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Ahom Dynasty / UNESCO World Heritage / Moidams — UPSC मुख्य परीक्षा मॉडल उत्तर

History · UPSC CSE
प्रश्न: Tai-Ahom राजवंश के मोइदम — सांस्कृतिक महत्त्व, स्थापत्य स्वरूप और UNESCO विश्व धरोहर मान्यता

प्रस्तावना

असम के मोइदम भारत की सर्वाधिक विशिष्ट अंत्येष्टि परंपराओं में से एक हैं, जो Tai-Ahom राजवंश की परिष्कृत ब्रह्माण्डशास्त्रीय मान्यताओं और राजकीय व्यवस्था को प्रतिबिंबित करते हैं। इस राजवंश ने लगभग छः शताब्दियों तक ब्रह्मपुत्र घाटी पर शासन किया।

मुख्य बिंदु

1. मोइदम की प्रकृति और उद्देश्य

मोइदम वे समाधि टीले हैं जिन्हें Tai-Ahom शासकों ने दिवंगत राजपरिवार, अभिजात वर्ग और कभी-कभी युद्धाश्वों को उनकी भौतिक संपदा सहित दफनाने के लिए निर्मित किया। ये 'Dam-bi-phi' की Ahom मान्यता को मूर्त रूप देते हैं, जिसमें मृतक को परलोक में आवश्यक वस्तुओं के साथ समाधिस्थ किया जाता था। यह परंपरा मोइदम को सैन्य अथवा मनोरंजन संरचनाओं से पूर्णतः पृथक करती है।

2. स्थापत्य एवं संरचनात्मक स्वरूप

एक सामान्य मोइदम में अष्टभुजाकार आधार, अवशेषों को संरक्षित करने वाला एक वाल्टयुक्त कक्ष और 'chow-chali' नामक मंदिरिका से युक्त अर्धगोलाकार मिट्टी का टीला होता है। Charaideo के मोइदम, जो सर्वाधिक पवित्र माने जाते हैं, Ahom राजाओं के राजकीय समाधि-स्थल के रूप में प्रतिष्ठित थे। उनकी स्तरीय निर्माण-शैली मध्यकालीन Ahom राज्य की उन्नत अभियांत्रिकी दक्षता को प्रमाणित करती है।

3. UNESCO विश्व धरोहर मान्यता

Charaideo के मोइदम को वर्ष 2024 में UNESCO विश्व धरोहर सूची में अंकित किया गया। इन्हें Tai-Ahom अंत्येष्टि परंपराओं की असाधारण सार्वभौमिक मूल्य की साक्षी के रूप में मान्यता प्राप्त हुई। यह अंकन उन्हें विश्व के महत्त्वपूर्ण सांस्कृतिक परिदृश्यों की श्रेणी में स्थापित करता है और असम में संरक्षण, विनियमित पर्यटन तथा सामुदायिक प्रबंधन की आवश्यकता को रेखांकित करता है।

4. शासन एवं संरक्षण की अनिवार्यताएँ

अंकन के पश्चात् Archaeological Survey of India और असम सरकार पर स्थल प्रबंधन, बफर क्षेत्र विनियमन तथा अतिक्रमण रोकने की संयुक्त जिम्मेदारी है। धरोहर संरक्षण को स्थानीय समुदाय के अधिकारों एवं तीर्थयात्रा प्रथाओं के साथ संतुलित करना एक प्रमुख प्रशासनिक चुनौती बनी हुई है।

निष्कर्ष

मोइदम न तो दुर्ग हैं और न मनोरंजन केंद्र, बल्कि ये Ahom संप्रभुता और आध्यात्मिकता को संजोए पवित्र अंत्येष्टि परिदृश्य हैं। इनकी अखंडता बनाए रखने के लिए समन्वित संरक्षण नीति, सामुदायिक सहभागिता और धरोहर क्षेत्र के चतुर्दिक कठोर भू-उपयोग विनियमन अपरिहार्य है।

शब्द गणना: 306

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In which year were the Moidams of Charaideo inscribed as a UNESCO World Heritage Site?
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The Moidams are located in which district of Assam?
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With reference to the Moidams, which of the following statements is/are correct? 1. Each Moidam contains a 'chow-chali', a vaulted chamber housing the remains of the deceased. 2. The outer octagonal boundary wall of the Moidam is called 'Garh'. 3. Moidams were inscribed under the UNESCO category of 'Cultural Landscape'.
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The Ahom dynasty ruled Assam for approximately how many years before it was annexed by the British?
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Which famous Ahom military commander is celebrated for defeating the Mughal forces at the Battle of Saraighat in 1671?

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