनका महत्तम समापवर्तक 12 है। यदि एक संख्या 60 है, तो दूसरी संख्या क्या है?
- 84
- 48
- 72
- 120
- 84
- 48
- 72
- 120
Solutionसमाधान
Use the fundamental relationship: for any two positive integers a and b, LCM(a, b) × GCD(a, b) = a × b. Given LCM = 360, GCD = 12, and a = 60. Then 360 × 12 = 60 × b → 4320 = 60 × b → b = 72. Verify: GCD(60, 72) = GCD(60, 12) = 12 ✓, and LCM(60, 72) = (60 × 72)/12 = 4320/12 = 360 ✓.
मौलिक संबंध का उपयोग करें: किन्हीं दो सकारात्मक पूर्णांकों a और b के लिए, LCM(a, b) × GCD(a, b) = a × b। दिया गया: LCM = 360, GCD = 12, और a = 60। तब 360 × 12 = 60 × b → 4320 = 60 × b → b = 72। सत्यापन: GCD(60, 72) = 12 ✓, और LCM(60, 72) = (60 × 72)/12 = 360 ✓।
क्यों यह प्रश्न: यह "simultaneous congruence" का सरलतम रूप है। UPSC CSAT में इस प्रकार के प्रश्न "100 से बड़ी सबसे छोटी" या "1000 से कम सबसे बड़ी" पूछकर निकाले जाते हैं। जो छात्र Modular substitution नहीं जानते, वे trial-and-error में 3-4 मिनट गँवा देते हैं।
समाधान का रास्ता: N=6k (पहली शर्त)। 6k≡4(mod5) → k≡4(mod5) → k=5m+4। इसलिए N=6(5m+4)=30m+24। N>100: 30m+24>100 → m>2.53 → mmin=3। N=30(3)+24=114। जाँच: 114÷6=19 (शेष 0) ✓, 114÷5=22 (शेष 4) ✓।
If a number is divisible by 6 and leaves a remainder of 4 when divided by 5, what is the smallest such positive integer greater than 100?
यदि एक संख्या 6 से विभाज्य है और 5 से विभाजित करने पर शेषफल 4 देती है, तो 100 से बड़ी सबसे छोटी ऐसी धनात्मक पूर्णांक क्या है?
- 120
- 108
- 114
- 104
- 120
- 108
- 114
- 104
Solutionसमाधान
We need N ≡ 0 (mod 6) and N ≡ 4 (mod 5). From the first, N = 6k. Substituting into the second: 6k ≡ 4 (mod 5), so k ≡ 4 (mod 5), giving k = 5m + 4. Thus N = 6(5m + 4) = 30m + 24. The general form is N = 30m + 24. For N > 100: 30m + 24 > 100, so m > 76/30 ≈ 2.53, meaning m ≥ 3. When m = 3, N = 90 + 24 = 114. Verify: 114 ÷ 6 = 19 ✓; 114 ÷ 5 = 22 rem 4 ✓.
हमें N ≡ 0 (mod 6) और N ≡ 4 (mod 5) चाहिए। पहली से, N = 6k। दूसरी में प्रतिस्थापित करने पर: 6k ≡ 4 (mod 5), इसलिए k ≡ 4 (mod 5), जिससे k = 5m + 4। इसलिए N = 30m + 24। N > 100 के लिए: 30m + 24 > 100, तो m ≥ 3। जब m = 3, N = 114। सत्यापन: 114 ÷ 6 = 19 ✓; 114 ÷ 5 = 22 rem 4 ✓।
आम गलतियाँ
-
LCM और HCF की परिभाषा उलटना: बहुत से छात्र HCF = सबसे छोटा और LCM = सबसे बड़ा समझ लेते हैं। सही: HCF = सबसे बड़ा साझा गुणनखंड, LCM = सबसे छोटा साझा गुणज। 60 और 72 का HCF = 12 है, 72 नहीं।
-
गुणजों की गणना में ±1 की गलती: 729936−1008 = 124, लेकिन सही उत्तर 125 है क्योंकि दोनों endpoints को शामिल करना होता है: 729936−1008+1=125। यह off-by-one error बहुत सामान्य है।
-
Inclusion-Exclusion में LCM के बजाय गुणनफल लेना: "8 और 9 दोनों से विभाज्य, 5 से नहीं" में — 5 से विभाज्य संख्याएँ निकालने के लिए LCM(72, 5) = 360 लेना है, न कि 72 × 5 = 360 (इस मामले में संयोगवश बराबर है क्योंकि HCF(72,5)=1, पर हमेशा LCM लो)।
-
विभाजन एल्गोरिथम में शेषफल की सीमा भूलना: N=d×q+r में 0≤r<d अनिवार्य है। यदि प्रश्न में "शेषफल 15, भाजक 13" दिया हो, तो यह असंभव स्थिति है — ऐसे tricky options को पहचानो।
-
N=6k लिखकर k को integer मानना भूलना: जब k≡4(mod5) निकले, तो k=5m+4 लिखना ज़रूरी है। सीधे k=4 मान लेने से N=24 मिलेगा जो 100 से छोटा है — और छात्र इसे ही उत्तर मान लेते हैं।
-
8 की विभाज्यता में अंतिम दो अंक देखना: 8 की विभाज्यता के लिए अंतिम तीन अंक देखने होते हैं, दो नहीं। 4 की विभाज्यता के लिए अंतिम दो अंक पर्याप्त हैं — इन दोनों को मिलाना नहीं चाहिए।
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