Business Responsibility and Sustainability Reporting (BRSR) भारत का वह संरचित प्रयास है जो पर्यावरणीय, सामाजिक एवं शासन (ESG) जवाबदेही को कॉर्पोरेट प्रकटीकरण ढाँचे में समाहित करता है और केवल वित्तीय मानकों से आगे जाता है।
BRSR का अधिदेश Securities and Exchange Board of India (SEBI) द्वारा जारी किया गया है, न कि Reserve Bank of India द्वारा। यह भारतीय शेयर बाज़ारों पर बाज़ार पूँजीकरण के आधार पर शीर्ष सूचीबद्ध कंपनियों पर लागू होता है, जिससे यह बैंकिंग या मौद्रिक साधन न होकर पूँजी-बाज़ार विनियमन बनता है।
BRSR प्रकटीकरण मुख्यतः गैर-वित्तीय हैं, जिनमें पर्यावरणीय प्रभाव, ऊर्जा खपत, जल उपयोग, आपूर्ति श्रृंखला उत्तरदायित्व, कर्मचारी कल्याण और सामुदायिक सहभागिता सम्मिलित हैं। ये India's National Guidelines on Responsible Business Conduct (NGRBC) के नौ सिद्धांतों पर आधारित हैं।
गैर-वित्तीय प्रकटीकरणों को संस्थागत रूप देकर BRSR निवेशकों, विनियामकों और नागरिक समाज को दीर्घकालिक कॉर्पोरेट स्थिरता का आकलन करने में सक्षम बनाता है। यह भारत के रिपोर्टिंग मानकों को वैश्विक ESG ढाँचों के अनुरूप बनाकर अंतरराष्ट्रीय पूँजी बाज़ारों में भारतीय कंपनियों की विश्वसनीयता भी सुदृढ़ करता है।
छोटी सूचीबद्ध कंपनियाँ डेटा-संग्रह एवं क्षमता की बाधाओं का सामना करती हैं। मानकों का मानकीकरण, तृतीय-पक्ष आश्वासन की आवश्यकताएँ और greenwashing का जोखिम ऐसी स्थायी चुनौतियाँ हैं जिन्हें चरणबद्ध अनुपालन समय-सीमाओं और लेखापरीक्षा मानदंडों के माध्यम से संबोधित किया जाना चाहिए।
BRSR के प्रभावी कार्यान्वयन हेतु प्रकटीकरण-अनुपालन से आगे बढ़कर वास्तविक जवाबदेही की ओर जाना आवश्यक है। आश्वासन तंत्र को सुदृढ़ करना और इस ढाँचे को क्रमिक रूप से मध्यम आकार की कंपनियों तक विस्तारित करना यह निर्धारित करेगा कि BRSR कॉर्पोरेट व्यवहार को वास्तविक रूप से रूपांतरित करता है अथवा केवल एक रिपोर्टिंग औपचारिकता बनकर रह जाता है।
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