Learn / SSC CGL / finance-and-accounts / final-accounts-and-valuation SSC CGL: मूल्यह्रास और स्टॉक का मूल्यांकन — SLM, WDV, SYD और FIFO/LIFO विधियाँ
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अवधारणा
मूल्यह्रास (Depreciation) वह लेखांकन प्रक्रिया है जिसके द्वारा किसी दीर्घकालिक परिसंपत्ति (जैसे मशीन, भवन, वाहन) की लागत को उसकी उपयोगी आयु में व्यवस्थित रूप से खर्च के रूप में बाँटा जाता है। इसे इस तरह समझो — मान लो तुमने एक मोबाइल फोन ₹20,000 में खरीदा जो 4 साल चलेगा। हर साल उसका उपयोग होता है, वह पुराना होता है, उसकी उपयोगिता घटती है। यही घटाव मूल्यह्रास है।
मूल्यह्रास क्यों जरूरी है? तीन कारण:
- सही लाभ-हानि निर्धारण — अगर मशीन की पूरी लागत एक साल में खर्च दिखा दो तो उस साल भारी घाटा और बाकी सालों में झूठा मुनाफा दिखेगा।
- सही Balance Sheet — परिसंपत्ति का वास्तविक मूल्य दिखाना।
- परिसंपत्ति प्रतिस्थापन के लिए फंड — मूल्यह्रास charge करने से कंपनी में पैसा बचता है।
स्टॉक मूल्यांकन (Inventory Valuation) — यह निर्धारित करता है कि जब माल बेचा जाता है तो उसकी लागत (Cost of Goods Sold) कितनी मानी जाए और जो माल बचा है (Closing Stock) उसका मूल्य क्या हो। इसका सीधा असर लाभ पर पड़ता है। FIFO में पहले खरीदा माल पहले बेचा माना जाता है, LIFO में आखिरी खरीदा पहले बेचा, और भारित औसत में सब खरीद का औसत निकाला जाता है।
SSC CGL में इन दोनों विषयों से गणनात्मक प्रश्न सीधे आते हैं — formula याद करो, calculation तेज़ करो, बस।
गहन विश्लेषण
मूल्यह्रास की प्रमुख विधियाँ
1. सीधी रेखा विधि (Straight Line Method — SLM)
यह सबसे सरल और SSC CGL में सबसे अधिक पूछी जाने वाली विधि है।
सूत्र:
वार्षिक मूल्यह्रास=उपयोगी आयु (वर्ष)लागत−अवशिष्ट मूल्य
मूल्यह्रास दर (%):
दर=लागतवार्षिक मूल्यह्रास×100
विशेषताएँ:
- हर साल मूल्यह्रास की राशि समान रहती है।
- Asset का बही मूल्य (Book Value) सरल रेखीय रूप से घटता है।
- उपयोगी आयु के अंत में Book Value = अवशिष्ट मूल्य (Scrap/Residual Value)।
उदाहरण: मशीन की लागत ₹1,20,000, अवशिष्ट मूल्य ₹20,000, उपयोगी आयु 10 वर्ष।
वार्षिक मूल्यह्रास=101,20,000−20,000=101,00,000=₹10,000
2. लिखित मूल्य विधि (Written Down Value Method — WDV)
इसे घटते शेष विधि (Reducing Balance Method) भी कहते हैं। यहाँ मूल्यह्रास हर साल घटते हुए बही मूल्य पर लगाया जाता है।
सूत्र:
मूल्यह्रास=प्रारंभिक बही मूल्य×दर
अंतिम बही मूल्य=प्रारंभिक बही मूल्य×(1−r)n
जहाँ r = वार्षिक दर (दशमलव में), n = वर्षों की संख्या।
विशेषताएँ:
- शुरुआती वर्षों में मूल्यह्रास अधिक, बाद में कम।
- Bookie value कभी शून्य नहीं होती (सैद्धांतिक रूप से)।
- आयकर में अनुमत विधि (Income Tax Act में भी यही प्रयोग होती है)।
उदाहरण: ₹80,000 की मशीन पर 25% WDV।
| वर्ष | प्रारंभिक WDV | मूल्यह्रास (25%) | अंतिम WDV |
|------|--------------|-----------------|-----------|
