El Niño, मध्य और पूर्वी प्रशांत महासागर की सतह के आवधिक तापन की घटना है, जो वैश्विक वायुमंडलीय परिसंचरण को बाधित कर कृषि, जल सुरक्षा और महाद्वीपीय आपदा प्रबंधन पर व्यापक प्रतिकूल प्रभाव डालती है।
सामान्य परिस्थितियों में पूर्वी व्यापारिक पवनें गर्म सतही जल को Indo-Pacific warm pool की ओर धकेलती हैं, जिससे दक्षिण अमेरिका के तट पर ठंडे, पोषक तत्व-समृद्ध जल का उत्थान होता है। El Niño के दौरान ये पवनें शिथिल या विपरीत हो जाती हैं, जिससे गर्म जल पूर्वी प्रशांत में फैल जाता है और Walker Circulation मौलिक रूप से बाधित होता है।
El Niño सामान्यतः ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण-पूर्व एशिया और दक्षिणी अफ्रीका में सूखे की स्थिति उत्पन्न करता है, जबकि दक्षिण अमेरिका के पश्चिमी तट पर अतिवृष्टि होती है। भारत का दक्षिण-पश्चिम मानसून El Niño वर्षों में प्रायः दुर्बल पड़ जाता है, जिससे खाद्य सुरक्षा संकट उत्पन्न होता है। 2015–16 का El Niño अब तक के सर्वाधिक तीव्र प्रकरणों में से एक था।
El Niño की पूर्व-सूचना के लिए सुदृढ़ प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली, सीमा-पार डेटा साझाकरण और पूर्व-स्थापित राहत भंडार आवश्यक हैं। भारत का National Disaster Management Authority और मौसम विज्ञान विभाग अब El Niño पूर्वानुमानों को मौसमी कृषि परामर्शों में समेकित करते हैं। तथापि, संभाव्यता-आधारित जलवायु पूर्वानुमानों को जिला-स्तरीय क्रियाशील प्रतिक्रियाओं में रूपांतरित करना एक संस्थागत अंतराल बना हुआ है।
जलवायु-अनुकूल कृषि को सुदृढ़ करना, सिंचाई बफर का विस्तार करना और खाद्य खरीद नीतियों को El Niño पूर्वानुमानों के अनुरूप संरेखित करना आर्थिक आघातों को न्यून कर सकता है। Sendai Framework for Disaster Risk Reduction जैसे अंतर्राष्ट्रीय ढाँचे जलवायु परिवर्तनशीलता को राष्ट्रीय जोखिम शासन में समेकित करने का आदर्श आधार प्रदान करते हैं।
El Niño की पूर्वानुमेयता एक महत्त्वपूर्ण संसाधन है, जिसका शासन तंत्र अभी पूर्ण दोहन नहीं कर पाया है। वैज्ञानिक पूर्वानुमान और अनुकूली नीति-क्रियान्वयन के मध्य की खाई को पाटना, संवेदनशील अर्थव्यवस्थाओं में जलवायु-अनुकूल प्रशासन की केंद्रीय चुनौती है।
GS Answer Coach आपके उत्तर को Introduction, Body, Conclusion के आधार पर परखता है — 30 सेकंड में।
Essay Coach · GS Answer Coach · Cutoff Planner · 500+ Mains PYQs — साइन अप मुफ्त।