Sarkari RiseLogin

Defence / Indian Army Operations — UPSC मुख्य परीक्षा मॉडल उत्तर

Polity · UPSC CSE
प्रश्न: नागरिक-सैन्य संबंध — दूरस्थ एवं संघर्ष-प्रभावित क्षेत्रों में भारतीय सेना के मानवीय एवं नागरिक कार्य अभियान

प्रस्तावना

भारतीय सेना के नागरिक कार्य कार्यक्रम, सुरक्षा उद्देश्यों और विकासात्मक आवश्यकताओं का सुनियोजित समन्वय प्रस्तुत करते हैं — विशेषतः उन दूरस्थ, उग्रवाद-प्रभावित एवं सीमावर्ती क्षेत्रों में जहाँ राज्य की प्रशासनिक पहुँच सीमित रहती है।

मुख्य बिंदु

1. नागरिक कार्य की प्रकृति एवं अधिदेश

नागरिक कार्य अभियानों के अंतर्गत सेना चिकित्सा शिविर, विद्यालय निर्माण, अवसंरचना मरम्मत तथा आवश्यक सामग्री वितरण जैसी गैर-युद्धक गतिविधियाँ संचालित करती है। इन अभियानों का दोहरा उद्देश्य होता है — तात्कालिक मानवीय आवश्यकताओं की पूर्ति और सुरक्षा बलों एवं स्थानीय समुदायों के मध्य विश्वास का निर्माण, जिससे उग्रवाद का सामाजिक आधार संकुचित होता है।

2. सीमावर्ती एवं संघर्ष क्षेत्रों में रणनीतिक महत्त्व

पूर्वोत्तर, Jammu & Kashmir तथा वामपंथी उग्रवाद-प्रभावित जिलों में पारंपरिक प्रशासनिक तंत्र प्रायः प्रभावी रूप से कार्य नहीं कर पाता। सेना इस शासन-रिक्तता को भरते हुए स्वास्थ्य सेवा, आपदा राहत एवं संपर्क के क्षेत्र में प्रथम-प्रतिसादकर्ता की भूमिका निभाती है। यह उपस्थिति राष्ट्रीय एकीकरण को सुदृढ़ करती है और गैर-राज्य अभिकर्ताओं द्वारा प्रसारित अलगाव की कथाओं का प्रतिकार करती है।

3. नागरिक प्रशासन के साथ समन्वय

प्रभावी नागरिक कार्य के लिए सेना, जिला प्रशासन एवं केंद्रीय मंत्रालयों के मध्य संरचित समन्वय अनिवार्य है। पूर्वोत्तर में Sadbhavana पहल जैसी योजनाएँ इस दृष्टिकोण को संस्थागत रूप देती हैं और वंचित समुदायों में शिक्षा, व्यावसायिक प्रशिक्षण तथा महिला सशक्तीकरण हेतु संसाधनों का प्रवाह सुनिश्चित करती हैं।

4. चुनौतियाँ एवं सीमाएँ

सैन्य तैनाती की समाप्ति के पश्चात नागरिक कार्य के परिणामों को बनाए रखना एक स्थायी चुनौती है। नागरिक एजेंसियों को समयबद्ध हस्तांतरण और दीर्घकालिक बजटीय प्रतिबद्धता के अभाव में विकासात्मक उपलब्धियाँ पलट सकती हैं। इसके अतिरिक्त भूमिका-संमिश्रण का जोखिम भी विद्यमान है, जिसमें दीर्घकालिक प्रशासनिक दायित्वों के कारण सेना का प्राथमिक युद्धक अधिदेश कमज़ोर पड़ सकता है।

निष्कर्ष

नागरिक कार्य अभियान सुरक्षा और विकास के मध्य की खाई को पाटते हैं, किंतु उनकी स्थायित्व नागरिक शासन को निर्बाध हस्तांतरण पर निर्भर करती है। इस हस्तांतरण तंत्र को संस्थागत रूप देना, सैन्य सद्भावना को स्थायी राज्य-वैधता में परिवर्तित करने के लिए अनिवार्य है।

शब्द गणना: 296

AI से अपना उत्तर मूल्यांकन कराएँ

GS Answer Coach आपके उत्तर को Introduction, Body, Conclusion के आधार पर परखता है — 30 सेकंड में।

GS Answer Coach खोलेंइस topic के प्रश्न अभ्यास →

और Polity के मॉडल उत्तर

Awards / Gandhi Peace Prize
BIMSTEC / Regional Cooperation
Constituent Assembly
Constitution
Constitution / Eighth Schedule & Amendments
Constitution / Parts of the Constitution

UPSC मुख्य परीक्षा के लिए दैनिक AI कोच

Essay Coach · GS Answer Coach · Cutoff Planner · 500+ Mains PYQs — साइन अप मुफ्त।

मुफ्त साइन अपUPSC Pro देखें