आधुनिक भारत: ब्रिटिश उपनिवेशवाद, सामाजिक सुधार और प्रारंभिक राष्ट्रवाद — UPSC CSE
intermediate 22 min read
अवधारणा
आधुनिक भारत का इतिहास मूलतः तीन समानांतर धाराओं की कहानी है — ब्रिटिश साम्राज्य का विस्तार और शोषण, भारतीय समाज में आंतरिक सुधार की छटपटाहट, और धीरे-धीरे उभरती राजनीतिक चेतना जो अंततः स्वतंत्रता संग्राम में परिणत हुई।
एक सरल सादृश्य: मान लो एक बड़ा किरायेदार तुम्हारे घर में आया। पहले उसने सुरक्षा का वादा किया, फिर धीरे-धीरे घर के सारे कमरे अपने कब्जे में ले लिए, तुम्हारी कमाई का बड़ा हिस्सा किराए के नाम पर खींचने लगा, और जब तुमने विरोध किया तो नए-नए कानून बनाकर तुम्हारी आवाज़ दबाने लगा। यही ब्रिटिश उपनिवेशवाद की कहानी है।
UPSC के नज़रिए से देखो तो यह अध्याय तीन स्तरों पर परीक्षा में आता है:
प्रथम स्तर — तथ्यात्मक: कौन सा गवर्नर जनरल, कौन सा कानून, कौन सा वर्ष। Prelims में यही पूछा जाता है।
द्वितीय स्तर — विश्लेषणात्मक: किसी नीति के पीछे ब्रिटिश मंशा क्या थी, उसका भारतीय समाज पर क्या प्रभाव पड़ा। Mains के Paper-I में यही आता है।
तृतीय स्तर — संयोजक: आधुनिक भारत की घटनाओं का समसामयिक संदर्भों से जोड़ना — जैसे प्रेस की स्वतंत्रता, नागरिक अधिकार, संघवाद।
इस topic में पाँच बड़े थीम हैं जिन पर UPSC बार-बार लौटता है: (१) ब्रिटिश विस्तार की नीतियाँ और संधि-प्रणालियाँ, (२) दमनकारी कानून और प्रतिरोध, (३) भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का उदय और विभाजन, (४) संवैधानिक सुधारों की श्रृंखला, और (५) स्वतंत्रता के अंतिम वर्षों की जटिल राजनीति।
गहन विश्लेषण
ब्रिटिश विस्तार की नीतियाँ
सहायक संधि (Subsidiary Alliance) — वेलेजली की चाल
लॉर्ड वेलेजली ने 1798 में इस प्रणाली को systematically लागू किया। इसे समझने का सबसे आसान तरीका: यह एक ऐसा "सुरक्षा अनुबंध" था जिसमें भारतीय शासक खुद अपनी कब्र खोदते थे।
मुख्य शर्तें:
- भारतीय शासक को अपनी लागत पर ब्रिटिश सेना रखनी होगी।
- बिना ब्रिटिश अनुमति के किसी विदेशी नागरिक को नौकरी नहीं दे सकते।
- दरबार में एक ब्रिटिश Resident तैनात रहेगा।
- शासक की "संप्रभुता" कागज़ पर बची रहती थी, व्यवहार में वह ब्रिटिश कठपुतली बन जाता था।
पहले इस संधि को स्वीकार करने वाले: हैदराबाद के निज़ाम (1798), मैसूर (1799 — टीपू की मृत्यु के बाद), तंजौर, अवध।
व्यपगत का सिद्धांत (Doctrine of Lapse) — डलहौजी का हथियार
जिस रियासत के शासक का कोई प्राकृतिक उत्तराधिकारी न हो, वह ब्रिटिश साम्राज्य में मिल जाएगी। गोद लिए पुत्र को उत्तराधिकार का अधिकार नहीं। इससे सतारा (1848), झाँसी (1853), नागपुर (1854) जैसी रियासतें हड़पी गईं।
दमनकारी कानून और प्रतिरोध
वर्नाक्युलर प्रेस एक्ट, 1878
