NEC Act 1971 के अंतर्गत स्थापित और 2002 में पुनर्गठित उत्तर पूर्वी परिषद (North Eastern Council), आठ उत्तर-पूर्वी राज्यों के आर्थिक एवं सामाजिक विकास हेतु नोडल अभिकरण के रूप में कार्य करती है तथा सहकारी संघवाद का एक विशिष्ट उपकरण है।
2002 के संशोधन द्वारा Sikkim को NEC की सदस्यता में सम्मिलित किया गया और परिषद के अधिदेश को परामर्शी समन्वय से सक्रिय क्षेत्रीय नियोजन तक विस्तारित किया गया। परिषद में संघटक राज्यों के राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री सदस्य होते हैं तथा केंद्रीय गृह मंत्री इसके अध्यक्ष होते हैं, जिससे संघीय स्वामित्व एवं केंद्रीय पर्यवेक्षण दोनों सुनिश्चित होते हैं।
NEC उत्तर-पूर्वी क्षेत्र के लिए क्षेत्रीय योजना तैयार कर सीधे केंद्र सरकार को प्रस्तुत करती है; National Development Council की पूर्व स्वीकृति की कोई वैधानिक अनिवार्यता नहीं है। यह प्रत्यक्ष प्रस्तुति तंत्र क्षेत्रीय प्राथमिकताओं को राष्ट्रीय नियोजन ढाँचे में शीघ्रता से समाहित करने में सहायक है।
एक सामान्य भ्रांति के विपरीत, NEC की क्षेत्रीय योजना में क्षेत्रीय महत्त्व की अंतर-राज्यीय एवं राज्य-आंतरिक दोनों प्रकार की परियोजनाएँ सम्मिलित हो सकती हैं। क्रियान्वयन का उत्तरदायित्व परियोजना के दायरे एवं प्रशासनिक अधिकार-क्षेत्र के अनुसार संबंधित राज्य अभिकरणों अथवा केंद्र सरकार पर निर्भर करता है।
अधिनियम में सभी NEC परियोजनाओं के लिए 100% केंद्रीय वित्त-पोषण की कोई अनिवार्यता नहीं है। वित्त-पोषण का स्वरूप केंद्रीय आवंटन एवं राज्य अंशदान के माध्यम से निर्धारित होता है, जिसमें केंद्र सरकार पर्याप्त किंतु आवश्यक रूप से संपूर्ण वित्त-पोषण नहीं करती; यह योजना-विशिष्ट मानदंडों पर निर्भर करता है।
अंतर-राज्यीय समन्वय की कमी, आवंटित निधियों का अल्प-उपयोग तथा अन्य केंद्रीय मंत्रालयों के साथ अधिदेश का अतिव्यापन प्रमुख चुनौतियाँ हैं। NEC की तकनीकी क्षमता को सुदृढ़ करना और परियोजनाओं का समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करना इसकी विकासात्मक संभावनाओं की प्राप्ति के लिए अनिवार्य है।
NEC भारत के सर्वाधिक सामरिक दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्र में केंद्रीय प्राधिकार एवं राज्य स्वायत्तता के मध्य एक विशिष्ट संवैधानिक स्थान रखती है। इसकी पूर्ण क्षमता की प्राप्ति के लिए परियोजना प्राथमिकता-निर्धारण में स्पष्टता, सुदृढ़ अनुश्रवण तंत्र और सभी संघटक हितधारकों की वास्तविक राजनीतिक इच्छाशक्ति आवश्यक है।
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