Chinar Corps, जिसका मुख्यालय श्रीनगर में है, कश्मीर घाटी में आतंकवाद-रोधी और आंतरिक सुरक्षा प्रबंधन हेतु भारतीय सेना का प्रमुख अभियानात्मक गठन है — यह क्षेत्र दशकों से नागरिक-सैन्य समन्वय की परीक्षा लेता रहा है।
Chinar Corps उग्रवादी नेटवर्क को निष्क्रिय करने, घुसपैठ के विरुद्ध Line of Control की सुरक्षा करने और कानून-व्यवस्था संकट के दौरान नागरिक प्रशासन को सहायता प्रदान करने के लिए उत्तरदायी है। इसके उत्तरदायित्व क्षेत्र में कश्मीर घाटी सम्मिलित है, जो भारत की सुरक्षा संरचना के सर्वाधिक संवेदनशील क्षेत्रों में से एक है।
प्रभावी आतंकवाद-रोधी अभियानों हेतु सेना, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों और राज्य पुलिस के मध्य निर्बाध समन्वय अनिवार्य है। जम्मू एवं कश्मीर में Unified Command संरचना इस समन्वय को संस्थागत रूप देती है, जिससे सैन्य अभियान व्यापक शासन उद्देश्यों के अधीन रहते हैं और नागरिक प्राधिकार विस्थापित नहीं होता।
अभियान Armed Forces (Special Powers) Act के अंतर्गत संचालित होते हैं, जो तैनात कर्मियों को तलाशी, गिरफ्तारी और बल-प्रयोग की शक्तियाँ प्रदान करता है। यह विधिक ढाँचा निरंतर विमर्श का विषय रहा है; न्यायालयों और नागरिक समाज ने दुरुपयोग रोकने हेतु सुदृढ़ जवाबदेही तंत्र की माँग की है।
वर्ष 2019 में जम्मू एवं कश्मीर के केंद्र शासित प्रदेशों में पुनर्गठन के पश्चात् सुरक्षा समीकरण में परिवर्तन आया है। उग्रवाद की घटनाओं में कमी और विकासात्मक गतिविधियों में वृद्धि ने कई जिलों में पुलिस-नेतृत्व वाले अभियानों की ओर क्रमिक संक्रमण को संभव बनाया है, जिसमें सेना सहायक भूमिका में आ गई है।
जम्मू एवं कश्मीर में स्थायी शांति के लिए सेना-केंद्रित अभियानों से पुलिस-नेतृत्व वाले शासन की ओर संक्रमण आवश्यक है। Chinar Corps की दीर्घकालिक प्रासंगिकता नागरिक संस्थाओं को प्रतिस्थापित करने में नहीं, अपितु सामान्यीकरण की प्रक्रिया में उन्हें सक्षम बनाने में निहित है।
GS Answer Coach आपके उत्तर को Introduction, Body, Conclusion के आधार पर परखता है — 30 सेकंड में।
Essay Coach · GS Answer Coach · Cutoff Planner · 500+ Mains PYQs — साइन अप मुफ्त।