लॉर्ड लिटन ने इसे पास किया — भारतीय भाषाओं के समाचारपत्रों पर नकेल कसने के लिए। अंग्रेज़ी अखबार इससे मुक्त थे, जो खुद में इसकी नस्लभेदी प्रकृति दर्शाता है। इसे "Gagging Act" भी कहते थे। लॉर्ड रिपन ने 1882 में इसे रद्द किया — यह उनकी उदारवादी नीतियों का हिस्सा था।
रॉलेट एक्ट, 1919
आधिकारिक नाम: "अनार्किकल एंड रेवोल्यूशनरी क्राइम्स एक्ट, 1919"। इसे "काला कानून" और "बिना वकील, बिना अपील, बिना दलील" का कानून कहा गया।
तीन मुख्य प्रावधान:
- युद्धकालीन आपातकालीन प्रावधानों को शांतिकाल में बढ़ाया गया।
- बिना मुकदमे के नज़रबंदी की शक्ति।
- प्रेस और सभा की स्वतंत्रता पर प्रतिबंध।
ध्यान दो — इसमें भारी कराधान का कोई प्रावधान नहीं था। यह trap option Prelims में बार-बार आता है।
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस: स्थापना से विभाजन तक
स्थापना (1885):
- संस्थापक: A.O. Hume
- पहला अधिवेशन: बंबई, दिसंबर 1885
- पहले अध्यक्ष: W.C. Bonnerjee
- प्रारंभिक दृष्टिकोण: संवैधानिक, याचिका-आधारित, "Prayers, Petitions and Protests"
नरमपंथी बनाम गरमपंथी:
| पहलू | नरमपंथी | गरमपंथी |
|------|---------|---------|
| नेता | गोखले, बनर्जी, दादाभाई नौरोजी | तिलक, लाल-बाल-पाल |
| लक्ष्य | स्वशासन (धीरे-धीरे) | स्वराज (तुरंत) |
| तरीका | संवैधानिक | जन-आंदोलन, बहिष्कार |
| ब्रिटिश न्याय में विश्वास | हाँ | नहीं |
सूरत विभाजन, 1907:
गरमपंथियों ने 1906 के कलकत्ता अधिवेशन में स्वदेशी, बहिष्कार, स्वराज और राष्ट्रीय शिक्षा के चार सूत्र पारित करवाए। 1907 में सूरत में अगले अध्यक्ष के चुनाव पर विवाद इतना बढ़ा कि कांग्रेस दो धड़ों में टूट गई।
Indian Association और प्रारंभिक राजनीतिक संगठन
Indian Association की स्थापना 1876 में सुरेंद्रनाथ बनर्जी ने कलकत्ता में की। यह INC से पहले का सबसे महत्वपूर्ण राजनीतिक संगठन था। इसका लक्ष्य था भारतीय जनमानस में राजनीतिक चेतना जगाना और ICS परीक्षाओं में भारतीयों को अवसर दिलाना।
कैबिनेट मिशन, 1946
यह स्वतंत्रता से पहले का सबसे जटिल संवैधानिक प्रस्ताव था। तीन मंत्री — Stafford Cripps, A.V. Alexander, Pethick-Lawrence — भारत आए।
मुख्य प्रस्ताव:
- कमज़ोर केंद्र: केवल रक्षा, विदेश मामले और संचार।
- प्रांतों का समूहीकरण: तीन समूह — A (हिंदू-बहुल), B (पश्चिमोत्तर मुस्लिम), C (बंगाल और असम)।
- संविधान सभा: नया संविधान बनाने के लिए।
जो नहीं था: तत्काल स्वतंत्रता का प्रस्ताव। यह एक संक्रमणकालीन व्यवस्था थी।
शॉर्टकट और युक्तियाँ
चार सबसे परीक्षा-प्रासंगिक वायसराय-कानून जोड़ियाँ याद करने का तरीका — "LLRC":
- Litton → Vernacular Press Act (1878) — दबाया
- Lord Ripon → Vernacular Press Act रद्द (1882) — हटाया
- Rowlatt → Rowlatt Act (1919) — Sir Sidney Rowlatt की समिति की सिफारिश