| 1 | ₹80,000 | ₹20,000 | ₹60,000 |
| 2 | ₹60,000 | ₹15,000 | ₹45,000 |
दूसरे वर्ष के अंत में बही मूल्य = ₹45,000।
n-वर्ष बाद सीधे गणना:
WDV=लागत×(1−r)n=80,000×(0.75)2=80,000×0.5625=₹45,000
3. वर्षों के अंकों का योग विधि (Sum of Years' Digits — SYD)
चरण 1: SYD = {n(n+1)2} जहाँ n = उपयोगी आयु।
चरण 2: प्रत्येक वर्ष का भिन्न (fraction) = SYD{शेषउपयोगीआयु}
चरण 3: मूल्यह्रास = भिन्न × (लागत − अवशिष्ट मूल्य)
उदाहरण: 5 वर्षीय asset, लागत ₹1,20,000, अवशिष्ट मूल्य ₹20,000।
SYD = {5×62}=15, मूल्यह्रास योग्य राशि = ₹1,00,000।
| वर्ष | शेष आयु | भिन्न | मूल्यह्रास |
|------|---------|------|-----------|
| 1 | 5 | 5/15 | ₹33,333 |
| 2 | 4 | 4/15 | ₹26,667 |
| 3 | 3 | 3/15 = 1/5 | ₹20,000 |
| 4 | 2 | 2/15 | ₹13,333 |
| 5 | 1 | 1/15 | ₹6,667 |
स्टॉक मूल्यांकन की विधियाँ (Inventory Valuation Methods)
FIFO (First In, First Out — पहले आया, पहले गया)
- जो माल पहले खरीदा गया, वह पहले बेचा माना जाता है।
- महंगाई में: Closing Stock का मूल्य अधिक (हालिया ऊँचे दाम पर), COGS कम, इसलिए लाभ अधिक दिखता है।
- Tax का बोझ: महंगाई में अधिक।
LIFO (Last In, First Out — आखिरी आया, पहले गया)
- जो माल आखिर में खरीदा गया, वह पहले बेचा माना जाता है।
- महंगाई में: COGS अधिक (हालिया ऊँचे दाम), लाभ कम, Closing Stock पुरानी कम कीमत पर।
- ध्यान दो: LIFO को भारतीय लेखांकन मानकों (Ind AS) में अनुमति नहीं है, लेकिन परीक्षा में conceptual प्रश्न आते हैं।
भारित औसत विधि (Weighted Average Method)
औसत लागत=कुल इकाइयाँ (उपलब्ध माल की)कुल लागत (उपलब्ध माल की)
- सभी खरीदों का भारित औसत निकाला जाता है।
- Opening Stock + सभी Purchases की कुल लागत ÷ कुल इकाइयाँ = प्रति इकाई लागत।
- यह विधि लाभ की "smoothing" करती है।
महंगाई में लाभ का क्रम: FIFO > Weighted Average > LIFO
शॉर्टकट और युक्तियाँ
WDV की गणना वर्ष-दर-वर्ष करने में समय बर्बाद मत करो। सीधे formula लगाओ:
WDVn=लागत×(1−r)n
20% दर पर: (1−0.20)n=(0.80)n। Powers याद करो: (0.8)1=0.8, (0.8)2=0.64, (0.8)3=0.512, (0.8)4=0.4096।
25% दर पर: (0.75)1=0.75, (0.75)2=0.5625, (0.75)3=0.421875।
उदाहरण: ₹1,00,000 पर 20%, 3 वर्ष: 1,00,000×0.512=₹51,200।
वर्ष-दर-वर्ष: 3 steps (80,000 → 64,000 → 51,200) = 45 सेकंड। सीधा formula = 10 सेकंड।
SLM में बस दो काम: (लागत − स्क्रैप) निकालो, उपयोगी आयु से भाग दो।
सबसे आम गलती — students लागत से सीधे भाग दे देते हैं, स्क्रैप घटाना भूल जाते हैं।
Quick check: अगर कोई option लागत ÷ आयु दे तो वह गलत है (जब तक स्क्रैप = 0 न हो)।
₹1,20,000 − ₹20,000 = ₹1,00,000 → ₹1,00,000 ÷ 10 = ₹10,000। दो steps, 8 सेकंड।
Standard approach जहाँ लोग पहले rate% निकालते हैं: 20+ सेकंड।
SYD में "तीसरे वर्ष का मूल्यह्रास" पूछें तो याद रखो: वर्ष नंबर नहीं, शेष उपयोगी आयु का उपयोग होता है।
5 साल की asset में:
- वर्ष 1 → शेष आयु 5 → भिन्न 5/15
