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Mineral Resources / Rare Earth Elements — UPSC मुख्य परीक्षा मॉडल उत्तर

Geography · UPSC CSE
प्रश्न: दुर्लभ मृदा तत्व — गुण, अनुप्रयोग और आधुनिक प्रौद्योगिकी एवं शासन के लिए रणनीतिक महत्त्व

प्रस्तावना

दुर्लभ मृदा तत्व (REEs) — 17 धात्विक तत्वों का एक समूह — उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स से लेकर रक्षा प्रणालियों तक की महत्त्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों का आधार हैं, जिससे इनका उत्खनन, प्रसंस्करण एवं आपूर्ति श्रृंखला राष्ट्रीय रणनीतिक हित का विषय बन जाती है।

मुख्य बिंदु

1. स्फुरदीप्ति एवं प्रतिदीप्ति गुण

Europium, Terbium और Yttrium सहित अनेक REEs में स्फुरदीप्ति एवं प्रतिदीप्ति गुण पाए जाते हैं, जो इन्हें डिस्प्ले प्रौद्योगिकी में अपरिहार्य बनाते हैं। ऊर्जा प्रदान किए जाने पर ये तत्व विशिष्ट तरंगदैर्ध्य का प्रकाश उत्सर्जित करते हैं, जिससे flat-panel टेलीविजन, LED मॉनिटर और ऊर्जा-दक्ष प्रकाश व्यवस्था में स्पष्ट रंग-पुनरुत्पादन संभव होता है। यह कारण-प्रभाव संबंध दोनों कथनों के मध्य प्रत्यक्ष सहसंबंध स्थापित करता है।

2. तकनीकी अनुप्रयोगों की व्यापकता

डिस्प्ले से परे, REEs का उपयोग Neodymium और Dysprosium से निर्मित स्थायी चुम्बकों में होता है, जो विद्युत वाहन मोटरों एवं पवन टर्बाइनों में प्रयुक्त होते हैं। इसके अतिरिक्त उत्प्रेरक परिवर्तकों और परिशुद्धता-निर्देशित आयुधों में भी इनकी उपस्थिति है। हरित ऊर्जा एवं रक्षा क्षेत्रों में यह व्यापक उपस्थिति REEs को औद्योगिक आदान से भू-राजनीतिक परिसंपत्ति में रूपांतरित करती है।

3. आपूर्ति श्रृंखला संकेन्द्रण एवं नीतिगत अनिवार्यताएँ

वैश्विक REE प्रसंस्करण एक ही देश में अत्यधिक संकेन्द्रित है, जिससे आयात-निर्भर राष्ट्रों की आपूर्ति सुभेद्यता बढ़ती है। भारत की नीतिगत प्रतिक्रिया में REEs को क्रिटिकल मिनरल्स के रूप में चिह्नित करना, Geological Survey of India के माध्यम से अन्वेषण को प्रोत्साहन देना तथा घरेलू इलेक्ट्रॉनिक्स एवं स्वच्छ-ऊर्जा विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र को सुदृढ़ करने हेतु प्रसंस्करण क्षमता विकसित करना सम्मिलित है।

4. शासन एवं चक्रीय अर्थव्यवस्था के आयाम

अर्बन माइनिंग — इलेक्ट्रॉनिक अपशिष्ट से REEs की पुनर्प्राप्ति — एक धारणीय पूरक स्रोत प्रदान करती है। प्रभावी e-waste प्रबंधन विनियम, विस्तारित उत्पादक उत्तरदायित्व ढाँचे तथा पुनर्चक्रण अवसंरचना में निवेश, ऐसे आवश्यक शासन उपकरण हैं जो पर्यावरणीय दृष्टि से विघटनकारी प्राथमिक खनन का अनुपातिक विस्तार किए बिना REE उपलब्धता सुनिश्चित कर सकते हैं।

निष्कर्ष

एक विश्वसनीय REE आपूर्ति श्रृंखला सुरक्षित करने के लिए घरेलू अन्वेषण, प्रसंस्करण निवेश और चक्रीय अर्थव्यवस्था की प्रथाओं का समन्वित एकीकरण आवश्यक है। जो राष्ट्र इस मूल्य श्रृंखला का प्रभावी शासन करेंगे, वे स्वच्छ-ऊर्जा एवं उन्नत प्रौद्योगिकी संक्रमण में संरचनात्मक लाभ की स्थिति में होंगे।

शब्द गणना: 322

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