- Curzon → Partition of Bengal (1905) — बाँटा
Prelims में "किसने पारित किया / किसने रद्द किया" type के प्रश्न में यह जोड़ी 30 सेकंड में उत्तर देती है। बिना इस pattern के 60-90 सेकंड लग सकते हैं।
Prelims में सहायक संधि के feature-based प्रश्न में यह elimination क्रम अपनाओ:
- Statement 1: भारतीय शासक को ब्रिटिश सेना रखनी पड़ती थी → सही
- Statement 2: विदेशी नागरिकों को नौकरी नहीं दे सकते → सही
- Statement 3: ब्रिटिश Resident तैनात → सही
- Statement 4: "पूर्ण संप्रभुता बनी रहती थी" → गलत — यह trap option है
जब भी "पूर्ण संप्रभुता" शब्द दिखे, उसे तुरंत काट दो। व्यवहार में संप्रभुता खत्म हो जाती थी। इससे 4 options में से 3 combinations निकल जाते हैं, सही उत्तर 15 सेकंड में।
रॉलेट एक्ट के feature-based प्रश्न में एकमात्र reliable elimination:
- "भारी कर लगाए गए" → हमेशा गलत — रॉलेट एक्ट कराधान से संबंधित नहीं था
जब भी options में "taxation / कर" आए, उस statement को eliminate करो। फिर बाकी तीन (युद्धकालीन प्रावधान, बिना मुकदमे नज़रबंदी, प्रेस पर रोक) सही हैं। इससे सीधे Answer A मिल जाता है। Standard approach में सभी provisions याद करने में 45 सेकंड, यह shortcut 10 सेकंड।
बहुत परीक्षार्थी confuse होते हैं:
- 1906 कलकत्ता: चार सूत्र (स्वदेशी, बहिष्कार, स्वराज, राष्ट्रीय शिक्षा) पारित हुए — घोषणा हुई
- 1907 सूरत: विभाजन हुआ
Pattern: "C आया पहले, S आया बाद में" — Calcutta (1906) → Surat (1907)। वर्णमाला क्रम से याद रखो। 5 सेकंड में।
कैबिनेट मिशन के प्रस्तावों में "तत्काल स्वतंत्रता" हमेशा गलत option होता है। 1946 में तत्काल transfer of power कैबिनेट मिशन नहीं, बल्कि Mountbatten Plan (1947) ने किया। जब भी "immediate independence / तत्काल स्वतंत्रता" दिखे, उसे काटो। इससे correct combination (1+2+3) तुरंत मिल जाती है। 8 सेकंड।
तेज़-समाधान रूपरेखा
परीक्षा-हॉल में आधुनिक भारत के किसी भी MCQ को इस decision tree से हल करो:
क्या प्रश्न किसी कानून/अधिनियम के बारे में है?
→ हाँ: पहले पूछो — "किसने पारित किया? किस वर्ष? क्या था इसका मुख्य प्रावधान?"
→ "taxation/कर" आए तो रॉलेट एक्ट से eliminate करो।
→ "पूर्ण संप्रभुता" आए तो सहायक संधि से eliminate करो।
क्या प्रश्न किसी संगठन/अधिवेशन के बारे में है?
→ INC: 1885, बंबई, Hume, Bonnerjee।
→ Indian Association: 1876, कलकत्ता, सुरेंद्रनाथ बनर्जी।
→ नरमपंथी-गरमपंथी विभाजन: 1907 सूरत।
क्या प्रश्न statement-based है (1,2,3 में से कौन सा सही)?
→ पहले सबसे obvious गलत statement ढूंढो और उसे काटो।
→ जो statements बची हैं, उनसे matching option चुनो।
→ कभी सभी statements एक-एक verify मत करो — यह time-sink है।
क्या प्रश्न वायसराय/गवर्नर जनरल से जुड़ा है?