- वर्ष 3 → शेष आयु 3 → भिन्न 3/15
SYD = n(n+1)/2: 5 साल → 15, 4 साल → 10, 6 साल → 21, 10 साल → 55। ये values रट लो।
गलत approach (वर्ष क्रमांक सीधे use करना) = 3/15 नहीं बल्कि किसी को 3rd वर्ष के लिए 3/15 सही है, पर कुछ students वर्ष-क्रमांक को "अंश" और SYD को "हर" मान लेते हैं बिना "शेष आयु" का concept समझे। इससे कोई गलती नहीं होगी बशर्ते तुम जानो कि SYD में वर्ष 1 में शेष आयु = n, वर्ष 2 में = n-1... वर्ष k में = n-k+1।
3 steps (SYD निकालो → भिन्न बनाओ → गुणा करो) बनाम standard confusion = समय की बचत 30+ सेकंड।
महंगाई (Rising Prices) में कौन-सी विधि में क्या होगा — एक line में:
FIFO → अधिक लाभ, अधिक Closing Stock मूल्य, अधिक Tax
LIFO → कम लाभ, कम Closing Stock मूल्य, कम Tax
Weighted Average → बीच में
Trick: "FIFO = Favorable for Balance Sheet (दिखने में)। LIFO = Lower tax।"
MCQ में "कौन-सी विधि से कर-देनदारी कम होगी?" → LIFO। "कौन-सी से लाभ अधिक?" → FIFO। Options eliminate करने में 5 सेकंड, बिना गणना के।
WDV में प्रारंभिक वर्षों में मूल्यह्रास अधिक होता है, बाद में कम।
SLM में हर साल बराबर।
Crossover होता है: एक बिंदु के बाद SLM > WDV।
Quick rule: पहले वर्ष में WDV > SLM (जब तक दरें तुलनीय हों), अंतिम वर्षों में SLM > WDV।
परीक्षा में "कौन-सी विधि में पहले वर्ष में अधिक मूल्यह्रास?" → WDV। बिना calculation, 3 सेकंड।
तेज़-समाधान रूपरेखा
परीक्षा हॉल में मूल्यह्रास/स्टॉक वाला प्रश्न देखते ही यह flow follow करो:
Step 1 — विधि पहचानो:
- "SLM / सीधी रेखा / Fixed Installment" → (C−S)/n formula।
- "WDV / Written Down / Reducing Balance" → C×(1−r)n formula।
- "SYD / वर्षों के अंकों का योग" → SYD = n(n+1)/2, फिर भिन्न।
- "FIFO/LIFO/Weighted Average" → स्टॉक मूल्यांकन।
Step 2 — दी गई values identify करो:
- लागत (Cost), स्क्रैप/अवशिष्ट मूल्य (Salvage), उपयोगी आयु (n), दर (r%)।
Step 3 — एक ही formula apply करो:
- SLM: घटाओ और भाग दो।
- WDV: (1−r)n power calculate करो।
- SYD: तीसरे/चौथे वर्ष के लिए सही "शेष आयु" का उपयोग करो।
Step 4 — Options से cross-check:
- WDV में answer हमेशा round figure नहीं होता।
- SLM में answer हमेशा पूर्णांक या साफ दशमलव होगा (अगर सही values दी हों)।
अगर question में "बही मूल्य" (Book Value) पूछा है तो मूल्यह्रास निकालकर लागत से घटाओ — यह extra step मत भूलो।
हल किए गए PYQs
क्यों यह प्रश्न: SLM का सबसे आधारभूत प्रश्न — formula सीधे apply होता है। SSC CGL में इस exact type के 3-4 variations देखे गए हैं।
समाधान का रास्ता: लागत ₹1,20,000 से स्क्रैप ₹20,000 घटाओ = ₹1,00,000। 10 से भाग दो = ₹10,000। Option (d) सही।
A machine is purchased for ₹1,20,000. Its scrap value at the end of its useful life of 10 years is ₹20,000. What is the annual depreciation under the Straight Line Method (SLM)?
