Sarkari RiseLogin

Sustainable Finance / Bonds — UPSC मुख्य परीक्षा मॉडल उत्तर

Economy · UPSC CSE
प्रश्न: सतत वित्त और जलवायु बॉन्ड — Paris Agreement के संदर्भ में महत्त्व, विकास और शासन-संबंधी चुनौतियाँ

प्रस्तावना

सतत वित्त साधन — हरित, सामाजिक एवं जलवायु बॉन्ड — निजी पूँजी को Paris Agreement के 2°C से नीचे तापमान सीमित रखने के लक्ष्य की ओर प्रवाहित करने हेतु महत्त्वपूर्ण तंत्र के रूप में उभरे हैं।

मुख्य बिंदु

1. सतत बॉन्ड की संरचना

हरित एवं जलवायु बॉन्ड ऐसे ऋण साधन हैं जिनकी आय नवीकरणीय ऊर्जा, स्वच्छ परिवहन और जलवायु अनुकूलन जैसी पर्यावरणीय परियोजनाओं हेतु आरक्षित रहती है। International Capital Market Association के Green Bond Principles निर्गमन, आय के उपयोग और रिपोर्टिंग के लिए स्वैच्छिक ढाँचा प्रदान करते हैं, जिससे बाज़ार की विश्वसनीयता सुनिश्चित होती है।

2. विकास और भारत की स्थिति

विगत एक दशक में वैश्विक सतत बॉन्ड निर्गमन में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जिसमें संप्रभु सरकारें, बहुपक्षीय विकास बैंक और कॉर्पोरेट संस्थाएँ सहभागी हैं। भारत ने 2023 में अपना प्रथम संप्रभु हरित बॉन्ड जारी किया, जो सार्वजनिक उधारी को निम्न-कार्बन अवसंरचना की ओर निर्देशित करने की संस्थागत प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

3. ग्रीनवॉशिंग और विनियामक जोखिम

सार्वभौमिक रूप से बाध्यकारी वर्गीकरण के अभाव में ग्रीनवॉशिंग का जोखिम उत्पन्न होता है, जहाँ आय को भ्रामक रूप से जलवायु-अनुकूल बताया जाता है। SEBI ने भारत में हरित ऋण प्रतिभूतियों हेतु प्रकटीकरण मानदंड लागू किए हैं, किंतु विभिन्न न्यायक्षेत्रों में प्रवर्तन क्षमता और तृतीय-पक्ष सत्यापन मानक असमान बने हुए हैं।

4. वित्तपोषण अंतराल और विकासशील अर्थव्यवस्थाएँ

विकासशील देशों को संरचनात्मक असुविधा का सामना करना पड़ता है — उच्च संप्रभु जोखिम प्रीमियम सतत बॉन्ड निर्गमन की लागत बढ़ा देते हैं। रियायती सार्वजनिक निधि एवं निजी पूँजी को संयुक्त करने वाले Blended Finance तंत्र इस अंतराल को पाटने और जलवायु वित्त को संवेदनशील अर्थव्यवस्थाओं तक पहुँचाने के लिए अनिवार्य हैं।

निष्कर्ष

सतत बॉन्ड एक आवश्यक किंतु अपर्याप्त साधन हैं। जलवायु वित्त अंतराल को पाटने के लिए सुसंगत वर्गीकरण, विश्वसनीय सत्यापन तंत्र और विकासशील अर्थव्यवस्थाओं को रियायती सहायता अनिवार्य है, ताकि पूँजी प्रवाह Paris Agreement की महत्त्वाकांक्षाओं के अनुरूप हो सके।

शब्द गणना: 281

AI से अपना उत्तर मूल्यांकन कराएँ

GS Answer Coach आपके उत्तर को Introduction, Body, Conclusion के आधार पर परखता है — 30 सेकंड में।

GS Answer Coach खोलेंइस topic के प्रश्न अभ्यास →

इसी topic के PYQ

PYQ 2026
A bond whose proceeds are used only to finance or refinance a combination of both environmental and social projects is called:
PYQ
Which international body publishes the 'Green Bond Principles' that provide voluntary guidelines for issuing green bonds?
PYQ
A bond specifically designed to raise funds for projects with positive social outcomes, such as affordable housing or healthcare for underprivileged communities, is called:
PYQ
India's first Sovereign Green Bond was issued in the financial year:
PYQ
The concept of 'ESG' investing, which is closely related to sustainable finance, stands for:

और Economy के मॉडल उत्तर

Agriculture
Agriculture / NMSA / Rainfed Area Development
Alternative Finance / Crowdfunding
Banking
Banking / Payment Systems
Banking / Syndicated Lending

UPSC मुख्य परीक्षा के लिए दैनिक AI कोच

Essay Coach · GS Answer Coach · Cutoff Planner · 500+ Mains PYQs — साइन अप मुफ्त।

मुफ्त साइन अपUPSC Pro देखें