→ LLRC pattern लगाओ: Lytton-Lapse/Press, Ripon-Reforms, Rowlatt, Curzon-Partition।
हल किए गए PYQs
क्यों यह प्रश्न: Indian Association INC का अग्रदूत है — यह organization Prelims में बार-बार आता है, और दादाभाई नौरोजी / गोखले / तिलक के साथ सुरेंद्रनाथ बनर्जी को confuse करना UPSC का favorite trap है।
समाधान का रास्ता: दादाभाई नौरोजी Bombay Association और East India Association से जुड़े थे। गोखले और तिलक INC के बाद की पीढ़ी के हैं। 1876 = Indian Association = सुरेंद्रनाथ बनर्जी। यह fact सीधे याद करो — इसमें कोई shortcut नहीं, पर यह बार-बार आता है।
Who among the following was associated with the establishment of the Indian Association in 1876?
निम्नलिखित में से कौन 1876 में इंडियन एसोसिएशन (Indian Association) की स्थापना से जुड़े थे?
- Dadabhai Naoroji
- Surendranath Banerjee
- Gopal Krishna Gokhale
- Bal Gangadhar Tilak
- दादाभाई नौरोजी
- सुरेंद्रनाथ बनर्जी
- गोपाल कृष्ण गोखले
- बाल गंगाधर तिलक
Solutionसमाधान
The Indian Association was established in 1876 by Surendranath Banerjee in Calcutta. It was formed as a precursor to political organizations and aimed at creating political awareness among Indians. Banerjee was a prominent moderate leader who later joined the Indian National Congress.
भारतीय संघ की स्थापना 1876 में सुरेंद्रनाथ बनर्जी द्वारा कलकत्ता में की गई थी। यह राजनीतिक संगठनों का अग्रदूत था और इसका उद्देश्य भारतीयों में राजनीतिक चेतना जगाना था। बनर्जी एक प्रमुख नरमपंथी नेता थे जो बाद में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस में शामिल हुए।
क्यों यह प्रश्न: रॉलेट एक्ट के features सबसे ज़्यादा पूछे जाने वाले Prelims topics में से एक हैं। "कर लगाने" वाला option classic distractor है।
समाधान का रास्ता: Option 4 (भारी कर) तुरंत eliminate — रॉलेट एक्ट आर्थिक नहीं, सुरक्षा-संबंधी कानून था। बाकी तीन (1, 2, 3) सही हैं। Answer = "1, 2 और 3"।
The Rowlatt Act of 1919 was opposed because it:
1. Extended wartime emergency measures
2. Allowed detention without trial
3. Restricted freedom of press
4. Imposed heavy taxation
1919 के रॉलेट एक्ट का विरोध इसलिए किया गया क्योंकि इसमें:
1. युद्धकालीन आपातकालीन प्रावधानों को बढ़ाया गया
2. बिना मुकदमे के नजरबंदी की अनुमति दी गई
3. प्रेस की स्वतंत्रता पर रोक लगाई गई
4. भारी कर लगाए गए
- 1, 2 and 3
- 1, 2 and 4
- 2, 3 and 4
- 1, 3 and 4
- 1, 2 और 3
- 1, 2 और 4
- 2, 3 और 4
- 1, 3 और 4
Solutionसमाधान
The Rowlatt Act extended wartime emergency measures into peacetime, allowed for detention without trial, and imposed restrictions on freedom of press and assembly. It did not specifically impose heavy taxation. The Act was widely opposed as it was seen as a repressive measure that violated civil liberties.
रॉलेट एक्ट ने युद्धकालीन आपातकालीन उपायों को शांतिकाल में बढ़ाया, बिना मुकदमे के हिरासत की अनुमति दी, और प्रेस एवं सभा की स्वतंत्रता पर प्रतिबंध लगाए। इसमें विशेष रूप से भारी कराधान नहीं था। यह एक दमनकारी उपाय के रूप में देखा गया जो नागरिक स्वतंत्रताओं का हनन करता था।
क्यों यह प्रश्न: सहायक संधि UPSC का perennial favorite है। "पूर्ण संप्रभुता" वाला Statement 4 UPSC का सबसे चालाक trap है क्योंकि nominally शासक को sovereign कहा जाता था।
समाधान का रास्ता: Statement 4 (पूर्ण संप्रभुता) गलत — Resident की उपस्थिति और ब्रिटिश सेना का नियंत्रण संप्रभुता को खोखला बनाता था। 1, 2, 3 सही। Answer = "1, 2 और 3"।
The system of 'Subsidiary Alliance' was perfected by Lord Wellesley. Which of the following were its main features?