एक मशीन ₹1,20,000 में खरीदी जाती है। 10 साल की उपयोगी आयु के अंत में उसका रद्दी मूल्य ₹20,000 है। स्ट्रेट लाइन मेथड (SLM) के तहत वार्षिक मूल्यह्रास क्या होगा?
- ₹14,000
- ₹8,000
- ₹12,000
- ₹10,000
- ₹14,000
- ₹8,000
- ₹12,000
- ₹10,000
Solutionसमाधान
Under SLM, Annual Depreciation = (Cost – Scrap Value) / Useful Life = (1,20,000 – 20,000) / 10 = 1,00,000 / 10 = ₹10,000. This fixed amount is charged every year over the asset's useful life.
SLM में वार्षिक मूल्यह्रास = (लागत – रद्दी मूल्य) / उपयोगी आयु = (1,20,000 – 20,000) / 10 = 1,00,000 / 10 = ₹10,000। यह निश्चित राशि हर साल आस्ति की उपयोगी आयु में चार्ज की जाती है।
क्यों यह प्रश्न: यह पिछले प्रश्न का ही variant है — "स्क्रैप मूल्य" और "अवशिष्ट मूल्य" एक ही होते हैं, यह समझना जरूरी है।
समाधान का रास्ता: (1,20,000−20,000)÷10=₹10,000। Terminology बदले, formula नहीं बदला।
A machine is purchased for ₹1,20,000 with a salvage value of ₹20,000 and a useful life of 10 years. What is the annual depreciation under the Straight Line Method (SLM)?
एक मशीन ₹1,20,000 में खरीदी गई है, जिसका अवशिष्ट मूल्य ₹20,000 और उपयोगी जीवन 10 वर्ष है। सीधी रेखा विधि (SLM) के अंतर्गत वार्षिक मूल्यह्रास कितना होगा?
- ₹10,000
- ₹11,000
- ₹8,000
- ₹12,000
- ₹10,000
- ₹11,000
- ₹8,000
- ₹12,000
Solutionसमाधान
Under SLM, Annual Depreciation = (Cost − Salvage Value) ÷ Useful Life = (1,20,000 − 20,000) ÷ 10 = 1,00,000 ÷ 10 = ₹10,000. The salvage value is subtracted before dividing by the useful life.
SLM के अंतर्गत वार्षिक मूल्यह्रास = (लागत − अवशिष्ट मूल्य) ÷ उपयोगी जीवन = (1,20,000 − 20,000) ÷ 10 = 1,00,000 ÷ 10 = ₹10,000। विभाजन से पहले अवशिष्ट मूल्य घटाया जाता है।
क्यों यह प्रश्न: WDV विधि का दो-वर्षीय प्रश्न — वर्ष-दर-वर्ष calculation का test।
समाधान का रास्ता: सीधे formula: 80,000×(0.75)2=80,000×0.5625=₹45,000। या वर्ष-दर-वर्ष: वर्ष 1 → 80,000×0.75=60,000, वर्ष 2 → 60,000×0.75=45,000। Option (b) सही।
Under the Written Down Value (WDV) method, a machine costing ₹80,000 is depreciated at 25% per annum. What is the book value of the machine at the end of the second year?
अवक्षयित मूल्य (WDV) विधि के अंतर्गत, ₹80,000 की एक मशीन पर प्रतिवर्ष 25% की दर से मूल्यह्रास लगाया जाता है। दूसरे वर्ष के अंत में मशीन का बुक मूल्य क्या होगा?
- ₹50,000
- ₹45,000
- ₹48,000
- ₹40,000
- ₹50,000
- ₹45,000
- ₹48,000
- ₹40,000
Solutionसमाधान
End of Year 1: WDV = 80,000 × (1 − 0.25) = 80,000 × 0.75 = ₹60,000. End of Year 2: WDV = 60,000 × 0.75 = ₹45,000. In WDV method, depreciation is applied on the reducing balance each year.
