Sarkari RiseLogin

Air Pollution / SO2 Emissions — UPSC मुख्य परीक्षा मॉडल उत्तर

Environment · UPSC CSE
प्रश्न: सल्फर डाइऑक्साइड उत्सर्जन — स्रोत, पर्यावरणीय प्रभाव और नियामक प्रतिक्रियाएँ

प्रस्तावना

सल्फर डाइऑक्साइड (SO₂) वैश्विक स्तर पर सर्वाधिक हानिकारक वायु प्रदूषकों में से एक है। जीवाश्म ईंधन दहन, विशेषतः विद्युत उत्पादन, इसका प्रमुख मानवजनित स्रोत है, जो अम्लीय वर्षा, श्वसन रोग और पारिस्थितिकी तंत्र के क्षरण का कारण बनता है।

मुख्य बिंदु

1. प्राथमिक स्रोत: कोयला-आधारित विद्युत संयंत्र

तापीय विद्युत संयंत्रों में सल्फरयुक्त कोयले के दहन से मानवजनित SO₂ उत्सर्जन का सबसे बड़ा हिस्सा उत्पन्न होता है। उच्च-सल्फर कोयले को flue-gas desulphurisation (FGD) तकनीक के बिना जलाने पर सघन SO₂ उत्सर्जन होता है। भारत में विद्युत क्षेत्र राष्ट्रीय SO₂ उत्पादन में असंगत रूप से बड़ी हिस्सेदारी रखता है, जिसे पर्यावरणीय अनुपालन समीक्षाओं में बार-बार रेखांकित किया गया है।

2. अन्य औद्योगिक स्रोत

तांबा, जस्ता और सीसा जैसी अलौह धातुओं का प्रगलन, पेट्रोलियम शोधन तथा सीमेंट उत्पादन द्वितीयक औद्योगिक स्रोत हैं। समुद्री परिवहन और डीजल वाहन भी SO₂ उत्सर्जन में योगदान करते हैं, विशेषतः तटीय और नगरीय क्षेत्रों में जहाँ भारी ईंधन तेल का दहन प्रचलित है।

3. पर्यावरणीय एवं स्वास्थ्य परिणाम

SO₂ वायुमंडल में सल्फेट एरोसोल और सल्फ्यूरिक अम्ल में परिवर्तित होकर अम्लीय वर्षा उत्पन्न करती है, जिससे वन, मीठे जल निकाय और धरोहर संरचनाएँ क्षतिग्रस्त होती हैं। महामारी विज्ञान के साक्ष्य SO₂ संपर्क को दमा, ब्रोंकाइटिस और हृदय-संबंधी तनाव से जोड़ते हैं, जो सार्वजनिक स्वास्थ्य पर गंभीर आर्थिक बोझ डालता है।

4. नियामक एवं तकनीकी प्रतिक्रियाएँ

भारत का Environment (Protection) Act तापीय विद्युत संयंत्रों के लिए उत्सर्जन मानक निर्धारित करता है और विद्यमान इकाइयों में FGD रेट्रोफिटिंग अनिवार्य की गई है। वैश्विक स्तर पर समुद्री ईंधन पर सल्फर सीमा और स्वच्छ ऊर्जा संक्रमण SO₂ भार को कम कर रहे हैं, किंतु प्रवर्तन की कमियाँ और पूंजीगत बाधाएँ विकासशील अर्थव्यवस्थाओं में अनुपालन को धीमा करती हैं।

निष्कर्ष

विद्युत क्षेत्र का विकार्बनीकरण और FGD अधिदेशों का कड़ा प्रवर्तन SO₂ प्रदूषण न्यूनीकरण के सर्वाधिक प्रत्यक्ष उपाय हैं। ऊर्जा सुरक्षा और उत्सर्जन अनुपालन के मध्य संतुलन के लिए समयबद्ध नियामक ढाँचे, विश्वसनीय निगरानी तंत्र और वित्तीय सहायता प्रणाली अनिवार्य हैं।

शब्द गणना: 293

AI से अपना उत्तर मूल्यांकन कराएँ

GS Answer Coach आपके उत्तर को Introduction, Body, Conclusion के आधार पर परखता है — 30 सेकंड में।

GS Answer Coach खोलेंइस topic के प्रश्न अभ्यास →

और Environment के मॉडल उत्तर

Agriculture
Biodiversity
Biodiversity / Endemic Species
Biodiversity / Insects
Biodiversity Conservation
Biology / Toxic Species

UPSC मुख्य परीक्षा के लिए दैनिक AI कोच

Essay Coach · GS Answer Coach · Cutoff Planner · 500+ Mains PYQs — साइन अप मुफ्त।

मुफ्त साइन अपUPSC Pro देखें