1. Indian ruler had to maintain British troops
2. Indian ruler could not employ foreign nationals
3. British Resident was stationed in the Indian court
4. Indian ruler retained full sovereignty
'सहायक संधि' (Subsidiary Alliance) की व्यवस्था को लॉर्ड वेलेजली ने पूर्ण रूप दिया। निम्नलिखित में से कौन से इसकी मुख्य विशेषताएं थीं?
1. भारतीय शासक को ब्रिटिश सेना रखनी पड़ती थी
2. भारतीय शासक विदेशी नागरिकों को नौकरी नहीं दे सकता था
3. भारतीय दरबार में एक ब्रिटिश रेजिडेंट तैनात रहता था
4. भारतीय शासक की पूर्ण संप्रभुता बनी रहती थी
- 1, 2 and 3
- 1, 3 and 4
- 2, 3 and 4
- 1, 2 and 4
- 1, 2 और 3
- 1, 3 और 4
- 2, 3 और 4
- 1, 2 और 4
Solutionसमाधान
The Subsidiary Alliance system required Indian rulers to maintain British troops at their cost, prohibited them from employing foreign nationals without British consent, and mandated the presence of a British Resident at their court. However, rulers did not retain full sovereignty as they had to accept British paramountcy and interference in their affairs.
सहायक संधि प्रणाली के तहत भारतीय शासकों को अपनी लागत पर ब्रिटिश सैनिक रखने पड़ते थे, बिना ब्रिटिश सहमति के विदेशी नागरिकों को रोजगार देने से प्रतिबंधित किया गया, और उनके दरबार में एक ब्रिटिश रेजिडेंट की नियुक्ति अनिवार्य थी। हालांकि, शासक पूर्ण संप्रभुता नहीं रखते थे क्योंकि उन्हें ब्रिटिश सर्वोपरिता और हस्तक्षेप स्वीकार करना पड़ता था।
क्यों यह प्रश्न: सूरत अधिवेशन और कलकत्ता अधिवेशन का confusion Prelims में regularly exploit होता है।
समाधान का रास्ता: 1906 = कलकत्ता = चार सूत्र पारित। 1907 = सूरत = विभाजन। "C से S" — Calcutta → Surat, वर्णमाला और वर्ष दोनों में।
Which session of Indian National Congress witnessed the split between Moderates and Extremists?
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के किस अधिवेशन में नरमपंथियों और गरमपंथियों के बीच फूट पड़ी थी?
- Calcutta Session, 1906
- Surat Session, 1907
- Lahore Session, 1909
- Karachi Session, 1931
- कलकत्ता अधिवेशन, 1906
- सूरत अधिवेशन, 1907
- लाहौर अधिवेशन, 1909
- कराची अधिवेशन, 1931
Solutionसमाधान
The Surat Session of 1907 witnessed the split between Moderates led by Gopal Krishna Gokhale and Extremists led by Bal Gangadhar Tilak over the question of methods of political agitation and the leadership issue.
1907 के सूरत अधिवेशन में गोपाल कृष्ण गोखले के नेतृत्व में नरमपंथियों और बाल गंगाधर तिलक के नेतृत्व में गरमपंथियों के बीच राजनीतिक आंदोलन की पद्धतियों को लेकर विभाजन हुआ।
क्यों यह प्रश्न: वर्नाक्युलर प्रेस एक्ट को किसने पारित किया और किसने रद्द किया — दोनों अलग-अलग पूछे जाते हैं। UPSC कभी Lytton पूछता है, कभी Ripon।
समाधान का रास्ता: पारित किया = Lytton (1878)। रद्द किया = Ripon (1882)। यह प्रश्न रद्द करने के बारे में है, इसलिए Ripon।
The Vernacular Press Act of 1878 was repealed by which Viceroy?
वर्नाक्युलर प्रेस एक्ट 1878 को किस वायसराय ने रद्द किया था?