पहले वर्ष के अंत में: WDV = 80,000 × 0.75 = ₹60,000। दूसरे वर्ष के अंत में: WDV = 60,000 × 0.75 = ₹45,000। WDV विधि में प्रत्येक वर्ष घटते हुए बैलेंस पर मूल्यह्रास लगाया जाता है।
क्यों यह प्रश्न: SYD विधि का तीसरे वर्ष वाला प्रश्न — "शेष उपयोगी आयु" का concept test होता है।
समाधान का रास्ता: SYD = {5×62}=15। मूल्यह्रास योग्य राशि = 1,20,000−20,000=₹1,00,000। तीसरे वर्ष की शेष उपयोगी आयु = 3। भिन्न = 3{}{15}=1{}{5}। मूल्यह्रास = 1{}{5}×1,00,000=₹20,000। Option (a) सही।
A machine costing ₹1,20,000 has a useful life of 5 years and a residual value of ₹20,000. Using the Sum of Years' Digits (SYD) method, what is the depreciation charge for the 3rd year?
₹1,20,000 की लागत वाली एक मशीन की उपयोगी आयु 5 वर्ष है और अवशिष्ट मूल्य ₹20,000 है। वर्षों के अंकों के योग (SYD) विधि का उपयोग करते हुए, तीसरे वर्ष का मूल्यह्रास शुल्क क्या होगा?
- ₹20,000
- ₹33,333
- ₹26,667
- ₹13,333
- ₹20,000
- ₹33,333
- ₹26,667
- ₹13,333
Solutionसमाधान
Depreciable amount = ₹1,20,000 − ₹20,000 = ₹1,00,000. Sum of years' digits = 1+2+3+4+5 = 15. For the 3rd year, the remaining life at the start of year 3 is 3 years, so the fraction = 3/15 = 1/5. Depreciation = 1/5 × ₹1,00,000 = ₹20,000.
मूल्यह्रास योग्य राशि = ₹1,20,000 − ₹20,000 = ₹1,00,000। वर्षों के अंकों का योग = 1+2+3+4+5 = 15। तीसरे वर्ष के लिए, शुरुआत में शेष आयु 3 वर्ष है, अतः भिन्न = 3/15 = 1/5। मूल्यह्रास = 1/5 × ₹1,00,000 = ₹20,000।
क्यों यह प्रश्न: WDV का तीन-वर्षीय प्रश्न — (1−r)n formula का test। 20% दर पर (0.8)3=0.512 याद होना जरूरी है।
समाधान का रास्ता: 5,00,000×(0.80)3=5,00,000×0.512=₹2,56,000। वर्ष-दर-वर्ष: वर्ष 1 → ₹4,00,000, वर्ष 2 → ₹3,20,000, वर्ष 3 → ₹2,56,000। Option (a) सही।
A machine was purchased on 1st April 2020 for ₹5,00,000. The company uses the Written Down Value (WDV) method of depreciation at 20% per annum. After 3 years, the machine's book value on 31st March 2023 would be:
एक मशीन 1 अप्रैल 2020 को ₹5,00,000 में खरीदी गई। कंपनी 20% प्रति वर्ष की दर से WDV (Written Down Value) पद्धति से मूल्यह्रास लगाती है। 3 वर्षों के बाद, 31 मार्च 2023 को मशीन का बही मूल्य क्या होगा?
- ₹2,56,000
- ₹3,00,000
- ₹2,40,000
- ₹2,00,000
- ₹2,56,000
- ₹3,00,000
- ₹2,40,000
- ₹2,00,000
Solutionसमाधान
Under WDV method, depreciation is charged on the reducing balance. Year 1: ₹5,00,000 × 20% = ₹1,00,000; WDV = ₹4,00,000. Year 2: ₹4,00,000 × 20% = ₹80,000; WDV = ₹3,20,000. Year 3: ₹3,20,000 × 20% = ₹64,000; WDV = ₹2,56,000. Hence the book value after 3 years is ₹2,56,000.
