जनवरी माह में पृथ्वी की सतह पर तापमान वितरण, स्थल और महासागर के बीच विभेदक तापन, महासागरीय धाराओं एवं वायुमंडलीय परिसंचरण के कारण स्पष्ट विषमताएँ प्रकट करता है — जिन्हें समताप रेखा मानचित्रों द्वारा सटीक रूप से दर्शाया जाता है।
जनवरी में उत्तरी गोलार्ध के महाद्वीपीय भू-भाग अपनी निम्न ऊष्मा धारण क्षमता के कारण तीव्रता से शीतल हो जाते हैं, जिससे शीत उच्च-दाब क्षेत्र निर्मित होते हैं। महासागर अपेक्षाकृत अधिक समय तक ऊष्मा संचित रखते हैं। फलस्वरूप, समताप रेखाएँ ठंडे महाद्वीपों पर भूमध्य रेखा की ओर तथा अपेक्षाकृत उष्ण महासागरों पर ध्रुव की ओर मुड़ती हैं — जो कथन 1 को सही सिद्ध करता है।
उत्तरी अटलांटिक महासागर का तापमान उष्ण महासागरीय धाराओं — Gulf of Mexico से उत्पन्न Gulf Stream तथा इसके विस्तार North Atlantic Drift — द्वारा उल्लेखनीय रूप से संतुलित रहता है। ये धाराएँ उष्णकटिबंधीय उष्ण जल को उत्तर की ओर ले जाती हैं, जिससे समुद्री सतह का तापमान अक्षांश-आधारित अपेक्षा से कहीं अधिक रहता है। यह उष्णता समताप रेखाओं को उत्तर की ओर विक्षेपित करती है — जो कथन 2 को प्रत्यक्षतः असत्य सिद्ध करता है।
समताप रेखा मानचित्रों का सटीक वाचन, तापमान-संवेदनशील क्षेत्रों में कृषि नियोजन, आपदा तैयारी एवं अवसंरचना अभिकल्पन को दिशा प्रदान करता है। पश्चिमी यूरोप की असाधारण रूप से सौम्य शीत ऋतु — जो शासन एवं आवासीयता की दृष्टि से लाभकारी है — North Atlantic Drift के उष्णकारी प्रभाव का प्रत्यक्ष परिणाम है, जो महासागरीय धारा गतिकी की सही समझ की अनिवार्यता को रेखांकित करती है।
केवल कथन 1 सही है। समताप रेखाओं का व्यवहार स्थल-सागर तापीय विषमता और महासागरीय धाराओं के प्रभाव की अंतःक्रिया को प्रतिबिंबित करता है — इन तंत्रों की सुस्पष्ट समझ, जलवायु-संवेदनशील नीति-निर्माण एवं क्षेत्रीय नियोजन का आधार है।
GS Answer Coach आपके उत्तर को Introduction, Body, Conclusion के आधार पर परखता है — 30 सेकंड में।
Essay Coach · GS Answer Coach · Cutoff Planner · 500+ Mains PYQs — साइन अप मुफ्त।