Sarkari RiseLogin

Current Affairs / Nobel Prize 2025 — UPSC मुख्य परीक्षा मॉडल उत्तर

Economy · UPSC CSE
प्रश्न: तुलनात्मक विकास की औपनिवेशिक उत्पत्ति — संस्थाएँ, settler mortality परिकल्पना, और दीर्घकालिक आर्थिक विचलन

प्रस्तावना

वर्ष 2024 के अर्थशास्त्र के Nobel पुरस्कार ने यह स्वीकार किया कि दीर्घकालिक समृद्धि भूगोल या संस्कृति से कम, बल्कि संस्थाओं की गुणवत्ता से अधिक निर्धारित होती है, जिनका औपनिवेशिक काल में निर्मित स्वरूप आज भी विकास की दिशा तय करता है।

मुख्य बिंदु

1. मूल परिकल्पना

Acemoglu, Johnson और Robinson ने तर्क दिया कि जहाँ settler mortality अधिक थी — रोग-पर्यावरण के कारण — वहाँ यूरोपीय उपनिवेशकों ने संसाधन-निष्कर्षण हेतु extractive institutions स्थापित कीं। जहाँ मृत्यु-दर कम थी, वहाँ उन्होंने अपने मूल देशों की inclusive institutions की प्रतिकृति बनाई। यह संस्थागत विभाजन शताब्दियों बाद भी प्रति-व्यक्ति आय में मापनीय अंतर के रूप में विद्यमान है।

2. संस्थाएँ एक निर्णायक बाधा के रूप में

यह ढाँचा extractive institutions — जो शक्ति को केंद्रित करती हैं और संपत्ति अधिकारों को कमज़ोर करती हैं — तथा inclusive institutions — जो अनुबंध लागू करती हैं, संपत्ति की रक्षा करती हैं और आर्थिक गतिविधि में व्यापक भागीदारी सुनिश्चित करती हैं — के बीच अंतर करता है। Nobel विजेताओं ने प्रमाणित किया कि संस्थागत गुणवत्ता, न कि उत्पादन-कारक, राष्ट्रों की निर्धनता का प्राथमिक निर्धारक है।

3. नीति एवं शासन संबंधी निहितार्थ

विकासशील अर्थव्यवस्थाओं के लिए यह परिकल्पना सुधार-एजेंडे को केवल पूँजी-प्रवाह या सहायता बढ़ाने से हटाकर विधि के शासन, न्यायिक स्वतंत्रता और भ्रष्टाचार-निरोधी तंत्र को सुदृढ़ करने की ओर मोड़ती है। संस्थागत सुधार धीमा, राजनीतिक रूप से विवादास्पद और path-dependent होता है, जिससे यह समष्टि-आर्थिक असंतुलनों की तुलना में संरचनात्मक रूप से अधिक कठिन है।

4. आलोचनाएँ एवं सीमाएँ

आलोचकों का मत है कि settler-mortality instrument पूर्व-औपनिवेशिक संस्थागत विविधता अथवा संस्कृति और सामाजिक पूँजी की भूमिका को पूर्णतः नहीं समझाता। कुछ उत्तर-औपनिवेशिक राज्यों ने दुर्बल विरासती संस्थाओं के बावजूद तीव्र विकास प्राप्त किया है, जो यह संकेत देता है कि अभिकर्तृत्व, नेतृत्व-गुणवत्ता और नीतिगत निर्णय ऐतिहासिक विरासत को आंशिक रूप से निष्प्रभावी कर सकते हैं।

निष्कर्ष

औपनिवेशिक संस्थागत विरासत को स्वीकार करना विश्लेषणात्मक दृष्टि से महत्त्वपूर्ण है, किंतु शासन-सुधार के लिए ऐतिहासिक निदान से परे जाना आवश्यक है। निरंतर राजनीतिक इच्छाशक्ति, राज्य-क्षमता निर्माण और समावेशी नीति-निर्माण ही विकास-जाल को तोड़ने के व्यावहारिक उपकरण हैं।

शब्द गणना: 315

AI से अपना उत्तर मूल्यांकन कराएँ

GS Answer Coach आपके उत्तर को Introduction, Body, Conclusion के आधार पर परखता है — 30 सेकंड में।

GS Answer Coach खोलेंइस topic के प्रश्न अभ्यास →

इसी topic के PYQ

PYQ 2026
'X', born in the UK, was conferred the Nobel Prize in 2025. He was a professor in an American university when this prize was announced. Identify 'X':
PYQ
The 2025 Nobel Prize in Economics recognized research that showed a causal link between colonial settlement patterns and current prosperity. The key empirical strategy used by Acemoglu, Johnson, and Robinson relied on which instrumental variable?
PYQ
James A. Robinson, co-recipient of the 2025 Nobel Prize in Economics, is a professor at which university?
PYQ
Simon Johnson, one of the 2025 Nobel Laureates in Economics, was the former Chief Economist of which international organization?
PYQ
The foundational academic paper by Acemoglu, Johnson, and Robinson that formed the basis for their 2025 Nobel Prize in Economics was published in which journal in 2001?

और Economy के मॉडल उत्तर

Agriculture
Agriculture / NMSA / Rainfed Area Development
Alternative Finance / Crowdfunding
Banking
Banking / Payment Systems
Banking / Syndicated Lending

UPSC मुख्य परीक्षा के लिए दैनिक AI कोच

Essay Coach · GS Answer Coach · Cutoff Planner · 500+ Mains PYQs — साइन अप मुफ्त।

मुफ्त साइन अपUPSC Pro देखें