Sarkari RiseLogin

Art and Culture / UNESCO Heritage — UPSC मुख्य परीक्षा मॉडल उत्तर

History · UPSC CSE
प्रश्न: भारत की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत और UNESCO की Intangible Cultural Heritage (ICH) सूची — जीवंत परंपराओं के संरक्षण का महत्व, प्रक्रिया और चुनौतियाँ

प्रस्तावना

UNESCO की Intangible Cultural Heritage सूची एक वैश्विक साधन है जो जीवंत परंपराओं — प्रदर्शन कलाओं, अनुष्ठानों, शिल्पकला और मौखिक अभिव्यक्तियों — को मान्यता देती है, जो पीढ़ियों में सामुदायिक पहचान और निरंतरता को परिभाषित करती हैं।

मुख्य बिंदु

1. ICH अभिसमय की प्रकृति और परिधि

2003 के UNESCO Convention for the Safeguarding of Intangible Cultural Heritage ने ICH को मूर्त स्मारकों से पृथक करने वाला एक ढाँचा स्थापित किया। इसमें मौखिक परंपराएँ, प्रदर्शन कलाएँ, सामाजिक प्रथाएँ, अनुष्ठान, उत्सव, प्रकृति-संबंधी ज्ञान और पारंपरिक शिल्पकला सम्मिलित हैं। भारत ने इस अभिसमय की पुष्टि कर जीवंत विरासत तत्वों के व्यवस्थित नामांकन को सक्षम बनाया।

2. भारत के अभिलेखन और हालिया समावेश

भारत ने Yoga, Kumbh Mela, Vedic chanting, Nawrouz और Durga Puja को Representative List में अभिलिखित कराया है। Garba of Gujarat को 2023 में सूचीबद्ध किया गया, जो भारत की जीवंत सांस्कृतिक विविधता को प्रतिबिंबित करता है। प्रत्येक अभिलेखन हेतु सामुदायिक भागीदारी और विद्यमान संरक्षण उपायों को प्रदर्शित करने वाला विस्तृत nomination dossier अनिवार्य होता है।

3. नीतिगत और संस्थागत ढाँचा

संस्कृति मंत्रालय, Sangeet Natak Akademi और Centre for Cultural Resources and Training जैसे निकायों के माध्यम से अमूर्त विरासत के प्रलेखन और संप्रेषण को समर्थन देता है। मास्टर कलाकारों को फेलोशिप तथा सांस्कृतिक संगठनों को अनुदान प्रदान करने वाली योजनाएँ घरेलू संरक्षण प्रयासों की परिचालन आधारशिला हैं।

4. संरक्षण में चुनौतियाँ

नगरीकरण, प्रवासन और व्यावसायीकरण अमूर्त विरासत के सामुदायिक संप्रेषण को क्षीण करते हैं। अभिलेखन विरोधाभासी रूप से अति-पर्यटन और संदर्भ-विच्छेद को प्रेरित कर सकता है, जिससे जीवंत प्रथाएँ मात्र दृश्य-प्रदर्शन बनकर रह जाती हैं। प्रामाणिकता और अनुकूली विकास के मध्य संतुलन बनाना एक स्थायी शासन-चुनौती है, जिसके लिए राज्य-केंद्रित के बजाय समुदाय-केंद्रित दृष्टिकोण अपेक्षित है।

निष्कर्ष

UNESCO का अभिलेखन दृश्यता प्रदान करता है, किंतु स्वयं में संरक्षण नहीं। स्थायी सुरक्षा के लिए अंतर-पीढ़ीगत संप्रेषण, सामुदायिक स्वामित्व और ऐसे नीतिगत ढाँचों में निरंतर निवेश आवश्यक है जो जीवंत विरासत को स्थिर नहीं, बल्कि गतिशील मानें।

शब्द गणना: 289

AI से अपना उत्तर मूल्यांकन कराएँ

GS Answer Coach आपके उत्तर को Introduction, Body, Conclusion के आधार पर परखता है — 30 सेकंड में।

GS Answer Coach खोलेंइस topic के प्रश्न अभ्यास →

और History के मॉडल उत्तर

Ahom Dynasty / UNESCO World Heritage / Moidams
Ancient History / Indus Valley Civilization
Ancient India
Ancient India / Buddhism
Ancient India / Buddhism and Cultural Contacts
Ancient India / Gupta Empire

UPSC मुख्य परीक्षा के लिए दैनिक AI कोच

Essay Coach · GS Answer Coach · Cutoff Planner · 500+ Mains PYQs — साइन अप मुफ्त।

मुफ्त साइन अपUPSC Pro देखें