- Lord Lytton
- Lord Ripon
- Lord Curzon
- Lord Minto
- लॉर्ड लिटन
- लॉर्ड रिपन
- लॉर्ड कर्जन
- लॉर्ड मिंटो
Solutionसमाधान
The Vernacular Press Act was passed by Lord Lytton in 1878 to control vernacular newspapers. It was repealed by his successor Lord Ripon in 1882 as part of his liberal policies.
वर्नाक्यूलर प्रेस एक्ट लॉर्ड लिटन द्वारा 1878 में स्थानीय भाषा के समाचारपत्रों को नियंत्रित करने के लिए पारित किया गया था। इसे उनके उत्तराधिकारी लॉर्ड रिपन ने 1882 में अपनी उदार नीतियों के तहत निरस्त कर दिया।
क्यों यह प्रश्न: रॉलेट एक्ट का official नाम Prelims में पूछा जाता है। अधिकांश परीक्षार्थी इसे "Public Safety Act" या "Criminal Law Amendment Act" समझते हैं — यह confusion UPSC exploit करता है।
समाधान का रास्ता: "अनार्किकल एंड रेवोल्यूशनरी क्राइम्स एक्ट" — नाम में ही है इसका उद्देश्य: क्रांतिकारियों को दबाना। Criminal Law Amendment Act अलग है।
The Rowlatt Act was officially known as:
रॉलेट एक्ट को आधिकारिक तौर पर किस नाम से जाना जाता था?
- Criminal Law Amendment Act
- Anarchical and Revolutionary Crimes Act
- Public Safety Act
- Defence of India Act
- क्रिमिनल लॉ अमेंडमेंट एक्ट
- अनार्किकल एंड रेवोल्यूशनरी क्राइम्स एक्ट
- पब्लिक सेफ्टी एक्ट
- डिफेंस ऑफ इंडिया एक्ट
Solutionसमाधान
The Rowlatt Act was officially called the 'Anarchical and Revolutionary Crimes Act, 1919'. It was passed to control revolutionary activities and gave the government powers to arrest and detain suspects without trial.
रौलट एक्ट को आधिकारिक रूप से 'अराजकतावादी और क्रांतिकारी अपराध अधिनियम, 1919' कहा जाता था। यह क्रांतिकारी गतिविधियों को नियंत्रित करने और सरकार को बिना मुकदमे के संदिग्धों को गिरफ्तार करने की शक्ति देने के लिए पारित किया गया।
क्यों यह प्रश्न: INC की स्थापना से जुड़े सभी तीन तथ्य एक साथ test किए जाते हैं। अक्सर एक statement को गलत दिखाकर trap बनाया जाता है।
समाधान का रास्ता: तीनों statements सही हैं — Hume (1885), बंबई में पहला अधिवेशन, Bonnerjee पहले अध्यक्ष, संवैधानिक आंदोलन। Answer = "1, 2 और 3"।
Which of the following statements about the Indian National Congress is/are correct?
1. It was founded in 1885 by Allan Octavian Hume
2. The first session was held in Bombay with W.C. Bonnerjee as President
3. Initially, it followed a policy of constitutional agitation
Select the correct answer using the code given below:
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के बारे में निम्नलिखित में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
1. इसकी स्थापना 1885 में Allan Octavian Hume ने की थी
2. पहला अधिवेशन बंबई में हुआ था जिसमें W.C. Bonnerjee अध्यक्ष थे
3. शुरुआत में इसने संवैधानिक आंदोलन की नीति अपनाई
नीचे दिए गए कूट का उपयोग करके सही उत्तर चुनिए:
- 1 only
- 1 and 2 only
- 2 and 3 only
- 1, 2 and 3
- केवल 1
- केवल 1 और 2
- केवल 2 और 3
- 1, 2 और 3
Solutionसमाधान
All three statements are correct. The Indian National Congress was founded in 1885 by Allan Octavian Hume, a retired British civil servant. The first session was held in Bombay (now Mumbai) from December 28-31, 1885, with W.C. Bonnerjee as the first President. Initially, the Congress followed a moderate approach of constitutional agitation and petitioning.