WDV पद्धति में मूल्यह्रास घटते हुए बही मूल्य पर लगाया जाता है। वर्ष 1: ₹5,00,000 × 20% = ₹1,00,000; WDV = ₹4,00,000। वर्ष 2: ₹4,00,000 × 20% = ₹80,000; WDV = ₹3,20,000। वर्ष 3: ₹3,20,000 × 20% = ₹64,000; WDV = ₹2,56,000। इसलिए 3 वर्षों के बाद बही मूल्य ₹2,56,000 है।
क्यों यह प्रश्न: यह ₹1,00,000 पर 20% WDV का 3-वर्षीय प्रश्न है — (0.8)3=0.512 का direct application।
समाधान का रास्ता: 1,00,000×(0.80)3=1,00,000×0.512=₹51,200। वर्ष-दर-वर्ष: ₹80,000 → ₹64,000 → ₹51,200। Option (c) सही।
Under the Written Down Value (WDV) method, an asset worth ₹1,00,000 is depreciated at 20% per annum. What is the book value at the end of 3 years?
लिखित मूल्य (WDV) विधि के अंतर्गत, ₹1,00,000 मूल्य की एक परिसंपत्ति पर 20% प्रति वर्ष की दर से मूल्यह्रास लगाया जाता है। 3 वर्षों के अंत में पुस्तक मूल्य क्या होगा?
- ₹48,000
- ₹64,000
- ₹51,200
- ₹40,000
- ₹48,000
- ₹64,000
- ₹51,200
- ₹40,000
Solutionसमाधान
Year 1: 1,00,000 × 0.80 = ₹80,000. Year 2: 80,000 × 0.80 = ₹64,000. Year 3: 64,000 × 0.80 = ₹51,200. The book value at end of 3 years is ₹51,200.
वर्ष 1: 1,00,000 × 0.80 = ₹80,000. वर्ष 2: 80,000 × 0.80 = ₹64,000. वर्ष 3: 64,000 × 0.80 = ₹51,200. 3 वर्षों के अंत में पुस्तक मूल्य ₹51,200 है।
आम गलतियाँ
-
स्क्रैप मूल्य न घटाना: SLM में students अक्सर {लागत}÷n कर देते हैं, (लागत−स्क्रैप)÷n नहीं। यह सबसे common गलती है। जब भी स्क्रैप/अवशिष्ट मूल्य दिया हो, पहले घटाओ।
-
WDV में compound vs simple confusion: WDV में मूल्यह्रास हर साल घटते बही मूल्य पर लगता है, लागत पर नहीं। जो students हर साल {लागत}×r calculate करते रहते हैं, वे SLM कर रहे होते हैं, WDV नहीं।
-
SYD में वर्ष क्रमांक बनाम शेष उपयोगी आयु: "तीसरे वर्ष का मूल्यह्रास" में कुछ students भिन्न के अंश में 3 (वर्ष क्रमांक) लिखते हैं जबकि n=5 में तीसरे वर्ष की शेष आयु = 3 होती है — यहाँ संयोगवश answer सही आ जाता है। पर n=10 में तीसरे वर्ष की शेष आयु = 8 होती है (3 नहीं)। हमेशा शेष आयु = n − वर्ष + 1 formula याद रखो।
-
"बही मूल्य" और "मूल्यह्रास" में अंतर: कई प्रश्न "बही मूल्य क्या होगा?" पूछते हैं, "मूल्यह्रास कितना होगा?" नहीं। मूल्यह्रास निकालने के बाद लागत में से घटाना याद रखो।
-
FIFO/LIFO में महंगाई का असर उल्टा लगाना: महंगाई में LIFO से Closing Stock कम दिखता है (पुरानी सस्ती कीमत), FIFO में अधिक। Students इसे अक्सर उल्टा याद रखते हैं।
-
WDV में (1−r)n की power calculation में गलती: (0.8)2=0.64 सही है, पर कुछ students 0.8×2=1.6 जैसी arithmetic गलती करते हैं। Power tables — (0.8)1,(0.8)2,(0.8)3 और (0.75)1,(0.75)2,(0.75)3 — practice से याद हो जानी चाहिए।
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