भारत के जलप्रपात पठारी किनारों, कगारों और नदी-मार्गों द्वारा निर्मित जलवैज्ञानिक स्थलचिह्न हैं। इनका सटीक भौगोलिक मानचित्रण क्षेत्रीय नियोजन, पारिस्थितिक पर्यटन और जलागम प्रबंधन के लिए अनिवार्य है।
Dhuandhar Falls मध्य प्रदेश के Bhedaghat के निकट स्थित है, जहाँ Narmada नदी संगमरमर की चट्टानों को काटती है। Bhedaghat, Jabalpur क्षेत्र में स्थित है, जो महाकोशल अथवा Narmada घाटी क्षेत्र के अंतर्गत आता है — न कि Malwa Plateau के। अतः Dhuandhar को Malwa क्षेत्र से संबद्ध करना भौगोलिक दृष्टि से अशुद्ध है।
झारखंड स्थित Hundru Falls का निर्माण Subarnarekha नदी द्वारा Ranchi के निकट Chota Nagpur Plateau से अवतरण के फलस्वरूप होता है। यह क्षेत्र-नदी युग्म सटीक है और झारखंड की प्राकृतिक धरोहर के संदर्भ में प्रायः उद्धृत भौगोलिक तथ्य है।
Gersoppa, जिसे Jog Falls भी कहते हैं, कर्नाटक में Western Ghats पर स्थित है। इसका निर्माण Sharavathi नदी द्वारा होता है, न कि Netravati द्वारा। Netravati एक पृथक नदी है जो Dakshina Kannada जिले से प्रवाहित होती है। यह गलत आरोपण तीसरी पंक्ति को अशुद्ध सिद्ध करता है।
शुद्ध भौगोलिक आँकड़े पारिस्थितिक पर्यटन परिपथों, जलविद्युत व्यवहार्यता अध्ययनों और जैव-विविधता संरक्षण योजनाओं का आधार हैं। नदी-जलप्रपात संबंध की गलत पहचान जलागम प्रबंधन में त्रुटि और पारिस्थितिक दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्रों में अनुचित अवसंरचना निवेश को जन्म दे सकती है।
तीन पंक्तियों में केवल Hundru–Chota Nagpur–Subarnarekha का युग्म सही है। नदी-क्षेत्र-जलप्रपात का सटीक मानचित्रण सुदृढ़ पर्यावरणीय शासन और धारणीय क्षेत्रीय विकास नियोजन का मूलभूत आधार है।
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