Sarkari RiseLogin

Environmental Institutions / NIRANTAR — UPSC मुख्य परीक्षा मॉडल उत्तर

Environment · UPSC CSE
प्रश्न: MoEFCC के अंतर्गत NIRANTAR मंच — संस्थागत संरचना, कार्यक्षेत्र और भारत में पारिस्थितिकी तंत्र शासन के लिए महत्त्व

प्रस्तावना

NIRANTAR, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के अधीन एक समन्वित संस्थागत ढाँचा है, जो अधीनस्थ निकायों की सामूहिक विशेषज्ञता को पारिस्थितिकी अनुसंधान, अनुकूलन-क्षमता निर्माण और जलवायु अनुकूलन हेतु संगठित करता है।

मुख्य बिंदु

1. संघटित मंच की आवश्यकता

भारत में जैव विविधता एवं वन शासन ऐतिहासिक रूप से विशेषीकृत संस्थाओं में विखंडित रहा है। NIRANTAR, डोमेन विशेषज्ञता वाले संस्थानों को अग्रणी भूमिका सौंपकर समन्वय स्थापित करने, दोहराव कम करने और नीति-से-क्रियान्वयन की सुसंगति सुधारने का प्रयास करता है।

2. पारिस्थितिकी सर्वेक्षण एवं विश्लेषण कार्यक्षेत्र

Botanical Survey of India, जिसका मुख्यालय Kolkata में है, वनस्पति प्रलेखन और आवास मानचित्रण में शताब्दी-पुराने अधिदेश के कारण इस कार्यक्षेत्र का नेतृत्व करता है। व्यवस्थित पारिस्थितिकी सर्वेक्षण राष्ट्रीय जैव विविधता लक्ष्यों को पोषित करते हैं और वन शासन ढाँचों के अंतर्गत भू-उपयोग निर्णयों को सूचित करते हैं।

3. पारिस्थितिकी तंत्र सेवाओं का अनुसंधान एवं प्रबंधन कार्यक्षेत्र

Central Zoo Authority को पारिस्थितिकी तंत्र सेवा अनुसंधान की अग्रणी जिम्मेदारी सौंपना संस्थागत दृष्टि से असंगत है, क्योंकि CZA का अधिदेश ex-situ संरक्षण पर केंद्रित है। यह कार्यक्षेत्र Wildlife Institute of India जैसे in-situ पारिस्थितिकी अनुसंधान क्षमता वाले संस्थानों में अधिक उचित रूप से स्थापित होना चाहिए।

4. क्षमता विकास सहायता कार्यक्षेत्र

Indian Institute of Forest Management, Bhopal, अपने व्यावसायिक वानिकी शिक्षा अधिदेश के कारण क्षमता विकास हेतु एक विश्वसनीय अग्रणी संस्था है। यह क्षेत्र-स्तरीय वन प्रबंधन को साक्ष्य-आधारित प्रशिक्षण से जोड़ता है और राज्य वन विभागों को अनुकूली प्रबंधन पद्धतियों में सहायता प्रदान करता है।

5. शासन की दृष्टि से महत्त्व

NIRANTAR जैसे मंच, Kunming-Montreal Global Biodiversity Framework और राष्ट्रीय जलवायु अनुकूलन योजनाओं के प्रति भारत की प्रतिबद्धताओं को पूरा करने के लिए अनिवार्य हैं, बशर्ते संस्थागत अधिदेश सटीक रूप से संरेखित हों और अंतर-एजेंसी समन्वय तंत्र सुदृढ़ हो।

निष्कर्ष

NIRANTAR की प्रभावशीलता इस बात पर निर्भर करती है कि संस्थागत अधिदेशों को निर्धारित कार्यक्षेत्रों से सटीकता से मिलाया जाए। किसी संस्था की मूल दक्षता और उसकी मंच-भूमिका के बीच असंगति, अनुसंधान गुणवत्ता और पारिस्थितिकी शासन दोनों को कमज़ोर करने का जोखिम उत्पन्न करती है।

शब्द गणना: 294

AI से अपना उत्तर मूल्यांकन कराएँ

GS Answer Coach आपके उत्तर को Introduction, Body, Conclusion के आधार पर परखता है — 30 सेकंड में।

GS Answer Coach खोलेंइस topic के प्रश्न अभ्यास →

और Environment के मॉडल उत्तर

Agriculture
Air Pollution / SO2 Emissions
Biodiversity
Biodiversity / Endemic Species
Biodiversity / Insects
Biodiversity Conservation

UPSC मुख्य परीक्षा के लिए दैनिक AI कोच

Essay Coach · GS Answer Coach · Cutoff Planner · 500+ Mains PYQs — साइन अप मुफ्त।

मुफ्त साइन अपUPSC Pro देखें