सटीक मौसम पूर्वानुमान एक संप्रभु क्षमता है, जिसका कृषि, आपदा प्रबंधन और राष्ट्रीय सुरक्षा पर प्रत्यक्ष प्रभाव पड़ता है। स्वदेशी संख्यात्मक मौसम पूर्वानुमान की दिशा में भारत का यह परिवर्तन मौसम विज्ञान में आत्मनिर्भरता की एक रणनीतिक पहल है।
India Meteorological Department (IMD) परंपरागत रूप से संयुक्त राज्य अमेरिका के National Centers for Environmental Prediction (NCEP) द्वारा विकसित Global Forecast System (GFS) पर निर्भर रहा है। यह निर्भरता अनुकूलन, डेटा संप्रभुता और भारत की जटिल भू-आकृति तथा मानसून गतिशीलता के अनुरूप वास्तविक-समय अनुकूलन में बाधा उत्पन्न करती थी।
Bharat Forecast System (BFS) Ministry of Earth Sciences के अंतर्गत विकसित एक महत्त्वपूर्ण स्वदेशी उपलब्धि है। इसमें उच्च-रिज़ॉल्यूशन ग्रिड का उपयोग किया गया है, जो हिमालय, प्रायद्वीपीय तटों और शुष्क क्षेत्रों सहित भारत की विविध भौगोलिक संरचना के अनुकूल है, जिससे स्थानीय स्तर पर अल्प एवं मध्यम अवधि के पूर्वानुमान अधिक सटीक होते हैं।
उन्नत पूर्वानुमान सटीकता चक्रवात, बाढ़ और लू जैसी आपदाओं के लिए प्रारंभिक चेतावनी प्रणालियों को सुदृढ़ करती है। National Monsoon Mission जैसी योजनाओं ने ensemble modelling और सुपरकंप्यूटिंग अवसंरचना में निवेश किया है, जिससे BFS जिला एवं ब्लॉक स्तर पर परिचालन पूर्वानुमान हेतु एक सक्षम पारिस्थितिकी तंत्र का लाभ उठा सकता है।
Bay of Bengal और पर्वतीय क्षेत्रों में अवलोकन नेटवर्क का घनत्व अभी भी एक सीमित कारक है। उपग्रह, रडार और radiosonde डेटा को स्वदेशी मॉडलों में निर्बाध रूप से समाहित करने के लिए हार्डवेयर और वैज्ञानिक क्षमता दोनों में निरंतर निवेश अपेक्षित है।
स्वदेशी मौसम पूर्वानुमान क्षमता केवल एक तकनीकी उपलब्धि नहीं, बल्कि एक शासन-अनिवार्यता है। अवलोकन अवसंरचना, डेटा आत्मसातीकरण और वैज्ञानिक प्रतिभा में निरंतर निवेश ही यह निर्धारित करेगा कि BFS अपनी परिचालन संभावनाओं को व्यापक स्तर पर साकार कर पाता है या नहीं।
GS Answer Coach आपके उत्तर को Introduction, Body, Conclusion के आधार पर परखता है — 30 सेकंड में।
Essay Coach · GS Answer Coach · Cutoff Planner · 500+ Mains PYQs — साइन अप मुफ्त।