अर्धचालक आत्मनिर्भरता भारत के लिए एक रणनीतिक अनिवार्यता बन चुकी है। DIR-V जैसे स्वदेशी माइक्रोप्रोसेसर कार्यक्रम आयात-निर्भरता से हटकर संप्रभु कम्प्यूटिंग क्षमता की दिशा में एक सुविचारित परिवर्तन को दर्शाते हैं।
रक्षा, बैंकिंग और दूरसंचार जैसी महत्त्वपूर्ण अवसंरचनाएँ माइक्रोप्रोसेसर पर निर्भर हैं। विदेशी-निर्मित चिप्स पर निर्भरता आपूर्ति-श्रृंखला में भेद्यता और संभावित सुरक्षा जोखिम उत्पन्न करती है, जैसा कि वैश्विक चिप संकट के दौरान विनिर्माण क्षेत्रों में व्यापक व्यवधान से स्पष्ट हुआ। घरेलू डिज़ाइन क्षमता इस जोखिम को कम करती है।
Ministry of Electronics and Information Technology द्वारा समर्थित DIR-V Programme का लक्ष्य RISC-V आर्किटेक्चर आधारित प्रोसेसर स्वदेशी रूप से विकसित करना है। DHRUV64 एक 64-बिट माइक्रोप्रोसेसर के रूप में महत्त्वपूर्ण उपलब्धि है, जो सर्वर और एम्बेडेड अनुप्रयोगों के लिए उपयुक्त प्रदर्शन मानकों को लक्षित करता है। यह चिप घरेलू डिज़ाइन परिपक्वता का संकेत देती है।
चिप डिज़ाइन और चिप निर्माण दो भिन्न क्षमताएँ हैं। भारत ने डिज़ाइन प्रतिभा विकसित की है, किन्तु उन्नत अर्धचालक निर्माण संयंत्रों का अभाव है। India Semiconductor Mission फैब स्थापना को प्रोत्साहित करके इस अंतर को पाटने का प्रयास करता है, परन्तु फाउंड्री निवेश आकर्षित करने हेतु निरंतर नीतिगत प्रतिबद्धता, कुशल कार्यबल और विश्वसनीय अवसंरचना अपेक्षित है।
अर्धचालकों के लिए Production Linked Incentive योजना तथा डिज़ाइन-लिंक्ड प्रोत्साहनों के माध्यम से एक समग्र पारिस्थितिकी तंत्र निर्मित करने का प्रयास किया जा रहा है। सार्वजनिक क्षेत्र के संस्थान और शैक्षणिक साझेदारियाँ चिप डिज़ाइनरों की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक हैं, जो डिज़ाइन से tape-out और फिर बड़े पैमाने पर उत्पादन तक क्रमिक प्रगति कर सकें।
स्वदेशी माइक्रोप्रोसेसर विकास एक दीर्घकालिक प्रयास है, जिसमें डिज़ाइन, निर्माण और प्रतिभा में समन्वित निवेश अपेक्षित है। वास्तविक अर्धचालक संप्रभुता की प्राप्ति छिटपुट घोषणाओं से नहीं, बल्कि निरंतर नीतिगत स्थिरता से ही संभव होगी।
GS Answer Coach आपके उत्तर को Introduction, Body, Conclusion के आधार पर परखता है — 30 सेकंड में।
Essay Coach · GS Answer Coach · Cutoff Planner · 500+ Mains PYQs — साइन अप मुफ्त।