Q1 · medium · AI-verified
Read the following passage and answer the question:
'स्वास्थ्य ही सबसे बड़ा धन है। यदि व्यक्ति स्वस्थ है तो वह हर कार्य कर सकता है। अस्वस्थ व्यक्ति के पास चाहे कितना भी धन हो, वह सुख से नहीं जी सकता। इसलिए हमें नियमित व्यायाम, संतुलित भोजन और पर्याप्त नींद लेनी चाहिए। स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मन निवास करता है।'
गद्यांश के अनुसार सबसे बड़ा धन क्या है?
- पैसा
- शिक्षा
- परिवार
- स्वास्थ्य
Q2 · medium · AI-verified
Read the following passage and answer the question:
'देशभक्ति सबसे बड़ा गुण है। जो व्यक्ति अपने देश से प्रेम करता है, वह देश की रक्षा और उन्नति के लिए सब कुछ करने को तैयार रहता है। हमारे स्वतंत्रता सेनानियों ने देश के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। उनका बलिदान हमें सदा प्रेरणा देता रहेगा। हमें भी उनसे प्रेरणा लेकर देश की सेवा करनी चाहिए।'
स्वतंत्रता सेनानियों ने देश के लिए क्या किया?
- देश छोड़ दिया
- युद्ध में भाग लिया
- शांति का रास्ता चुना
- अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया
Q3 · medium · AI-verified
Read the following passage and answer the question:
'विज्ञान ने मानव जीवन को पूरी तरह बदल दिया है। टेलीफोन, टेलीविजन, इंटरनेट और मोबाइल जैसे आविष्कारों ने दुनिया को एक छोटे से गाँव में बदल दिया है। चिकित्सा विज्ञान ने असाध्य रोगों पर विजय पाई है। परंतु विज्ञान के दुरुपयोग से परमाणु हथियार और प्रदूषण जैसी समस्याएँ भी उत्पन्न हुई हैं। इसलिए विज्ञान का उपयोग मानव कल्याण के लिए होना चाहिए।'
गद्यांश में 'दुरुपयोग' का क्या अर्थ है?
- पूरा उपयोग
- नया उपयोग
- अच्छा उपयोग
- गलत उपयोग
Q4 · medium · AI-verified
Read the following passage and answer the question:
'वृक्ष हमारे जीवन के लिए अत्यंत उपयोगी हैं। वे हमें शुद्ध वायु, फल, लकड़ी और छाया प्रदान करते हैं। वृक्षों से वर्षा होती है और भूमि का कटाव रुकता है। इसके बावजूद मनुष्य अपने स्वार्थ के लिए वृक्षों की कटाई करता है जिससे पर्यावरण को भारी नुकसान होता है।'
गद्यांश के अनुसार मनुष्य वृक्षों की कटाई क्यों करता है?
- नई भूमि बनाने के लिए
- अपने स्वार्थ के लिए
- वर्षा रोकने के लिए
- पर्यावरण सुधारने के लिए
Q5 · hard · AI-verified
Read the following passage and answer the question:
'नदियाँ भारतीय संस्कृति की आत्मा हैं। गंगा, यमुना, सरस्वती, ब्रह्मपुत्र आदि नदियों को माँ का दर्जा दिया गया है। ये नदियाँ न केवल पेयजल और सिंचाई का साधन हैं, बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र भी हैं। परंतु आज इन पवित्र नदियों को औद्योगिक कचरे, घरेलू अपशिष्ट और रासायनिक पदार्थों से प्रदूषित किया जा रहा है। नदियों को बचाने के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं। यदि नदियाँ मरेंगी, तो सभ्यता भी नष्ट होगी।'
गद्यांश के अनुसार नदियाँ किस-किस कारण से प्रदूषित हो रही हैं?
- औद्योगिक कचरे, घरेलू अपशिष्ट और रासायनिक पदार्थों से
- अधिक सिंचाई और जल दोहन से
- बाढ़ और तूफान से
- अत्यधिक नौकायन और मछली पकड़ने से