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Digital Payments / UPI International Reach — UPSC मुख्य परीक्षा मॉडल उत्तर

Economy · UPSC CSE
प्रश्न: UPI का अंतर्राष्ट्रीय विस्तार और भारत की डिजिटल भुगतान कूटनीति — महत्त्व, तंत्र एवं चुनौतियाँ

प्रस्तावना

भारत का Unified Payments Interface एक घरेलू खुदरा भुगतान साधन से विकसित होकर आर्थिक कूटनीति के एक उपकरण के रूप में स्थापित हो चुका है, जिसमें NPCI International Payments Limited (NIPL) वैश्विक बाज़ारों में इसके विस्तार का नेतृत्व कर रही है।

मुख्य बिंदु

1. संस्थागत संरचना: NIPL की भूमिका

NIPL, जो NPCI की पूर्ण स्वामित्व वाली अनुषंगी संस्था है, की स्थापना विशेष रूप से भारत की भुगतान अवसंरचना को विदेशी बाज़ारों में निर्यात करने हेतु की गई थी। यह द्विपक्षीय समझौतों, तकनीकी एकीकरण और विदेशी भुगतान प्राधिकरणों के साथ विनियामक वार्ताओं के लिए नोडल संस्था के रूप में कार्य करती है, जिससे NPCI की घरेलू परिचालन प्रक्रियाएँ सीमा-पार अनुपालन जटिलताओं से सुरक्षित रहती हैं।

2. द्विपक्षीय संबद्धता और प्रणाली अंतर-संचालनीयता

भारत ने क्रमिक रूप से UPI को भागीदार देशों की घरेलू भुगतान प्रणालियों से जोड़ा है। Singapore के साथ UPI–PayNow संबद्धता और UAE की AANI प्रणाली के साथ सहयोग वास्तविक समय, कम लागत वाले सीमा-पार प्रेषण गलियारों के उदाहरण हैं। ये संबद्धताएँ संवाददाता बैंकिंग पर निर्भरता घटाती हैं और प्रवासी श्रमिकों एवं व्यापारियों के लिए लेनदेन लागत कम करती हैं।

3. विदेशी आगंतुकों का समावेश: UPI One World

'UPI One World' प्रीपेड वॉलेट विदेशी नागरिकों को भारत यात्रा के दौरान भारतीय बैंक खाते के बिना UPI के माध्यम से लेनदेन करने में सक्षम बनाता है। यह आवक पर्यटन और व्यावसायिक यात्रा में एक महत्त्वपूर्ण अंतराल को दूर करता है तथा भारत के भुगतान पारितंत्र को केवल निवासी-केंद्रित न रखकर वैश्विक स्तर पर सुलभ बनाता है।

4. शासन एवं विनियामक चुनौतियाँ

UPI के अंतर्राष्ट्रीय विस्तार के लिए विविध विनियामक व्यवस्थाओं, डेटा स्थानीयकरण मानदंडों और विदेशी मुद्रा प्रबंधन ढाँचों से गुज़रना आवश्यक है। विभिन्न न्यायक्षेत्रों में साइबर सुरक्षा मानकों, धोखाधड़ी निवारण और विवाद समाधान को सुनिश्चित करना परिचालन दृष्टि से जटिल है तथा इसके लिए तकनीकी सहयोग के साथ-साथ निरंतर कूटनीतिक संलग्नता अपेक्षित है।

निष्कर्ष

UPI का अंतर्राष्ट्रीय विस्तार वित्तीय समावेशन लक्ष्यों और रणनीतिक सॉफ्ट पावर का समन्वय दर्शाता है। इस गति को बनाए रखने के लिए सुदृढ़ बहुपक्षीय विनियामक ढाँचे, पारस्परिक बाज़ार पहुँच और अंतर-संचालनीयता मानकों में निरंतर निवेश अनिवार्य है।

शब्द गणना: 312

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