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Science & Technology / GAGAN Navigation System — UPSC मुख्य परीक्षा मॉडल उत्तर

Environment · UPSC CSE
प्रश्न: GAGAN (GPS-Aided Geo Augmented Navigation) — विभिन्न क्षेत्रों में महत्त्व, अनुप्रयोग और सीमाएँ

प्रस्तावना

GAGAN, ISRO और Airports Authority of India द्वारा संयुक्त रूप से विकसित भारत की उपग्रह-आधारित संवर्धन प्रणाली है, जो GPS की सटीकता एवं विश्वसनीयता को बढ़ाती है और भारत को परिचालन अंतरिक्ष-आधारित नेविगेशन संवर्धन वाले चुनिंदा देशों की श्रेणी में रखती है।

मुख्य बिंदु

1. सटीकता एवं विश्वसनीयता संवर्धन

GAGAN भू-संदर्भ स्टेशनों के नेटवर्क के माध्यम से आयनमंडलीय विक्षोभ, घड़ी विचलन और कक्षीय अशुद्धियों से उत्पन्न GPS संकेत त्रुटियों को सुधारता है। यह संवर्धन कुछ मीटर की सीमा तक स्थिति-सटीकता प्रदान करता है, जो अंतर्राष्ट्रीय नागरिक उड्डयन सुरक्षा मानकों को पूर्ण करता है। संकेत विश्वसनीयता सीमा से नीचे जाने पर यह प्रणाली अखंडता चेतावनी भी जारी करती है।

2. वायु यातायात प्रबंधन में लाभ

भारतीय वायु क्षेत्र और Asia-Pacific क्षेत्र में विश्वसनीय उच्च-परिशुद्धता नेविगेशन संकेत प्रदान करके GAGAN उन हवाई अड्डों पर भी एकसमान अवतरण प्रक्रियाएँ संभव बनाता है जहाँ पारंपरिक भू-आधारित Instrument Landing System उपलब्ध नहीं है। इससे उड़ान विलंब, ईंधन खपत और अवतरण न्यूनतम सीमाएँ घटती हैं, जिससे वायु यातायात प्रबंधन की समग्र गुणवत्ता में सुधार होता है।

3. उड्डयन से परे बहु-क्षेत्रीय अनुप्रयोग

GAGAN की उपयोगिता उड्डयन तक सीमित नहीं है। यह सटीक क्षेत्र मानचित्रण के माध्यम से परिशुद्ध कृषि, तटीय जल में समुद्री नेविगेशन, सड़क एवं रेल परिवहन प्रबंधन तथा आपदा प्रबंधन एजेंसियों की स्थान-अनुवर्तन क्षमता को सहायता प्रदान करता है। खुले संकेत की उपलब्धता के कारण कोई भी GAGAN-संगत रिसीवर इसका लाभ उठा सकता है।

4. रणनीतिक एवं विकासात्मक महत्त्व

GAGAN विदेशी संवर्धन प्रणालियों पर भारत की निर्भरता को कम करता है, स्वदेशी अंतरिक्ष क्षमता को सुदृढ़ करता है और आत्मनिर्भर नेविगेशन अवसंरचना के व्यापक लक्ष्य को समर्थन देता है। वैश्विक संवर्धन प्रणालियों के साथ इसकी अंतर-संचालनीयता इसकी भौगोलिक पहुँच और वाणिज्यिक मूल्य को विस्तारित करती है।

निष्कर्ष

GAGAN यह प्रदर्शित करता है कि अंतरिक्ष-आधारित अवसंरचना किस प्रकार बहु-क्षेत्रीय लाभांश उत्पन्न करती है। इसकी पूर्ण क्षमता की प्राप्ति के लिए परिवहन एवं कृषि क्षेत्रों में रिसीवर अंगीकरण का विस्तार आवश्यक है, ताकि अंतरिक्ष क्षमता में निवेश जमीनी शासन दक्षता में परिवर्तित हो सके।

शब्द गणना: 303

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