तीनों कथन सही हैं। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना 1885 में एलन ऑक्टेवियन ह्यूम द्वारा की गई थी। पहला अधिवेशन बंबई में 28-31 दिसंबर 1885 को हुआ था जिसके अध्यक्ष डब्ल्यू.सी. बनर्जी थे। प्रारंभ में कांग्रेस ने संवैधानिक आंदोलन की नीति अपनाई थी।
क्यों यह प्रश्न: कैबिनेट मिशन का "तत्काल स्वतंत्रता नहीं" वाला पहलू Prelims में हमेशा आता है।
समाधान का रास्ता: Statement 4 (तत्काल स्वतंत्रता) eliminate — यह Mountbatten Plan का हिस्सा था, कैबिनेट मिशन का नहीं। 1, 2, 3 सही। Answer = "1, 2 और 3"।
The Cabinet Mission Plan of 1946 proposed which of the following?
1. A weak center with limited powers
2. Grouping of provinces
3. Constituent Assembly to frame the constitution
4. Immediate independence
1946 के कैबिनेट मिशन योजना में निम्नलिखित में से किसका प्रस्ताव किया गया था?
1. सीमित शक्तियों वाला एक कमज़ोर केंद्र
2. प्रांतों का समूहीकरण
3. संविधान बनाने के लिए संविधान सभा
4. तत्काल स्वतंत्रता
- 1, 2 and 3
- 2, 3 and 4
- 1, 3 and 4
- 1, 2 and 4
- 1, 2 और 3
- 2, 3 और 4
- 1, 3 और 4
- 1, 2 और 4
Solutionसमाधान
The Cabinet Mission Plan proposed a weak center with limited powers over defense, foreign affairs, and communications; grouping of provinces into three groups; and a Constituent Assembly to frame the constitution. However, it did not propose immediate independence but rather a transitional arrangement.
कैबिनेट मिशन योजना में एक कमजोर केंद्र का प्रस्ताव था जिसके पास रक्षा, विदेश मामले और संचार पर सीमित शक्तियां हों; प्रांतों को तीन समूहों में बांटना; और संविधान बनाने के लिए एक संविधान सभा का गठन। हालांकि, इसमें तत्काल स्वतंत्रता का प्रस्ताव नहीं था बल्कि एक संक्रमणकालीन व्यवस्था थी।
आम गलतियाँ
-
Indian Association और INC को एक मानना: Indian Association (1876, सुरेंद्रनाथ बनर्जी) INC (1885, Hume) से 9 साल पहले बनी। दोनों अलग संगठन हैं। INC में Indian Association का विलय नहीं हुआ — बनर्जी बाद में INC से जुड़े।
-
वर्नाक्युलर प्रेस एक्ट को Ripon से जोड़ना: Ripon ने इसे रद्द किया, पारित नहीं किया। "Ripon = उदारवादी = रद्द करना" — यह संबंध याद रखो, उलटा मत करो।
-
रॉलेट एक्ट में taxation का प्रावधान मानना: यह सबसे common गलती है और UPSC इसे जानबूझकर option में डालता है। रॉलेट एक्ट पूरी तरह सुरक्षा और दमन से संबंधित था, आर्थिक नीति से नहीं।
-
1906 और 1907 के अधिवेशनों को आपस में बदलना: "घोषणा कलकत्ता में, विभाजन सूरत में" — इस एक वाक्य को रट लो। "C → S" का वर्णमाला क्रम याद रखो।
-
सहायक संधि में "पूर्ण संप्रभुता" को सही मानना: यह UPSC का सबसे sophisticated trap है। ब्रिटिश दस्तावेजों में शासक को "sovereign" कहा जाता था, पर व्यवहार में Resident का नियंत्रण और ब्रिटिश सैनिकों की उपस्थिति संप्रभुता को नाममात्र बना देती थी।
-
कैबिनेट मिशन को Mountbatten Plan समझना: कैबिनेट मिशन (1946) = संवैधानिक ढाँचा + संविधान सभा। Mountbatten Plan (1947) = partition + तत्काल स्वतंत्रता। दोनों अलग-अलग घटनाएँ हैं, एक ही नहीं।
संबंधित विषय
SarkariRise पर अभ्यास
Sign up + get 3 free mocks →Practice modern india on a mock →