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Government Budget / Primary Deficit — UPSC मुख्य परीक्षा मॉडल उत्तर

Economy · UPSC CSE
प्रश्न: सरकारी बजट घाटे — राजकोषीय घाटा, प्राथमिक घाटा और उनका नीतिगत महत्त्व

प्रस्तावना

बजट घाटे सरकार की राजकोषीय स्थिति के महत्त्वपूर्ण संकेतक हैं। राजकोषीय घाटे, प्राथमिक घाटे और राजस्व घाटे के मध्य अंतर स्पष्ट करने से नीति-निर्माता संरचनात्मक असंतुलन की पहचान कर लक्षित समेकन रणनीतियाँ तैयार कर सकते हैं।

मुख्य बिंदु

1. वैचारिक ढाँचा: घाटे के मापदंड

राजकोषीय घाटा सरकार की कुल उधारी आवश्यकता को दर्शाता है — यह कुल व्यय और उधारी को छोड़कर कुल प्राप्तियों के बीच का अंतर है। प्राथमिक घाटा, राजकोषीय घाटे से ब्याज भुगतान की देनदारियाँ घटाकर प्राप्त होता है और वर्तमान नीति-जनित असंतुलन को प्रकट करता है। शून्य प्राथमिक घाटा यह इंगित करता है कि उधारी केवल पूर्व ऋण सेवा हेतु उपयोग हो रही है।

2. सकल प्राथमिक घाटे की गणना

Gross Primary Deficit = Fiscal Deficit − Interest Payments. यहाँ Fiscal Deficit = ₹50,000 करोड़ और ब्याज देनदारियाँ = ₹1,500 करोड़ हैं। अतः Gross Primary Deficit = ₹50,000 − ₹1,500 = ₹48,500 करोड़। ऋण-रहित पूँजी प्राप्तियाँ (₹10,000 करोड़) पहले से राजकोषीय घाटे की गणना में सम्मिलित हैं और प्राथमिक घाटे की गणना को पृथक रूप से प्रभावित नहीं करतीं।

3. प्राथमिक घाटे का नीतिगत महत्त्व

उच्च प्राथमिक घाटा यह संकेत देता है कि ऐतिहासिक ऋण बोझ से स्वतंत्र रूप से वर्तमान व्यय और पूँजीगत परिव्यय, चालू राजस्व से अधिक हैं। यह राजकोषीय समेकन हेतु अधिक क्रियाशील मापदंड है क्योंकि यह वर्तमान सरकार के नियंत्रण में लिए गए निर्णयों को प्रतिबिंबित करता है। प्राथमिक घाटे में कमी के लिए व्यय युक्तिसंगतीकरण अथवा राजस्व संवर्धन — दोनों मध्यावधि राजकोषीय ढाँचे के केंद्रीय तत्त्व हैं।

4. राजकोषीय समेकन की अनिवार्यताएँ

निरंतर प्राथमिक घाटा समय के साथ ऋण-से-GDP अनुपात को बढ़ाता है, निजी निवेश को बाधित करता है और मौद्रिक नीति की गुंजाइश को सीमित करता है। Fiscal Responsibility and Budget Management ढाँचे पारदर्शी घाटा लक्ष्य इसीलिए निर्धारित करते हैं ताकि बाज़ार की अपेक्षाओं को स्थिर रखा जा सके और संप्रभु साख-योग्यता बनाए रखी जा सके।

निष्कर्ष

₹48,500 करोड़ का Gross Primary Deficit, विरासत में मिली ऋण लागत से परे संरचनात्मक राजकोषीय असंतुलन की व्यापकता को रेखांकित करता है। दीर्घकालिक समेकन के लिए केवल घाटा-सीमा अनुपालन नहीं, बल्कि राजस्व विस्तार और व्यय गुणवत्ता में एक साथ सुधार आवश्यक है।

शब्द गणना: 323

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